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Chamba News: सीट की होड़ में जान जोखिम में डाल रहे यात्री
Wed, 12 Aug 2026 10:54 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 12 Aug 2026 10:54 PM IST
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वर्कशॉप में बस के चलने का इंतजार करते यात्री : संवाद
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मरम्मत के लिए जाने वाली बस का वर्कशॉप तक कर रहे पीछा, आस-पास रहकर करते हैं इंतजार
बस की मरम्मत होते ही जुट जाती है भीड़, समझाने के बावजूद नहीं मान रहीं सवारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। सीट पाने की जल्दबाजी में कुछ यात्री बस का पीछा करते हुए एचआरटीसी वर्कशॉप तक पहुंच रहे हैं। मरम्मत पूरी होने तक वे परिसर में ही बस के आसपास रहते हैं। जैसे ही बस निकलने लगती है, सीट की होड़ में बच्चे, बुजुर्ग और अन्य यात्री उसके दरवाजे और आगे-पीछे तक पहुंच जाते हैं। तंग परिसर, गड्ढों और फिसलन के बीच यात्रियों की यह जल्दबाजी हादसे का कारण बन सकती है।
बुधवार को भी एचआरटीसी वर्कशॉप में ऐसा ही नजारा दिखा। दोपहर करीब एक बजे बस स्टैंड से अगाहर-जम्मुहार रूट पर जाने वाली बस मरम्मत के लिए वर्कशॉप पहुंची तो कुछ यात्री भी पहुंच गए। मरम्मत होने तक यात्री बस के आसपास खड़े रहे। कोई दरवाजे के पास था तो कोई बस के पीछे खड़ा होकर उसके बाहर निकलने का इंतजार करता रहा।
मरम्मत के बाद बस को निकालने की तैयारी हुई तो चालक को पहले यात्रियों को हटाना पड़ा। करीब एक घंटे बाद चंबा-खज्जियार रूट की बस की मरम्मत पूरी हुई। बस के बाहर निकलते ही फिर यात्रियों की भीड़ उसके आसपास जमा हो गई। कई बार समझाने के बावजूद कुछ यात्री बस से दूरी बनाने को तैयार नहीं हुए।
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एचआरटीसी के वर्कशॉप परिसर में बरसात के कारण जगह-जगह पानी जमा होने से गड्ढे और फिसलन है। चलती बस के आगे-पीछे या उसके बेहद करीब खड़े रहना जोखिम भरा है।
यात्रियों की भीड़ के कारण वर्कशॉप में बसों की आवाजाही और मरम्मत कार्य भी प्रभावित हो रहा है। बस को बाहर निकालते समय चालक को लोगों को हटाने के लिए बार-बार रुकना पड़ता है। इससे न केवल दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, बल्कि वर्कशॉप में काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी असर पड़ता है।
एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने कहा कि यात्रियों को कई बार वर्कशॉप परिसर में नहीं आने के लिए समझाया गया है। बावजूद इसके कुछ लोग सीट पाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर वहां पहुंच जाते हैं। समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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बस की मरम्मत होते ही जुट जाती है भीड़, समझाने के बावजूद नहीं मान रहीं सवारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। सीट पाने की जल्दबाजी में कुछ यात्री बस का पीछा करते हुए एचआरटीसी वर्कशॉप तक पहुंच रहे हैं। मरम्मत पूरी होने तक वे परिसर में ही बस के आसपास रहते हैं। जैसे ही बस निकलने लगती है, सीट की होड़ में बच्चे, बुजुर्ग और अन्य यात्री उसके दरवाजे और आगे-पीछे तक पहुंच जाते हैं। तंग परिसर, गड्ढों और फिसलन के बीच यात्रियों की यह जल्दबाजी हादसे का कारण बन सकती है।
बुधवार को भी एचआरटीसी वर्कशॉप में ऐसा ही नजारा दिखा। दोपहर करीब एक बजे बस स्टैंड से अगाहर-जम्मुहार रूट पर जाने वाली बस मरम्मत के लिए वर्कशॉप पहुंची तो कुछ यात्री भी पहुंच गए। मरम्मत होने तक यात्री बस के आसपास खड़े रहे। कोई दरवाजे के पास था तो कोई बस के पीछे खड़ा होकर उसके बाहर निकलने का इंतजार करता रहा।
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मरम्मत के बाद बस को निकालने की तैयारी हुई तो चालक को पहले यात्रियों को हटाना पड़ा। करीब एक घंटे बाद चंबा-खज्जियार रूट की बस की मरम्मत पूरी हुई। बस के बाहर निकलते ही फिर यात्रियों की भीड़ उसके आसपास जमा हो गई। कई बार समझाने के बावजूद कुछ यात्री बस से दूरी बनाने को तैयार नहीं हुए।
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एचआरटीसी के वर्कशॉप परिसर में बरसात के कारण जगह-जगह पानी जमा होने से गड्ढे और फिसलन है। चलती बस के आगे-पीछे या उसके बेहद करीब खड़े रहना जोखिम भरा है।
यात्रियों की भीड़ के कारण वर्कशॉप में बसों की आवाजाही और मरम्मत कार्य भी प्रभावित हो रहा है। बस को बाहर निकालते समय चालक को लोगों को हटाने के लिए बार-बार रुकना पड़ता है। इससे न केवल दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, बल्कि वर्कशॉप में काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी असर पड़ता है।
एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने कहा कि यात्रियों को कई बार वर्कशॉप परिसर में नहीं आने के लिए समझाया गया है। बावजूद इसके कुछ लोग सीट पाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर वहां पहुंच जाते हैं। समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।