{"_id":"6978f07b1b7bcc3c9e081572","slug":"pensioners-did-not-receive-their-pension-even-after-the-27th-committee-chamba-news-c-88-1-ssml1004-173037-2026-01-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेंशनरों को 27 तारीख के बाद भी नहीं मिली पेंशन : समिति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेंशनरों को 27 तारीख के बाद भी नहीं मिली पेंशन : समिति
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 27 Jan 2026 10:36 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
चंबा। हिमाचल पथ परिवहन निगम के पेंशनराें ने पेंशन समय पर न देने को लेकर सरकार को घेरा है। निगम के पेंशनर कल्याण संगठन के प्रधान कुलदीप कुमार और सेवानिवृत्त कल्याण मंच के वरिष्ठ उपप्रधान भूपिंद्र जसरोटिया ने संयुक्त संघर्ष समिति इकाई चंबा की ओर से संयुक्त बयान जारी कर कहा कि 27 तारीख बीत जाने के बाद साढ़े चार हजार पेंशनरों को पेंशन जारी नहीं हो पाई है।
साल का पहला त्योहार लोहड़ी भी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए फीका रहा। ऐसा लगता है कि सरकार को इन सेवानिवृत्त कर्मचारियों का कोई भी ध्यान नहीं है। उनकी ओर से हर बार सरकार से महीने की पहली तारीख को पेंशन जारी करने की गुहार लगाई जाती है। बावजूद इसके सरकार इतनी गहरी नींद में सोई हुई है कि महीने के अंत तक भी पेंशन नहीं दी जाती है। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है।
उन्हाेंने कहा कि पेंशन के अभाव में उन्हें अपने परिवार का पालन पोषण करना भी मुश्किल हो रहा है। यहां तक की उन्हें अपना इलाज करवाने में भी असंभव है। सरकार की बेरुखी सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर भारी पड़ रही है। हिमाचल प्रदेश के सभी पेंशनरों को सरकार पहली तारीख को पेंशन डाल देती है, लेकिन निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारी के साथ हर बार सौतेला व्यवहार ही हो रहा है। जिस कारण इस उम्र में भी पेंशनरों को आंदोलन की राह पर जाना पड़ रहा है।
अब इन सेवानिवृत्त कर्मचारियों का इंतजार करने का धैर्य लगभग खत्म हो गया है। उन्होंने साफ किया है कि अगर सरकार की यही बेरुखी रही तो आने वाले समय में सरकार के प्रति बहुत बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार व निगम प्रबंधन की होगी। संगठन पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि समय रहते उनकी उचित मांगों पर ध्यान देते हुए उन्हें पूरा किया जाए।
Trending Videos
साल का पहला त्योहार लोहड़ी भी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए फीका रहा। ऐसा लगता है कि सरकार को इन सेवानिवृत्त कर्मचारियों का कोई भी ध्यान नहीं है। उनकी ओर से हर बार सरकार से महीने की पहली तारीख को पेंशन जारी करने की गुहार लगाई जाती है। बावजूद इसके सरकार इतनी गहरी नींद में सोई हुई है कि महीने के अंत तक भी पेंशन नहीं दी जाती है। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्हाेंने कहा कि पेंशन के अभाव में उन्हें अपने परिवार का पालन पोषण करना भी मुश्किल हो रहा है। यहां तक की उन्हें अपना इलाज करवाने में भी असंभव है। सरकार की बेरुखी सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर भारी पड़ रही है। हिमाचल प्रदेश के सभी पेंशनरों को सरकार पहली तारीख को पेंशन डाल देती है, लेकिन निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारी के साथ हर बार सौतेला व्यवहार ही हो रहा है। जिस कारण इस उम्र में भी पेंशनरों को आंदोलन की राह पर जाना पड़ रहा है।
अब इन सेवानिवृत्त कर्मचारियों का इंतजार करने का धैर्य लगभग खत्म हो गया है। उन्होंने साफ किया है कि अगर सरकार की यही बेरुखी रही तो आने वाले समय में सरकार के प्रति बहुत बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार व निगम प्रबंधन की होगी। संगठन पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि समय रहते उनकी उचित मांगों पर ध्यान देते हुए उन्हें पूरा किया जाए।