{"_id":"6a4150a01a3be9716603fe3a","slug":"polio-vaccine-administered-to-9457-children-in-the-samot-health-block-chamba-news-c-88-1-cmb1014-188193-2026-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: स्वास्थ्य खंड समोट में 9457 बच्चों को पिलाई गई पोलियो की दवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: स्वास्थ्य खंड समोट में 9457 बच्चों को पिलाई गई पोलियो की दवाई
Mon, 29 Jun 2026 10:19 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 29 Jun 2026 10:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बनीखेत (चंबा)। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार को स्वास्थ्य खंड समोट के अंतर्गत 87 बूथों पर पांच वर्ष तक की आयु के 9457 बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंदें पिलाई गईं। अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में बूथ स्थापित कर बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाईं।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शाम लाल ने बताया कि देशव्यापी पल्स पोलियो कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य खंड समोट में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 87 बूथों पर बच्चों को पोलियो की ड्रॉप्स पिलाई गई। उन्होंने कहा कि पोलियो ड्रॉप्स बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर और स्थायी दिव्यांगता पैदा करने वाली बीमारी से बचाने का सबसे प्रभावी और सुरक्षित माध्यम है। प्रत्येक बच्चे को समय-समय पर पोलियो की खुराक मिलना आवश्यक है, ताकि उसके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो सके और पोलियो वायरस का पूरी तरह उन्मूलन सुनिश्चित किया जा सके। संवाद
विज्ञापन
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शाम लाल ने बताया कि देशव्यापी पल्स पोलियो कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य खंड समोट में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 87 बूथों पर बच्चों को पोलियो की ड्रॉप्स पिलाई गई। उन्होंने कहा कि पोलियो ड्रॉप्स बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर और स्थायी दिव्यांगता पैदा करने वाली बीमारी से बचाने का सबसे प्रभावी और सुरक्षित माध्यम है। प्रत्येक बच्चे को समय-समय पर पोलियो की खुराक मिलना आवश्यक है, ताकि उसके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो सके और पोलियो वायरस का पूरी तरह उन्मूलन सुनिश्चित किया जा सके। संवाद
विज्ञापन