{"_id":"6a842ffa07ee366f110fdc01","slug":"seven-temporary-culverts-washed-away-journey-became-longer-chamba-news-c-88-1-ssml1004-193536-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: सात अस्थायी पुलियां बहीं, सफर हुआ लंबा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: सात अस्थायी पुलियां बहीं, सफर हुआ लंबा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सात पुलियां बहीं, 400 ग्रामीणों की राह मुश्किल
भद्र खड्ड पर बनी थी एक लोहे और छह लकड़ी की पुलियां
400 ग्रामीणों की राह हुई मुश्किल, सैकड़ों लोगों की बढ़ी परेशानी
ग्राउंड रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। बादल फटने के बाद चौरासी चली नाले का जलस्तर बढ़ने से खुंदेल पंचायत के वार्ड नंबर एक गिरड़ के गांव अलमी को जोड़ने वाली लोहे की अस्थायी पुलिया रविवार को बह गई। इसके अतिरिक्त भद्र खड्ड पर बनीं छह और लकड़ी की अस्थायी पुलियां भी तेज बहाव की चपेट में आकर बह गईं। इससे बलौठ और खुंदेल पंचायतों के कलौंस, कैला, बलोठ, गरौंडी, कनेंतर और मल्ला गांवों की करीब 400 की आबादी की आवाजाही प्रभावित हुई है। पुलियां बहने के बाद ग्रामीणों के लिए आवागमन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब लोगों को गिरड़ से कनेतर, कनेतर से गिल्लू और गिल्लू से बतोट होकर आवाजाही करनी पड़ रही है। इससे पैदल सफर अब 20 किलोमीटर तक हो गया है। पुलियां बहाल होने पर यह दूरी करीब 12 किलोमीटर रह जाएगी। बतोटू से अलमी तक मार्ग स्वीकृत हो चुका है लेकिन अभी तक इसका निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। बरसात में अस्थायी पुलियां बहने से हर वर्ष ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से सड़क का निर्माण जल्द शुरू करवाने के साथ ही भद्र खड्ड पर स्थायी पुल और आवश्यक स्थानों पर अस्थायी पुलियों का निर्माण करवाने की मांग की है।
- बादल फटने से नाले का जलस्तर बढ़ने से लोहे का पुल और छह लकड़ी की अस्थायी पुलियां बह गई हैं। इससे लोगों की राह रुक गई है। -प्यार सिंह, पूर्व वार्ड सदस्य
- पुलियां बहने से बलौठ और खुंदेल पंचायतों के गांवों के करीब 400 लोग प्रभावित हुए हैं। लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। -प्रकाश चंद, मंदिर पुजारी
- बतोटू-अलमी मार्ग स्वीकृत होने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है। इससे ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। -चुनी लाल, अलमी निवासी
- पुलियां न होने से ग्रामीणों को करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त पैदल सफर करना पड़ेगा। इससे बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी बढ़ेगी। -जयराम, पूर्व वार्ड सदस्य
विज्ञापन
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि अस्थायी पुलियों के स्थान पर नई पुलियां बनाने और ग्रामीणों को राहत देने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं। सड़क का कार्य जल्द शुरू करवाने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
भद्र खड्ड पर बनी थी एक लोहे और छह लकड़ी की पुलियां
400 ग्रामीणों की राह हुई मुश्किल, सैकड़ों लोगों की बढ़ी परेशानी
ग्राउंड रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। बादल फटने के बाद चौरासी चली नाले का जलस्तर बढ़ने से खुंदेल पंचायत के वार्ड नंबर एक गिरड़ के गांव अलमी को जोड़ने वाली लोहे की अस्थायी पुलिया रविवार को बह गई। इसके अतिरिक्त भद्र खड्ड पर बनीं छह और लकड़ी की अस्थायी पुलियां भी तेज बहाव की चपेट में आकर बह गईं। इससे बलौठ और खुंदेल पंचायतों के कलौंस, कैला, बलोठ, गरौंडी, कनेंतर और मल्ला गांवों की करीब 400 की आबादी की आवाजाही प्रभावित हुई है। पुलियां बहने के बाद ग्रामीणों के लिए आवागमन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब लोगों को गिरड़ से कनेतर, कनेतर से गिल्लू और गिल्लू से बतोट होकर आवाजाही करनी पड़ रही है। इससे पैदल सफर अब 20 किलोमीटर तक हो गया है। पुलियां बहाल होने पर यह दूरी करीब 12 किलोमीटर रह जाएगी। बतोटू से अलमी तक मार्ग स्वीकृत हो चुका है लेकिन अभी तक इसका निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। बरसात में अस्थायी पुलियां बहने से हर वर्ष ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से सड़क का निर्माण जल्द शुरू करवाने के साथ ही भद्र खड्ड पर स्थायी पुल और आवश्यक स्थानों पर अस्थायी पुलियों का निर्माण करवाने की मांग की है।
- बादल फटने से नाले का जलस्तर बढ़ने से लोहे का पुल और छह लकड़ी की अस्थायी पुलियां बह गई हैं। इससे लोगों की राह रुक गई है। -प्यार सिंह, पूर्व वार्ड सदस्य
विज्ञापन
- पुलियां बहने से बलौठ और खुंदेल पंचायतों के गांवों के करीब 400 लोग प्रभावित हुए हैं। लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। -प्रकाश चंद, मंदिर पुजारी
- बतोटू-अलमी मार्ग स्वीकृत होने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है। इससे ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। -चुनी लाल, अलमी निवासी
- पुलियां न होने से ग्रामीणों को करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त पैदल सफर करना पड़ेगा। इससे बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी बढ़ेगी। -जयराम, पूर्व वार्ड सदस्य
विज्ञापन
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि अस्थायी पुलियों के स्थान पर नई पुलियां बनाने और ग्रामीणों को राहत देने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं। सड़क का कार्य जल्द शुरू करवाने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश जारी किए गए हैं।