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Chamba News: महिलाओं के हुनर को उड़ान दे रहीं सलोचना
Sun, 09 Aug 2026 10:44 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 09 Aug 2026 10:44 PM IST
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20 साल में 30 जरूरतमंद महिलाओं को दिया ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण
अपना सैलून खोला, आज भी महिलाओं को निशुल्क सिखा रहीं हुनर
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। कुछ लोग अपने लिए रास्ता बनाते हैं तो कुछ दूसरों के लिए भी राह आसान कर देते हैं।
सुंडला की सलोचना ऐसी ही महिलाओं में शामिल हैं। करीब दो दशक पहले ब्यूटीशियन का हुनर सीखने की शुरुआत करने वाली सलोचना आज न केवल अपना सैलून चला रही हैं, बल्कि 30 महिलाओं को इस हुनर का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह भी दिखा चुकी हैं। जरूरतमंद महिलाओं के लिए उनका यह प्रयास आज भी जारी है। वह उन्हें निशुल्क प्रशिक्षण दे रही हैं।
सलोचना ने ब्यूटीशियन का काम सीखने के लिए किसी बड़े संस्थान का सहारा नहीं लिया। मोबाइल फोन पर उपलब्ध वीडियो और जानकारियों को शुरुआती माध्यम बनाया। नई-नई तकनीकें सीखीं, उन्हें खुद पर आजमाया और लगातार अभ्यास से अपने हुनर को निखारती गईं। धीरे-धीरे यही हुनर उनकी पहचान बन गया। करीब 20 वर्षों में वह 30 महिलाओं को ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण दे चुकी हैं। इनमें कई महिलाओं ने प्रशिक्षण के बाद अपने स्तर पर काम शुरू किया।
सलोचना कहती हैं कि उनका प्रयास है कि आर्थिक रूप से कमजोर या जरूरतमंद महिलाएं भी ऐसा हुनर सीखें, जिससे वे बिना किसी पर निर्भर हुए अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। अब सलोचना ने अपना सैलून भी शुरू कर दिया है।
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अपना सैलून खोला, आज भी महिलाओं को निशुल्क सिखा रहीं हुनर
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। कुछ लोग अपने लिए रास्ता बनाते हैं तो कुछ दूसरों के लिए भी राह आसान कर देते हैं।
सुंडला की सलोचना ऐसी ही महिलाओं में शामिल हैं। करीब दो दशक पहले ब्यूटीशियन का हुनर सीखने की शुरुआत करने वाली सलोचना आज न केवल अपना सैलून चला रही हैं, बल्कि 30 महिलाओं को इस हुनर का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह भी दिखा चुकी हैं। जरूरतमंद महिलाओं के लिए उनका यह प्रयास आज भी जारी है। वह उन्हें निशुल्क प्रशिक्षण दे रही हैं।
सलोचना ने ब्यूटीशियन का काम सीखने के लिए किसी बड़े संस्थान का सहारा नहीं लिया। मोबाइल फोन पर उपलब्ध वीडियो और जानकारियों को शुरुआती माध्यम बनाया। नई-नई तकनीकें सीखीं, उन्हें खुद पर आजमाया और लगातार अभ्यास से अपने हुनर को निखारती गईं। धीरे-धीरे यही हुनर उनकी पहचान बन गया। करीब 20 वर्षों में वह 30 महिलाओं को ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण दे चुकी हैं। इनमें कई महिलाओं ने प्रशिक्षण के बाद अपने स्तर पर काम शुरू किया।
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सलोचना कहती हैं कि उनका प्रयास है कि आर्थिक रूप से कमजोर या जरूरतमंद महिलाएं भी ऐसा हुनर सीखें, जिससे वे बिना किसी पर निर्भर हुए अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। अब सलोचना ने अपना सैलून भी शुरू कर दिया है।
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