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Chamba News: बाड़का पंचायत में जांच के लिए पहुंची टीम
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ग्राम पंचायत बाड़का में जांच टीम पंचायत प्रधान, पूर्व प्रधान व सचिव के बयान दर्ज करती हुई। संवा
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तेलका (चंबा)। विकास खंड सलूणी की ओर से गठित जांच समिति मंगलवार को ग्राम पंचायत बाड़का पहुंची। समिति ने 15वें वित्त आयोग के तहत वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक करवाए गए विकास कार्यों, बीपीएल सूची और ग्राम सभा से संबंधित शिकायतों की जांच की।
समाज शिक्षा एवं खंड योजना अधिकारी सुरेश कुमार की अध्यक्षता में गठित जांच समिति में कनिष्ठ अभियंता कालू राम, पंचायत निरीक्षक दर्शन सिंह और ग्राम पंचायत बेड़ी के पंचायत सचिव नीलक सदस्य के रूप में शामिल रहे। समिति ने शिकायत से जुड़े दस्तावेजों का निरीक्षण किया और संबंधित पक्षों के हस्तलिखित बयान दर्ज किए। जांच के दौरान प्रधान सिलमो देवी, पूर्व प्रधान प्रेहलाद देवल (ब्याणा) तथा पंचायत सचिव शिव कुमार के हस्तलिखित बयान लिए गए। पंचायत सचिव शिव कुमार ने जांच समिति के समक्ष कहा कि पंचायत से संबंधित ओटीपी उनके मोबाइल नंबर पर ही प्राप्त होता है। जांच के दौरान रिकॉर्ड में भी सचिव का मोबाइल नंबर दर्ज पाया गया।
वहीं, शिकायतकर्ता धीरज चौहान का कहना है कि पहले पंचायत से संबंधित ओटीपी प्रधान के मोबाइल नंबर पर प्राप्त होता था लेकिन शिकायत दर्ज होने के बाद मोबाइल नंबर बदलकर सचिव के नंबर पर कर दिया गया। उनका आरोप है कि 15वें वित्त आयोग के कार्यों में कई अनियमितताएं पाई गई हैं। जांच समिति ने संबंधित पक्षों को आवश्यक दस्तावेज एवं स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। उनका कहना है कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद जांच रिपोर्ट से पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। दूसरी ओर उपप्रधान दर्शन कुमार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 7 जुलाई को आयोजित ग्राम सभा में बैठक शुरू होने से पहले कोरम पूरा नहीं हुआ था। इस दौरान पूर्व प्रधान प्रेहलाद देवल उपस्थित लोगों के साथ चर्चा कर रहे थे। कोरम पूरा होने के बाद ही प्रधान सिलमो देवी ने ग्राम सभा की अध्यक्षता शुरू की थी। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा की कार्यवाही नियमानुसार संचालित की गई थी। जांच समिति ने सभी संबंधित पक्षों को 10 दिनों के भीतर आवश्यक दस्तावेज एवं स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। समिति के अनुसार प्राप्त अभिलेखों, बयानों एवं अन्य साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद विस्तृत जांच रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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समाज शिक्षा एवं खंड योजना अधिकारी सुरेश कुमार की अध्यक्षता में गठित जांच समिति में कनिष्ठ अभियंता कालू राम, पंचायत निरीक्षक दर्शन सिंह और ग्राम पंचायत बेड़ी के पंचायत सचिव नीलक सदस्य के रूप में शामिल रहे। समिति ने शिकायत से जुड़े दस्तावेजों का निरीक्षण किया और संबंधित पक्षों के हस्तलिखित बयान दर्ज किए। जांच के दौरान प्रधान सिलमो देवी, पूर्व प्रधान प्रेहलाद देवल (ब्याणा) तथा पंचायत सचिव शिव कुमार के हस्तलिखित बयान लिए गए। पंचायत सचिव शिव कुमार ने जांच समिति के समक्ष कहा कि पंचायत से संबंधित ओटीपी उनके मोबाइल नंबर पर ही प्राप्त होता है। जांच के दौरान रिकॉर्ड में भी सचिव का मोबाइल नंबर दर्ज पाया गया।
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वहीं, शिकायतकर्ता धीरज चौहान का कहना है कि पहले पंचायत से संबंधित ओटीपी प्रधान के मोबाइल नंबर पर प्राप्त होता था लेकिन शिकायत दर्ज होने के बाद मोबाइल नंबर बदलकर सचिव के नंबर पर कर दिया गया। उनका आरोप है कि 15वें वित्त आयोग के कार्यों में कई अनियमितताएं पाई गई हैं। जांच समिति ने संबंधित पक्षों को आवश्यक दस्तावेज एवं स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। उनका कहना है कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद जांच रिपोर्ट से पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। दूसरी ओर उपप्रधान दर्शन कुमार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 7 जुलाई को आयोजित ग्राम सभा में बैठक शुरू होने से पहले कोरम पूरा नहीं हुआ था। इस दौरान पूर्व प्रधान प्रेहलाद देवल उपस्थित लोगों के साथ चर्चा कर रहे थे। कोरम पूरा होने के बाद ही प्रधान सिलमो देवी ने ग्राम सभा की अध्यक्षता शुरू की थी। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा की कार्यवाही नियमानुसार संचालित की गई थी। जांच समिति ने सभी संबंधित पक्षों को 10 दिनों के भीतर आवश्यक दस्तावेज एवं स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। समिति के अनुसार प्राप्त अभिलेखों, बयानों एवं अन्य साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद विस्तृत जांच रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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