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Chamba News: कर्मियों के लिए आग बुझाने से पहले रास्ता बनाने की चुनौती
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चंबा। जिले में अग्निशमन विभाग की त्वरित कार्रवाई अतिक्रमण और यातायात जाम जैसी समस्याओं के कारण प्रभावित हो रही है। चंबा शहर में अग्निशमन विभाग के कार्यालय के बाहर कई रेहड़ी-फड़ी धारकों ने वाहनों के सामने तक कब्जा कर रखा है।
इससे आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को स्टेशन से बाहर निकालने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार शहर से बाहर निकलने में भी अतिरिक्त समय लग जाता है, जिससे आग की घटनाओं में समय पर राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
वहीं, भरमौर क्षेत्र में भी अग्निशमन सेवाओं को लेकर व्यवस्था सवालों के घेरे में है। भरमौर अग्निशमन केंद्र मुख्यालय में स्थापित होने के बजाय खड़ामुख में संचालित है। ऐसे में भरमौर या आसपास के क्षेत्रों में आग लगने की सूचना मिलने पर दमकल वाहन को मौके तक पहुंचने में लंबा समय लग जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आपदा जैसी स्थिति में यह देरी भारी नुकसान का कारण बन सकती है। बनीखेत क्षेत्र में लगातार लगने वाले यातायात जाम का असर भी अग्निशमन सेवाओं पर पड़ रहा है। जाम के कारण दमकल वाहन को डलहौजी और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचने में अपेक्षा से अधिक समय लगता है।
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डलहौजी जैसे पर्यटन स्थल के लिए अलग अग्निशमन केंद्र नहीं होने से वहां आग की किसी भी घटना पर दमकल वाहन बनीखेत से भेजा जाता है। ऐसे में जाम की स्थिति राहत एवं बचाव कार्य में बाधा बन रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि चंबा अग्निशमन कार्यालय के बाहर से अतिक्रमण हटाया जाए। भरमौर मुख्यालय में अग्निशमन केंद्र स्थापित किया जाए। बनीखेत में यातायात प्रबंधन को प्रभावी बनाकर दमकल वाहनों के आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल का कहना है कि शहर में अग्निशमन केंद्र को बाहर लाने के लिए योजना तैयार की जा रही है। प्रशासन इसके बारे में संभावनाएं तलाश रहा है।
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इससे आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को स्टेशन से बाहर निकालने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार शहर से बाहर निकलने में भी अतिरिक्त समय लग जाता है, जिससे आग की घटनाओं में समय पर राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
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वहीं, भरमौर क्षेत्र में भी अग्निशमन सेवाओं को लेकर व्यवस्था सवालों के घेरे में है। भरमौर अग्निशमन केंद्र मुख्यालय में स्थापित होने के बजाय खड़ामुख में संचालित है। ऐसे में भरमौर या आसपास के क्षेत्रों में आग लगने की सूचना मिलने पर दमकल वाहन को मौके तक पहुंचने में लंबा समय लग जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आपदा जैसी स्थिति में यह देरी भारी नुकसान का कारण बन सकती है। बनीखेत क्षेत्र में लगातार लगने वाले यातायात जाम का असर भी अग्निशमन सेवाओं पर पड़ रहा है। जाम के कारण दमकल वाहन को डलहौजी और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचने में अपेक्षा से अधिक समय लगता है।
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डलहौजी जैसे पर्यटन स्थल के लिए अलग अग्निशमन केंद्र नहीं होने से वहां आग की किसी भी घटना पर दमकल वाहन बनीखेत से भेजा जाता है। ऐसे में जाम की स्थिति राहत एवं बचाव कार्य में बाधा बन रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि चंबा अग्निशमन कार्यालय के बाहर से अतिक्रमण हटाया जाए। भरमौर मुख्यालय में अग्निशमन केंद्र स्थापित किया जाए। बनीखेत में यातायात प्रबंधन को प्रभावी बनाकर दमकल वाहनों के आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल का कहना है कि शहर में अग्निशमन केंद्र को बाहर लाने के लिए योजना तैयार की जा रही है। प्रशासन इसके बारे में संभावनाएं तलाश रहा है।