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Chamba News: ... साथ चलते-चलते गोद में टूट गई जीवन की डोर
Sun, 05 Jul 2026 11:43 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 05 Jul 2026 11:43 PM IST
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चंबा में गैहरा के पास निजी बस के अंदर सीट पर पड़ा पत्थर।संवाद
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साहिल के चचेरे भाई बोले - अब किसके साथ खुशी और गम साझा करूंगा
कहा- बचपन से सिर्फ रिश्तेदारी नहीं, एक-दूसरे का सहारा था दोनों का रिश्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। साहिल और विशाल का रिश्ता बचपन से सिर्फ रिश्तेदारी नहीं, एक-दूसरे का सहारा था। हादसे के बाद अस्पताल तक पहुंचते-पहुंचते भाई की गोद में ही साहिल ने आखिरी सांस ली।
कुछ ही पलों के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जो साथ जिंदगी भर की ताकत था, वही पल अब विशाल के लिए जिंदगी भर का सबसे भारी दर्द बन गया।
मेडिकल कॉलेज में छलकती आंखों के साथ ये शब्द साहिल के चचेरे भाई विशाल के मुंह से निकले। वह जोर-जोर से रोकर यही अलाप कर रहे थे कि अब वह किसके साथ अपनी खुशी और गम साझा करेंगे। वह चचेरा भाई था लेकिन दोनों में सगे भाइयों से भी ज्यादा प्यार था। उन्होंने कहा कि वह घायल साहिल को गोद में उठाकर कार से निकालकर अस्पताल ला रहे थे। इसी बीच उसने आखिरी सांस ली। अस्पताल में पहुंचने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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... कहीं भी कार्यक्रम या घूमने के लिए साथ ही जाते थे दोनों
विशाल ने कहा कि कोई भी कार्यक्रम हो या कहीं घूमने जाना हो तो दोनों हमेशा साथ ही जाते थे। एक-दूसरे के बिना कहीं नहीं जाते थे। शनिवार को भी दोनों भरमौर के चौरासी मंदिर में शिव नुआले में शिरकत करने गए थे। उन्हें क्या पता था कि यह उनका आखिरी साथ होगा।
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चचेरे भाई की तस्वीर ही बची... जिंदगी भर साथ रखूंगा
अस्पताल में उनके हाथ में साहिल का फोन था। इस पर उनके ताया का फोन आया। बेटे से बात करने के लिए उन्होंने किया लेकिन उनका बेटा तब तक इस दुनिया से जा चुका था। उनकी हिम्मत नहीं हो सकी कि वह उस फोन को उठाकर अपने ताया से बात कर सकें। अब चचेरे भाई के साथ के नाम पर उसके साथ खींची तस्वीर ही बची है। जिसे जिंदगी भर अपने साथ रखूंगा।
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कहा- बचपन से सिर्फ रिश्तेदारी नहीं, एक-दूसरे का सहारा था दोनों का रिश्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। साहिल और विशाल का रिश्ता बचपन से सिर्फ रिश्तेदारी नहीं, एक-दूसरे का सहारा था। हादसे के बाद अस्पताल तक पहुंचते-पहुंचते भाई की गोद में ही साहिल ने आखिरी सांस ली।
कुछ ही पलों के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जो साथ जिंदगी भर की ताकत था, वही पल अब विशाल के लिए जिंदगी भर का सबसे भारी दर्द बन गया।
मेडिकल कॉलेज में छलकती आंखों के साथ ये शब्द साहिल के चचेरे भाई विशाल के मुंह से निकले। वह जोर-जोर से रोकर यही अलाप कर रहे थे कि अब वह किसके साथ अपनी खुशी और गम साझा करेंगे। वह चचेरा भाई था लेकिन दोनों में सगे भाइयों से भी ज्यादा प्यार था। उन्होंने कहा कि वह घायल साहिल को गोद में उठाकर कार से निकालकर अस्पताल ला रहे थे। इसी बीच उसने आखिरी सांस ली। अस्पताल में पहुंचने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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... कहीं भी कार्यक्रम या घूमने के लिए साथ ही जाते थे दोनों
विशाल ने कहा कि कोई भी कार्यक्रम हो या कहीं घूमने जाना हो तो दोनों हमेशा साथ ही जाते थे। एक-दूसरे के बिना कहीं नहीं जाते थे। शनिवार को भी दोनों भरमौर के चौरासी मंदिर में शिव नुआले में शिरकत करने गए थे। उन्हें क्या पता था कि यह उनका आखिरी साथ होगा।
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चचेरे भाई की तस्वीर ही बची... जिंदगी भर साथ रखूंगा
अस्पताल में उनके हाथ में साहिल का फोन था। इस पर उनके ताया का फोन आया। बेटे से बात करने के लिए उन्होंने किया लेकिन उनका बेटा तब तक इस दुनिया से जा चुका था। उनकी हिम्मत नहीं हो सकी कि वह उस फोन को उठाकर अपने ताया से बात कर सकें। अब चचेरे भाई के साथ के नाम पर उसके साथ खींची तस्वीर ही बची है। जिसे जिंदगी भर अपने साथ रखूंगा।