हिमाचल: सीएम सुक्खू बोले- भाजपा कार्यकाल के पेपर लीक,भर्ती घोटालों पर लाएंगे श्वेत पत्र, मंत्रिमंडल में जाएगा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार के साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में सामने आए पेपर लीक, भर्ती अनियमितताओं और कथित भ्रष्टाचार के मामलों पर श्वेत पत्र लाने का एलान किया है। सोमवार को धर्मशाला में उन्होंने कहा कि इन मामलों की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जो तथ्यों का संकलन कर विस्तृत चार्जशीट और जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय करेगी। इस प्रस्ताव को जल्द राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत और एक्स पर जारी बयान में कहा कि चार्जशीट सिर्फ सरकारी दस्तावेज नहीं होगी, बल्कि जनता के सामने भी रखी जाएगी, ताकि लोग भर्ती प्रक्रियाओं में हुई अनियमितताओं और उनके लिए जिम्मेदार लोगों की जानकारी प्राप्त कर सकें।
बोले - मेरे कार्यकाल में पेपर लीक की एक भी घटना नहीं
सरकार का उद्देश्य राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य की सुरक्षा एवं भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। बीते वर्षों में हुई पेपर लीक घटनाओं से सबसे अधिक नुकसान उन विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों को हुआ, जिन्होंने परीक्षाओं की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत की थी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनके साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में पेपर लीक की एक भी घटना सामने नहीं आई। वर्ष 2017 से 2022 के बीच भाजपा सरकार के समय पुलिस भर्ती परीक्षा सहित तत्कालीन हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग में पेपर लीक के गंभीर मामले सामने आए थे। उन्होंने भाजपा और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा पर भी पलटवार करते हुए कहा कि जिन घटनाओं का उल्लेख भाजपा आज कर रही है, वे उनके अपने शासनकाल की हैं। हिमाचल भाजपा के नेता केंद्रीय नेतृत्व को गलत जानकारी दे रहे हैं।
जो लोग बिकना चाहते हैं, उन्हें जाने की पूरी स्वतंत्रता
सरकार की स्थिरता पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए सीएम ने कहा कि सरकार पूरी तरह मजबूत है और उसे जनता का समर्थन प्राप्त है। उनकी सरकार खरीद-फरोख्त की राजनीति में विश्वास नहीं करती। जो लोग बिकना चाहते हैं, उन्हें जाने की पूरी स्वतंत्रता है। मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि भाजपा के कुछ नेता कांग्रेस के संपर्क में हैं, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे लोगों को पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा। प्रदेश की जनता अब परंपराओं के बजाय सरकार के प्रदर्शन के आधार पर फैसला करेगी।
सरकारी स्कूलों पर बढ़ा भरोसा, 24 हजार बच्चों ने छोड़े निजी संस्थान : सुक्खू
प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों के शैक्षणिक स्तर में किए जा रहे व्यापक सुधारों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नगरोटा बगवां में बाल मेले के दौरान आयोजित जनसभा में बताया कि राज्य की सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर अभिभावकों और विद्यार्थियों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। इसी का नतीजा है कि इस शैक्षणिक सत्र में लगभग 24 हजार विद्यार्थियों ने निजी स्कूलों को छोड़कर 150 सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले सरकारी स्कूलों में प्रवेश लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रदेश सरकार मेडिकल काॅलेजों में स्नातकोत्तर (पीजी) सीटों की संख्या बढ़ा रही है। प्रदेश के मेडिकल काॅलेजों में 330 नई पीजी सीटें बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस निर्णय से टांडा मेडिकल काॅलेज में ही 100 पीजी सीटों की बढ़ोतरी होगी। सरकार के इस कदम से प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।