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HPBOSE 10th 12th Certificate: अब मिलेंगे वाटरप्रूफ और QR Code वाले ब्लॉकचेन सर्टिफिकेट, फटने का झंझट खत्म
Sun, 19 Jul 2026 11:26 AM IST
Ankesh Dogra
विपिन चौधरी, धर्मशाला।
विपिन चौधरी, धर्मशाला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 19 Jul 2026 11:26 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को इस वर्ष से ब्लॉकचेन तकनीक आधारित वाटरप्रूफ सर्टिफिकेट देगा। इन प्रमाणपत्रों में QR कोड होगा, जिससे ऑनलाइन वेरिफिकेशन आसान होगा और फर्जी प्रमाणपत्रों पर रोक लगेगी। यह सुविधा मार्च 2026 बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों को मिलेगी।
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला
- फोटो : संवाद न्यूज एंजेसी
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सर्टिफिकेट अब न तो पानी में भीग कर खराब होंगे और न ही उन्हें कोई आसानी से फाड़ सकेगा। ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में तैयार किए जा रहे सर्टिफिकेटों की डुप्लीकेसी पर भी रोक लगेगी। सर्टिफिकेट मार्च 2026 में हुई परीक्षा के अभ्यर्थियों को इस बार वितरित किए जाएंगे।
अभी तक विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट नहीं मिले हैं। इस बार इन सर्टिफिकेटों में क्यूआर कोड भी अंकित होगा। शिक्षा बोर्ड के अनुसार इस बार 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर आधारित सर्टिफिकेट मुहैया करवाए जाएंगे। इन सर्टिफिकेटों को शिक्षा बोर्ड की ओर से तैयार किया जा रहा है। इन सर्टिफिकेटों की खासियत होगी कि यह वाटरप्रूफ होंगे। सर्टिफिकेटों में क्यूआर कोड भी अंकित किया जा रहा है। कोड स्कैन करने पर परीक्षार्थी का एकेडमिक रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएगा।
इस सुविधा का लाभ विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को मिलेगा, जो उच्च शिक्षा, सरकारी नौकरियों या विदेश में एडमिशन के लिए आवेदन करते हैं। ऐसे मामलों में दस्तावेज वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अक्सर लंबी होती है। क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था से यह काम आसान और तेज हो सकेगा।
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क्या है ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी : ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी एक डिजिटल और विकेंद्रीयकृत बही खाता है, इसका उपयोग डेटा या लेनेदेन को सुरक्षित रूप से रिकार्ड करने के लिए किया जाता है। यह सूचनाओं का एक ऐसा जाल है, जिसे हैक करना, हटाना या उसमें बदलाव करना लगभग असंभव होता है।
इस बार शिक्षा बोर्ड ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के तहत सर्टिफिकेटों को तैयार कर रहा है। इन सर्टिफिकेटों में जहां क्यूआर कोड लगा होगा, वहीं इस व्यवस्था से सर्टिफिकेटों की डुप्लीकेसी भी रुकेगी। मार्च, 2026 में आयोजित हुई 10वीं और 12वीं कक्षा परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को यह सर्टिफिकेट इस बार से मुहैया करवाए जा रहे हैं। - डॉ. राजेश शर्मा, अध्यक्ष, शिक्षा बोर्ड धर्मशाला
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अभी तक विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट नहीं मिले हैं। इस बार इन सर्टिफिकेटों में क्यूआर कोड भी अंकित होगा। शिक्षा बोर्ड के अनुसार इस बार 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर आधारित सर्टिफिकेट मुहैया करवाए जाएंगे। इन सर्टिफिकेटों को शिक्षा बोर्ड की ओर से तैयार किया जा रहा है। इन सर्टिफिकेटों की खासियत होगी कि यह वाटरप्रूफ होंगे। सर्टिफिकेटों में क्यूआर कोड भी अंकित किया जा रहा है। कोड स्कैन करने पर परीक्षार्थी का एकेडमिक रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएगा।
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इस सुविधा का लाभ विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को मिलेगा, जो उच्च शिक्षा, सरकारी नौकरियों या विदेश में एडमिशन के लिए आवेदन करते हैं। ऐसे मामलों में दस्तावेज वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अक्सर लंबी होती है। क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था से यह काम आसान और तेज हो सकेगा।
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क्या है ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी : ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी एक डिजिटल और विकेंद्रीयकृत बही खाता है, इसका उपयोग डेटा या लेनेदेन को सुरक्षित रूप से रिकार्ड करने के लिए किया जाता है। यह सूचनाओं का एक ऐसा जाल है, जिसे हैक करना, हटाना या उसमें बदलाव करना लगभग असंभव होता है।
इस बार शिक्षा बोर्ड ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के तहत सर्टिफिकेटों को तैयार कर रहा है। इन सर्टिफिकेटों में जहां क्यूआर कोड लगा होगा, वहीं इस व्यवस्था से सर्टिफिकेटों की डुप्लीकेसी भी रुकेगी। मार्च, 2026 में आयोजित हुई 10वीं और 12वीं कक्षा परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को यह सर्टिफिकेट इस बार से मुहैया करवाए जा रहे हैं। - डॉ. राजेश शर्मा, अध्यक्ष, शिक्षा बोर्ड धर्मशाला