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Hamirpur (Himachal) News: दियोटसिद्ध में 40 कर्मचारी संभालेंगे सफाई का जिम्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 20 Mar 2026 01:22 AM IST
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दियोटसिद्ध में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने के लिए स्थापित किए गए कूड़ादान। संवाद
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दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच प्लास्टिक कचरे और सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मंदिर परिसर को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाए रखने के लिए समय-समय पर विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।
चैत्र मेलों में 40 कर्मचारी सफाई का जिम्मा संभालेंगे। मेले सहित अन्य बड़े आयोजनों के दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए दियोटसिद्ध पहुंचते हैं, जिससे कचरे की मात्रा में तेजी से वृद्धि हो रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष सफाई अभियान चलाए जा रहे हैं और अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है। मंदिर परिसर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पांच बड़े डंपर स्थापित किए हैं।
इसके साथ ही 40 सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जो दिनभर सफाई व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हुए हैं। प्लास्टिक मुक्त परिसर पर जोर मंदिर क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से पॉलिथीन बैग के इस्तेमाल पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। श्रद्धालुओं को कपड़े और जूट के थैले उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कूड़ा निस्तारण की पुख्ता व्यवस्था मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में डस्टबिन लगाए गए हैं।
कचरा संग्रहण के लिए वाहनों की नियमित आवाजाही सुनिश्चित की जा रही है, ताकि कूड़े का समय पर निस्तारण हो सके। प्रशासन द्वारा स्थानीय दुकानदारों और श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं।
वहीं, मंदिर अधिकारी केशव कुमार ने बताया कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए न्यास अध्यक्ष एवं एसडीएम बड़सर स्वाति डोगरा से विस्तृत चर्चा की गई है। बहुत जल्द एक प्रभावी वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी तैयार कर लागू की जाएगी, जिससे कचरा प्रबंधन को व्यवस्थित और स्थायी रूप दिया जा सके।
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चैत्र मेलों में 40 कर्मचारी सफाई का जिम्मा संभालेंगे। मेले सहित अन्य बड़े आयोजनों के दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए दियोटसिद्ध पहुंचते हैं, जिससे कचरे की मात्रा में तेजी से वृद्धि हो रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष सफाई अभियान चलाए जा रहे हैं और अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है। मंदिर परिसर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पांच बड़े डंपर स्थापित किए हैं।
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इसके साथ ही 40 सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जो दिनभर सफाई व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हुए हैं। प्लास्टिक मुक्त परिसर पर जोर मंदिर क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से पॉलिथीन बैग के इस्तेमाल पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। श्रद्धालुओं को कपड़े और जूट के थैले उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कूड़ा निस्तारण की पुख्ता व्यवस्था मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में डस्टबिन लगाए गए हैं।
कचरा संग्रहण के लिए वाहनों की नियमित आवाजाही सुनिश्चित की जा रही है, ताकि कूड़े का समय पर निस्तारण हो सके। प्रशासन द्वारा स्थानीय दुकानदारों और श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं।
वहीं, मंदिर अधिकारी केशव कुमार ने बताया कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए न्यास अध्यक्ष एवं एसडीएम बड़सर स्वाति डोगरा से विस्तृत चर्चा की गई है। बहुत जल्द एक प्रभावी वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी तैयार कर लागू की जाएगी, जिससे कचरा प्रबंधन को व्यवस्थित और स्थायी रूप दिया जा सके।