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Hamirpur (Himachal) News: अगल-बगल दफ्तर, चार माह से दहलीज नहीं लांघ पाई सबलेटिंग की फाइल
Wed, 15 Jul 2026 12:39 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 15 Jul 2026 12:39 AM IST
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सुजानपुर (हमीरपुर)। नगर परिषद सुजानपुर और एसडीएम कार्यालय के बीच महज 20 मीटर की दूरी है, लेकिन सबलेटिंग जांच से जुड़ी फाइल चार माह बाद भी एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय तक नहीं पहुंच पाई है।
इसके चलते नगर परिषद की दुकानों में कथित सबलेटिंग के करीब दो दर्जन मामलों में प्रस्तावित कार्रवाई ठप पड़ी हुई है। नगर परिषद ने शहर में 100 से अधिक दुकानें किराये पर आवंटित कर रखी हैं। इनसे मिलने वाला किराया परिषद की आय का प्रमुख स्रोत है।
लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ मूल किराएदार नियमों के विपरीत दुकानें अन्य लोगों को किराये पर देकर उनसे रकम वसूल रहे हैं, जिससे परिषद को राजस्व नुकसान हो रहा है। मामला सामने आने के बाद करीब पांच माह पहले एसडीएम ने नगर परिषद, पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी।
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समिति ने दुकानों का निरीक्षण, दस्तावेजों की जांच और संबंधित पक्षों से पूछताछ कर रिपोर्ट तैयार की थी। जांच में कई दुकानों में किरायानामे और मौके की स्थिति में अंतर पाया गया। कई स्थानों पर मूल किराएदारों के बजाय अन्य लोग दुकानें चलाते मिले।
जांच में करीब दो दर्जन किराएदार सबलेटिंग के मामलों में घिरे पाए गए। एसडीएम ने रिपोर्ट में सुधार कर अंतिम रिपोर्ट दोबारा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, लेकिन चार माह बीतने के बाद भी फाइल आगे नहीं बढ़ पाई।
इसके कारण आरोपी किराएदारों पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। शहरवासियों ने मामले में देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि आमने-सामने स्थित दोनों कार्यालयों के बीच फाइल पहुंचने में इतना समय लगना प्रशासनिक सुस्ती को दर्शाता है।
कोट
सबलेटिंग के मामले से संबंधित फाइल की जानकारी अभी नहीं है। इस संबंध में जानकारी ली जाएगी। उसके बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। -हर्षित शर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सुजानपुर
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इसके चलते नगर परिषद की दुकानों में कथित सबलेटिंग के करीब दो दर्जन मामलों में प्रस्तावित कार्रवाई ठप पड़ी हुई है। नगर परिषद ने शहर में 100 से अधिक दुकानें किराये पर आवंटित कर रखी हैं। इनसे मिलने वाला किराया परिषद की आय का प्रमुख स्रोत है।
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लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ मूल किराएदार नियमों के विपरीत दुकानें अन्य लोगों को किराये पर देकर उनसे रकम वसूल रहे हैं, जिससे परिषद को राजस्व नुकसान हो रहा है। मामला सामने आने के बाद करीब पांच माह पहले एसडीएम ने नगर परिषद, पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी।
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समिति ने दुकानों का निरीक्षण, दस्तावेजों की जांच और संबंधित पक्षों से पूछताछ कर रिपोर्ट तैयार की थी। जांच में कई दुकानों में किरायानामे और मौके की स्थिति में अंतर पाया गया। कई स्थानों पर मूल किराएदारों के बजाय अन्य लोग दुकानें चलाते मिले।
जांच में करीब दो दर्जन किराएदार सबलेटिंग के मामलों में घिरे पाए गए। एसडीएम ने रिपोर्ट में सुधार कर अंतिम रिपोर्ट दोबारा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, लेकिन चार माह बीतने के बाद भी फाइल आगे नहीं बढ़ पाई।
इसके कारण आरोपी किराएदारों पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। शहरवासियों ने मामले में देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि आमने-सामने स्थित दोनों कार्यालयों के बीच फाइल पहुंचने में इतना समय लगना प्रशासनिक सुस्ती को दर्शाता है।
कोट
सबलेटिंग के मामले से संबंधित फाइल की जानकारी अभी नहीं है। इस संबंध में जानकारी ली जाएगी। उसके बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। -हर्षित शर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सुजानपुर