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Hamirpur (Himachal) News: बच्चों को निमोनिया-दस्त से बचाव के लिए अभियान शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 19 Mar 2026 01:00 AM IST
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हमीरपुर। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अभियान चलाया है। अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर 0-5 साल के बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर रही हैं।
बच्चों के माता-पिता को ओआरएस और जिंक की गोलियां दी जा रही हैं। 16 मार्च से अभियान शुरू हुआ है। अभियान 30 मार्च तक चलेगा। दो सप्ताह तक चलने वाले अभियान में जिले में 30,933 बच्चों को कवर किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य निमोनिया और दस्त जैसी बीमारियों से बच्चों को बचाना और समय पर उपचार सुनिश्चित करना है।
घर-घर जाकर ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट) और जिंक की गोलियों का वितरण किया जा रहा है। इसके साथ ही अभिभावकों को दस्त के लक्षण, बचाव और सही उपचार के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। इस अभियान की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर न केवल दवाइयों का वितरण करेंगी, बल्कि परिवारों को स्वच्छता और पोषण से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश भी देंगी।
उन्हें यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। अभियान से क्षेत्र में बाल स्वास्थ्य को मजबूत करने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें। आशा कार्यकर्ताओं की ओर से दी जा रही सलाह का पालन करें।
किस स्वास्थ्य खंड से कितने बच्चे
जिले के छह स्वास्थ्य खंडों में 30,933 बच्चों को कवर किया जाएगा। इसमें स्वास्थ्य खंड टौणी देवी के 7868, भोरंज से 6273, बड़सर से 6203 बच्चों का लक्ष्य है। वहीं, सुजानपुर स्वास्थ्य खंड से 2802, गलोड़ से 3295 और नादौन से 4492 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच होगी।
कोट
5 साल तक के 30,933 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच के लिए अभियान शुरू किया है। आशा कार्यकर्ता घर-घर जा रही हैं। 30 मार्च को अभियान समाप्त होगा। -डॉ. अजय कुमार, जिला स्वास्थ्य अधिकारी
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बच्चों के माता-पिता को ओआरएस और जिंक की गोलियां दी जा रही हैं। 16 मार्च से अभियान शुरू हुआ है। अभियान 30 मार्च तक चलेगा। दो सप्ताह तक चलने वाले अभियान में जिले में 30,933 बच्चों को कवर किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य निमोनिया और दस्त जैसी बीमारियों से बच्चों को बचाना और समय पर उपचार सुनिश्चित करना है।
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घर-घर जाकर ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट) और जिंक की गोलियों का वितरण किया जा रहा है। इसके साथ ही अभिभावकों को दस्त के लक्षण, बचाव और सही उपचार के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। इस अभियान की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर न केवल दवाइयों का वितरण करेंगी, बल्कि परिवारों को स्वच्छता और पोषण से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश भी देंगी।
उन्हें यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। अभियान से क्षेत्र में बाल स्वास्थ्य को मजबूत करने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें। आशा कार्यकर्ताओं की ओर से दी जा रही सलाह का पालन करें।
किस स्वास्थ्य खंड से कितने बच्चे
जिले के छह स्वास्थ्य खंडों में 30,933 बच्चों को कवर किया जाएगा। इसमें स्वास्थ्य खंड टौणी देवी के 7868, भोरंज से 6273, बड़सर से 6203 बच्चों का लक्ष्य है। वहीं, सुजानपुर स्वास्थ्य खंड से 2802, गलोड़ से 3295 और नादौन से 4492 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच होगी।
कोट
5 साल तक के 30,933 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच के लिए अभियान शुरू किया है। आशा कार्यकर्ता घर-घर जा रही हैं। 30 मार्च को अभियान समाप्त होगा। -डॉ. अजय कुमार, जिला स्वास्थ्य अधिकारी