{"_id":"6a29ba88331b302ec90c3a24","slug":"childrens-daily-education-reports-will-now-reach-home-from-school-hamirpur-hp-news-c-94-1-ssml1011-196585-2026-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: अब स्कूल से घर तक पहुंचेगी बच्चों की दैनिक शिक्षा रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: अब स्कूल से घर तक पहुंचेगी बच्चों की दैनिक शिक्षा रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 11 Jun 2026 12:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हमीरपुर। प्री-प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ने वाले तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के नौनिहालों की सीखने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत अब बच्चों को स्कूल में क्या पढ़ाया गया, इसकी जानकारी सीधे अभिभावकों तक पहुंचाई जाएगी।
नई व्यवस्था के अनुसार शिक्षकों को प्रतिदिन पढ़ाए गए विषयों और गतिविधियों की जानकारी पीडीएफ के रूप में व्हाट्सएप ग्रुप में साझा करनी होगी। इसके बाद अभिभावक, विशेषकर माताएं, बच्चों की सीखने की गतिविधियों की मॉनिटरिंग कर सकेंगी।
इस पहल का उद्देश्य तीन से पांच वर्ष तक के नौनिहालों के पंचकोशीय विकास को मजबूत करना है, साथ ही घर और स्कूल दोनों जगह खेल-खेल में शिक्षा को बढ़ावा देना है। इससे बच्चों पर से किताबों का बोझ कम करने और पहली कक्षा में प्रवेश से पहले उन्हें बोलने व लिखने में सक्षम बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विभाग का लक्ष्य है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी निजी स्कूलों जैसी गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं और सीखने का बेहतर माहौल मिले। वर्तमान में जिलेभर के 402 प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है, जहां बच्चों को बाल वाटिका के तीन चरणों के तहत शिक्षा प्रदान की जा रही है।
कोट
प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं में दाखिल नौनिहालों की माताओं के व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। ग्रुपों के माध्यम से माताएं बच्चों के लिए स्कूलों में करवाई गई गतिविधियों पर नजर रख सकेंगी। स्कूल प्रमुखों को इस संदर्भ में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। -भवानी सिंह, जिला समन्वयक, प्री-प्राइमरी
नई व्यवस्था के अनुसार शिक्षकों को प्रतिदिन पढ़ाए गए विषयों और गतिविधियों की जानकारी पीडीएफ के रूप में व्हाट्सएप ग्रुप में साझा करनी होगी। इसके बाद अभिभावक, विशेषकर माताएं, बच्चों की सीखने की गतिविधियों की मॉनिटरिंग कर सकेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस पहल का उद्देश्य तीन से पांच वर्ष तक के नौनिहालों के पंचकोशीय विकास को मजबूत करना है, साथ ही घर और स्कूल दोनों जगह खेल-खेल में शिक्षा को बढ़ावा देना है। इससे बच्चों पर से किताबों का बोझ कम करने और पहली कक्षा में प्रवेश से पहले उन्हें बोलने व लिखने में सक्षम बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
विभाग का लक्ष्य है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी निजी स्कूलों जैसी गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं और सीखने का बेहतर माहौल मिले। वर्तमान में जिलेभर के 402 प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है, जहां बच्चों को बाल वाटिका के तीन चरणों के तहत शिक्षा प्रदान की जा रही है।
कोट
प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं में दाखिल नौनिहालों की माताओं के व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। ग्रुपों के माध्यम से माताएं बच्चों के लिए स्कूलों में करवाई गई गतिविधियों पर नजर रख सकेंगी। स्कूल प्रमुखों को इस संदर्भ में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। -भवानी सिंह, जिला समन्वयक, प्री-प्राइमरी