{"_id":"6a5bd1c55fc080e1be019328","slug":"claims-regarding-answer-changes-will-be-verified-using-digital-footprints-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1004-201372-2026-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: डिजिटल फुटप्रिंट से होगी उत्तर बदलने के दावों की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: डिजिटल फुटप्रिंट से होगी उत्तर बदलने के दावों की जांच
Sun, 19 Jul 2026 12:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 19 Jul 2026 12:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) की ओर से आयोजित विभिन्न कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) की आंसर-की को लेकर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
जेबीटी, टीजीटी (इतिहास) समेत कई भर्ती परीक्षाओं के अभ्यर्थियों का दावा है कि परीक्षा के दौरान जिन विकल्पों पर उन्होंने क्लिक किया था, आंसर-की में उनकी जगह दूसरे विकल्प दर्शाए जा रहे हैं। इस संबंध में आयोग के पास लगातार शिकायतें पहुंच रही हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि किसी के दो से तीन तो किसी के छह से आठ प्रश्नों तक में चयनित उत्तर आंसर-की से मेल नहीं खा रहे हैं। उनका आरोप है कि सही विकल्प चुनने के बावजूद रिकॉर्ड में दूसरा विकल्प दिखाया गया है, जिससे परिणाम प्रभावित होने की आशंका है।
विज्ञापन
इन दावों के बाद सोशल मीडिया पर भी अभ्यर्थी अपने अनुभव साझा कर रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। आयोग की ओर से हाल ही में जारी विभिन्न परीक्षाओं की व्यक्तिगत रिस्पांस शीट (आंसर-की) के बाद यह सवाल उठे हैं।
सीबीटी परीक्षा के उपरांत प्रत्येक अभ्यर्थी को उसके द्वारा दिए गए उत्तरों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाता है, ताकि वह उनका मिलान कर सके। इसी प्रक्रिया के दौरान कई अभ्यर्थियों ने कथित गड़बड़ी का दावा किया है।
उधर, आयोग का कहना है कि सीबीटी परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी द्वारा किए गए प्रत्येक क्लिक का डिजिटल फुटप्रिंट सुरक्षित रहता है। आयोग को ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजी जा सकती है।
कोट
सीबीटी परीक्षा में अभ्यर्थी द्वारा किए गए हर क्लिक का डिजिटल फुटप्रिंट कंपनी के पास सुरक्षित रहता है। यदि किसी अभ्यर्थी को आंसर-की को लेकर कोई संदेह है तो वह आयोग को ईमेल के माध्यम से शिकायत भेज सकता है। उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर उसकी जांच की जाएगी। -डॉ. विक्रम महाजन, सचिव, एचपीआरसीए
विज्ञापन
जेबीटी, टीजीटी (इतिहास) समेत कई भर्ती परीक्षाओं के अभ्यर्थियों का दावा है कि परीक्षा के दौरान जिन विकल्पों पर उन्होंने क्लिक किया था, आंसर-की में उनकी जगह दूसरे विकल्प दर्शाए जा रहे हैं। इस संबंध में आयोग के पास लगातार शिकायतें पहुंच रही हैं।
विज्ञापन
अभ्यर्थियों का कहना है कि किसी के दो से तीन तो किसी के छह से आठ प्रश्नों तक में चयनित उत्तर आंसर-की से मेल नहीं खा रहे हैं। उनका आरोप है कि सही विकल्प चुनने के बावजूद रिकॉर्ड में दूसरा विकल्प दिखाया गया है, जिससे परिणाम प्रभावित होने की आशंका है।
विज्ञापन
इन दावों के बाद सोशल मीडिया पर भी अभ्यर्थी अपने अनुभव साझा कर रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। आयोग की ओर से हाल ही में जारी विभिन्न परीक्षाओं की व्यक्तिगत रिस्पांस शीट (आंसर-की) के बाद यह सवाल उठे हैं।
सीबीटी परीक्षा के उपरांत प्रत्येक अभ्यर्थी को उसके द्वारा दिए गए उत्तरों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाता है, ताकि वह उनका मिलान कर सके। इसी प्रक्रिया के दौरान कई अभ्यर्थियों ने कथित गड़बड़ी का दावा किया है।
उधर, आयोग का कहना है कि सीबीटी परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी द्वारा किए गए प्रत्येक क्लिक का डिजिटल फुटप्रिंट सुरक्षित रहता है। आयोग को ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजी जा सकती है।
कोट
सीबीटी परीक्षा में अभ्यर्थी द्वारा किए गए हर क्लिक का डिजिटल फुटप्रिंट कंपनी के पास सुरक्षित रहता है। यदि किसी अभ्यर्थी को आंसर-की को लेकर कोई संदेह है तो वह आयोग को ईमेल के माध्यम से शिकायत भेज सकता है। उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर उसकी जांच की जाएगी। -डॉ. विक्रम महाजन, सचिव, एचपीआरसीए