{"_id":"6a5d214c62bd623af60ee50d","slug":"crisis-of-essential-medicines-deepens-at-the-medical-college-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1005-201462-2026-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज में जरूरी दवाओं का संकट गहराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज में जरूरी दवाओं का संकट गहराया
Mon, 20 Jul 2026 12:41 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 20 Jul 2026 12:41 AM IST
विज्ञापन
राकेश, निवासी चौकी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में एक बार फिर आवश्यक दवाइयों का संकट गहरा गया है। शुगर, ब्लड प्रेशर (बीपी) और कोलेस्ट्रॉल जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयां अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं।
दवा लेने पहुंचे कई मरीज निराश होकर लौट रहे हैं, जबकि अनेक मरीजों को मजबूरन निजी मेडिकल स्टोर से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन करीब 1500 मरीजों की ओपीडी होती है।
मरीज अंकुश और प्रदीप ने बताया कि वे सरकारी अस्पताल में मुफ्त दवा मिलने की उम्मीद से आते हैं, लेकिन जरूरी दवाइयां उपलब्ध न होने से उनकी जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार शुगर, बीपी और कोलेस्ट्रॉल की दवाइयों का नियमित सेवन बेहद जरूरी है।
विज्ञापन
समय पर दवा न मिलने या बीच में दवा बंद होने से मरीजों का ब्लड शुगर और रक्तचाप अनियंत्रित हो सकता है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है।
मरीजों और उनके तीमारदारों ने अस्पताल प्रबंधन से जल्द दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज में समय-समय पर जरूरी दवाइयों का स्टॉक खत्म होने से मरीजों को लगातार परेशानी उठानी पड़ती है।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से दवाओं की नियमित आपूर्ति और स्टॉक प्रबंधन को बेहतर बनाने की मांग की है।
-पत्नी का स्वास्थ्य ठीक नहीं था। इसे लेकर मेडिकल कॉलेज आया था। यहां पर स्वास्थ्य जांच के बाद बीपी और शुगर की दवाइयां नहीं मिली। मेडिकल स्टोर से दवाइयां लेनी पड़ीं। -सुरजीत कुमार, निवासी हमीरपुर
कोलेस्ट्रॉल की दवाई मेडिकल कॉलेज से नहीं मिली है। यहां पर हर सप्ताह किसी न किसी दवाई की कमी रहती है। निर्धन लोग कैसे मेडिकल स्टोर से दवाई खरीद पाएंगे। -राकेश, निवासी चौकी
कोट
दवाइयों की कमी के बारे में जानकारी ली जाएगी। दवाइयों की खेप समय-समय पर मेडिकल कॉलेज पहुंचती है। मरीजों को आवश्यक दवाइयां समय पर उपलब्ध करवाई जाती हैं। -डॉ. देशराज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
विज्ञापन
दवा लेने पहुंचे कई मरीज निराश होकर लौट रहे हैं, जबकि अनेक मरीजों को मजबूरन निजी मेडिकल स्टोर से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन करीब 1500 मरीजों की ओपीडी होती है।
विज्ञापन
मरीज अंकुश और प्रदीप ने बताया कि वे सरकारी अस्पताल में मुफ्त दवा मिलने की उम्मीद से आते हैं, लेकिन जरूरी दवाइयां उपलब्ध न होने से उनकी जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार शुगर, बीपी और कोलेस्ट्रॉल की दवाइयों का नियमित सेवन बेहद जरूरी है।
विज्ञापन
समय पर दवा न मिलने या बीच में दवा बंद होने से मरीजों का ब्लड शुगर और रक्तचाप अनियंत्रित हो सकता है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है।
मरीजों और उनके तीमारदारों ने अस्पताल प्रबंधन से जल्द दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज में समय-समय पर जरूरी दवाइयों का स्टॉक खत्म होने से मरीजों को लगातार परेशानी उठानी पड़ती है।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से दवाओं की नियमित आपूर्ति और स्टॉक प्रबंधन को बेहतर बनाने की मांग की है।
-पत्नी का स्वास्थ्य ठीक नहीं था। इसे लेकर मेडिकल कॉलेज आया था। यहां पर स्वास्थ्य जांच के बाद बीपी और शुगर की दवाइयां नहीं मिली। मेडिकल स्टोर से दवाइयां लेनी पड़ीं। -सुरजीत कुमार, निवासी हमीरपुर
कोलेस्ट्रॉल की दवाई मेडिकल कॉलेज से नहीं मिली है। यहां पर हर सप्ताह किसी न किसी दवाई की कमी रहती है। निर्धन लोग कैसे मेडिकल स्टोर से दवाई खरीद पाएंगे। -राकेश, निवासी चौकी
कोट
दवाइयों की कमी के बारे में जानकारी ली जाएगी। दवाइयों की खेप समय-समय पर मेडिकल कॉलेज पहुंचती है। मरीजों को आवश्यक दवाइयां समय पर उपलब्ध करवाई जाती हैं। -डॉ. देशराज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर

राकेश, निवासी चौकी