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Hamirpur (Himachal) News: रंगस-नेरी मार्ग पर दो सरकारी बसें चलाने की मांग
Mon, 27 Jul 2026 01:19 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 27 Jul 2026 01:19 AM IST
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रंगस (हमीरपुर)। उपमंडल नादौन के तहत रंगस से हमीरपुर वाया जोलसप्पड़-नेरी मार्ग पर दो सरकारी बसें चलाने की मांग स्थानीय लोगों ने प्रदेश सरकार से की है।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब पांच हजार की आबादी और नेरी स्थित शिक्षण एवं शोध संस्थानों के बावजूद इस मार्ग पर अभी केवल एक निजी बस ही संचालित हो रही है। वर्ष 1970 के दशक में बने इस मार्ग का हाल ही में करोड़ों रुपये की लागत से जीर्णोद्धार किया गया है।
सड़क को पांच मीटर से बढ़ाकर साढ़े सात मीटर चौड़ा और पक्का किया गया है, लेकिन बस सेवा में विस्तार नहीं हुआ है। नेरी में डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी का महाविद्यालय है, जहां पीएचडी तक की पढ़ाई होती है और करीब एक हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
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इसके अलावा यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध इतिहास संकलन एवं शोध संस्थान भी स्थित है, जहां शोधार्थी और विद्वान पहुंचते रहते हैं। पर्याप्त बस सुविधा न होने से विद्यार्थियों को विशेष बसों का सहारा लेना पड़ता है।
वहीं, स्कूली छात्र-छात्राओं और महिलाओं को कई बार बसों की समय-सारिणी के अभाव में जंगल वाले रास्ते से पैदल आना-जाना पड़ता है। ग्रामीण परमजीत सिंह, रमेश चंद, बबली और चमन कुमार सहित अन्य लोगों ने प्रदेश सरकार से इस मार्ग पर कम से कम दो सरकारी बसें चलाने की मांग की है।
एचआरटीसी हमीरपुर मंडल के डीएम राजकुमार पाठक ने बताया कि अभी तक बस की मांग नहीं आई है। मांग आने पर उसे उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।
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ग्रामीणों का कहना है कि करीब पांच हजार की आबादी और नेरी स्थित शिक्षण एवं शोध संस्थानों के बावजूद इस मार्ग पर अभी केवल एक निजी बस ही संचालित हो रही है। वर्ष 1970 के दशक में बने इस मार्ग का हाल ही में करोड़ों रुपये की लागत से जीर्णोद्धार किया गया है।
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सड़क को पांच मीटर से बढ़ाकर साढ़े सात मीटर चौड़ा और पक्का किया गया है, लेकिन बस सेवा में विस्तार नहीं हुआ है। नेरी में डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी का महाविद्यालय है, जहां पीएचडी तक की पढ़ाई होती है और करीब एक हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
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इसके अलावा यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध इतिहास संकलन एवं शोध संस्थान भी स्थित है, जहां शोधार्थी और विद्वान पहुंचते रहते हैं। पर्याप्त बस सुविधा न होने से विद्यार्थियों को विशेष बसों का सहारा लेना पड़ता है।
वहीं, स्कूली छात्र-छात्राओं और महिलाओं को कई बार बसों की समय-सारिणी के अभाव में जंगल वाले रास्ते से पैदल आना-जाना पड़ता है। ग्रामीण परमजीत सिंह, रमेश चंद, बबली और चमन कुमार सहित अन्य लोगों ने प्रदेश सरकार से इस मार्ग पर कम से कम दो सरकारी बसें चलाने की मांग की है।
एचआरटीसी हमीरपुर मंडल के डीएम राजकुमार पाठक ने बताया कि अभी तक बस की मांग नहीं आई है। मांग आने पर उसे उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।