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Hamirpur (Himachal) News: अव्यवस्था ने बिगाड़ा नगर परिषद सुजानपुर का बजट
Sun, 19 Jul 2026 12:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 19 Jul 2026 12:49 AM IST
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सुजानपुर (हमीरपुर)। शहर की सफाई व्यवस्था संभालने वाली नगर परिषद सुजानपुर की आर्थिक स्थिति पर कूड़ा शुल्क की बढ़ती बकाया राशि भारी पड़ रही है। नौ वार्डों में उपभोक्ताओं से वसूली जाने वाली कूड़ा शुल्क राशि अब करीब एक करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
लंबे समय से भुगतान न होने से एक ओर जहां नगर परिषद की आय प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर सफाई व्यवस्था का खर्च भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में शहर के नौ वार्डों में सफाई व्यवस्था को सुचारु रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।
शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर परिषद की ओर से घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से प्रतिमाह 50 से 150 रुपये तक का कूड़ा शुल्क लिया जाता है। इसी आय से सफाई कर्मचारियों का वेतन, कूड़ा उठाने की व्यवस्था, वाहनों का संचालन और अन्य खर्च पूरे किए जाते हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोग समय पर भुगतान नहीं कर रहे हैं, जिससे नगर परिषद की आय प्रभावित हो रही है।
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कूड़ा शुल्क की बकाया राशि बढ़ने का एक कारण व्यवस्था में बरती जा रही लापरवाही भी माना जा रहा है। शहर के कई वार्डों में उपभोक्ताओं की कूड़ा शुल्क पर्चियां नियमित रूप से नहीं काटी जा रही हैं।
कई जगहों पर दो से तीन महीने बाद शुल्क की पर्ची दी जाती है। इससे रिकॉर्ड अपडेट रखने में परेशानी आ रही है और बकाया राशि का सही आकलन करना भी मुश्किल हो रहा है। कूड़ा शुल्क राशि के रिकॉर्ड को लेकर ऑनलाइन व्यवस्था नहीं होने से भी परेशानी बढ़ रही है।
कोट
कूड़ा शुल्क की बकाया राशि की वसूली के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। डिफॉल्टर उपभोक्ताओं की सूची तैयार कर ली गई है। शुल्क वसूली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सिटीजन सेवा पोर्टल शुरू किया जा रहा है। -हर्षित शर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सुजानपुर
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लंबे समय से भुगतान न होने से एक ओर जहां नगर परिषद की आय प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर सफाई व्यवस्था का खर्च भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में शहर के नौ वार्डों में सफाई व्यवस्था को सुचारु रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।
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शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर परिषद की ओर से घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से प्रतिमाह 50 से 150 रुपये तक का कूड़ा शुल्क लिया जाता है। इसी आय से सफाई कर्मचारियों का वेतन, कूड़ा उठाने की व्यवस्था, वाहनों का संचालन और अन्य खर्च पूरे किए जाते हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोग समय पर भुगतान नहीं कर रहे हैं, जिससे नगर परिषद की आय प्रभावित हो रही है।
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कूड़ा शुल्क की बकाया राशि बढ़ने का एक कारण व्यवस्था में बरती जा रही लापरवाही भी माना जा रहा है। शहर के कई वार्डों में उपभोक्ताओं की कूड़ा शुल्क पर्चियां नियमित रूप से नहीं काटी जा रही हैं।
कई जगहों पर दो से तीन महीने बाद शुल्क की पर्ची दी जाती है। इससे रिकॉर्ड अपडेट रखने में परेशानी आ रही है और बकाया राशि का सही आकलन करना भी मुश्किल हो रहा है। कूड़ा शुल्क राशि के रिकॉर्ड को लेकर ऑनलाइन व्यवस्था नहीं होने से भी परेशानी बढ़ रही है।
कोट
कूड़ा शुल्क की बकाया राशि की वसूली के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। डिफॉल्टर उपभोक्ताओं की सूची तैयार कर ली गई है। शुल्क वसूली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सिटीजन सेवा पोर्टल शुरू किया जा रहा है। -हर्षित शर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सुजानपुर