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Hamirpur (Himachal) News: बाबा बालक नाथ मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, 12 हजार श्रद्धालुओं ने टेका माथा
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 26 Jan 2026 01:29 AM IST
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बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में दर्शनों के लिए जाते श्रद्धालु। संवाद
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दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में मौसम साफ होते ही रविवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बीते दो दिनों तक खराब मौसम और बारिश के चलते जहां मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवक कम हो गई थी।
रविवार को सुबह चार बजे से मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। देर रात आठ बजे तक 12 हजार श्रद्धालुओं ने कतारों में खड़े होकर पौणाहारी के दर्शन किए। इस दौरान प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दियोटसिद्ध पहुंचे।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन को दर्शन व्यवस्था देर रात तक जारी रखनी पड़ी। दूर-दराज से आए श्रद्धालु दिनभर मंदिर परिसर में ही रुके रहे। कुछ श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में बैठकर ध्यान लगाया, तो कुछ ने समूहों में भजन-कीर्तन कर बाबा का गुणगान किया।
वहीं, ढोलक, मंजीरे और हारमोनियम की मधुर धुनों के साथ भक्ति गीतों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंदिर में बैरियर नंबर दो से आगे बिना परमिट की गाड़ियों को ले जाने पर पूर्णतया पाबंदी रही। मंदिर में चल रहे निर्माण कार्यों को देखते हुए सुरक्षा कर्मचारियों की ड्यूटी निर्माण स्थल पर लगाई गई थी।
कोट
मंदिर में रविवार को 12 हजार श्रद्धालुओं ने पौणाहारी के दर्शन किए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर की ओर से पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन करने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। -सूरम सिंह, सहायक मंदिर अधिकारी, बाबा बालक नाथ, दियोटसिद्ध
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रविवार को सुबह चार बजे से मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। देर रात आठ बजे तक 12 हजार श्रद्धालुओं ने कतारों में खड़े होकर पौणाहारी के दर्शन किए। इस दौरान प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दियोटसिद्ध पहुंचे।
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श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन को दर्शन व्यवस्था देर रात तक जारी रखनी पड़ी। दूर-दराज से आए श्रद्धालु दिनभर मंदिर परिसर में ही रुके रहे। कुछ श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में बैठकर ध्यान लगाया, तो कुछ ने समूहों में भजन-कीर्तन कर बाबा का गुणगान किया।
वहीं, ढोलक, मंजीरे और हारमोनियम की मधुर धुनों के साथ भक्ति गीतों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंदिर में बैरियर नंबर दो से आगे बिना परमिट की गाड़ियों को ले जाने पर पूर्णतया पाबंदी रही। मंदिर में चल रहे निर्माण कार्यों को देखते हुए सुरक्षा कर्मचारियों की ड्यूटी निर्माण स्थल पर लगाई गई थी।
कोट
मंदिर में रविवार को 12 हजार श्रद्धालुओं ने पौणाहारी के दर्शन किए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर की ओर से पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन करने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। -सूरम सिंह, सहायक मंदिर अधिकारी, बाबा बालक नाथ, दियोटसिद्ध