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Hamirpur News: पीएचसी भोटा में शाम चार बजे के बाद लटक जाते हैं ताले, आपात स्थिति में जाना पड़ता है हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बड़सर (हमीरपुर)।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Fri, 13 Mar 2026 12:31 PM IST
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सार
जिला हमीरपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोटा में शाम चार बजे के बाद ताले लटक जाते हैं। वर्तमान समय में इस अस्पताल में केवल एक ही डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहा है, जबकि पहले यहां एक समय में दो अधिक डॉक्टर मौजूद रहते थे।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोटा
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोटा में लोगों को रात के समय स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं। शाम चार बजे के बाद स्वास्थ्य केंद्र पर ताले लटक जाते हैं। अगर कोई आपातस्थिति में मरीज को उपचार की आवश्यकता होती है, तो उसे हमीरपुर ले जाना पड़ता है, जिससे मरीज की जान जोखिम में पड़ती है।
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पीएचसी को भाजपा के कार्यकाल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया था, लेकिन बाद में सत्ता परिवर्तन के बाद दोबारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बदल दिया। यहां कई स्वास्थ्य सुविधाएं बंद हो चुकी हैं। वर्तमान समय में इस अस्पताल में केवल एक ही डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहा है, जबकि पहले यहां एक समय में दो अधिक डॉक्टर मौजूद रहते थे।
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इस अस्पताल में आपातकालीन वार्ड और रात्रि सेवाएं भी उपलब्ध थीं, लेकिन अब रात्रि सेवाएं बंद कर दी गई हैं। रविवार को भी अस्पताल पूरी तरह बंद रहता है, जिससे लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल हमीरपुर जाना पड़ता है। स्थानीय निवासी सौरव खन्ना, ऋषव आदि का कहना है कि यह अस्पताल क्षेत्र के केंद्र में स्थित है, इसलिए यहां रात्रि सेवाओं का होना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि रविवार को दिन के समय भी अगर कोई बीमार हो जाए या दुर्घटना हो जाए तो मरीजों को बिना इलाज के वापस लौटना पड़ता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि इस अस्पताल का दर्जा दोबारा बढ़ाया जाए और यहां रात्रि तथा आपातकालीन सेवाएं बहाल की जाएं, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। लोगों का कहना है कि मौजूदा स्थिति को देखकर यह अस्पताल 21वीं नहीं बल्कि 20वीं सदी का प्रतीत होता है।
पीएचसी भोटा में केवल एक ही चिकित्सक है। रात की सेवाएं पीएचसी सेंटर में बंद की गई हैं। इस विषय को लेकर सरकार के साथ पत्राचार चल रहा है और जल्द ही इसका समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। -अरविंद टंडन, बीएमओ बड़सर।
पीएचसी भोटा में केवल एक ही चिकित्सक है। रात की सेवाएं पीएचसी सेंटर में बंद की गई हैं। इस विषय को लेकर सरकार के साथ पत्राचार चल रहा है और जल्द ही इसका समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। -अरविंद टंडन, बीएमओ बड़सर।