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Hamirpur (Himachal) News: गोबर और मसालों से तैयार धूप ने नीलम को बनाया आत्मनिर्भर
Sat, 01 Aug 2026 02:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 01 Aug 2026 02:02 AM IST
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मसालों व गाय गोबर से तैयार किया ऑर्गेनिक धूप। संवाद
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हमीरपुर। भलेठ गांव की नीलम अपने घर में ही प्राकृतिक तरीके से धूप तैयार कर रही हैं। रसोई में इस्तेमाल होने वाले मसालों और गाय के गोबर से बनाया जा रहा ऑर्गेनिक धूप लोगों को पसंद आ रहा है और यह उनके लिए आत्मनिर्भरता का जरिया बन गया है।
नीलम ने घर से शुरू किए छोटे कारोबार को लघु उद्योग का रूप दे दिया है। वर्तमान में वह हर माह 20 से 25 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इसके साथ ही वह गांव की अन्य महिलाओं को भी धूप निर्माण का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
कुछ वर्ष पहले प्राकृतिक उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए नीलम ने ऑर्गेनिक धूप बनाने का काम शुरू किया था। शुरुआत में उन्होंने सीमित मात्रा में धूप तैयार कर स्थानीय बाजार और आसपास के मंदिरों में उपलब्ध कराई।
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लोगों को इसकी प्राकृतिक सुगंध और रसायनमुक्त गुणवत्ता पसंद आई, जिससे इसकी मांग बढ़ती गई। अब नीलम को स्थानीय बाजार के साथ आसपास के जिलों से भी ऑर्डर मिल रहे हैं। उनका लक्ष्य भविष्य में उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग और ऑनलाइन बिक्री शुरू कर अधिक लोगों तक पहुंच बनाना है।
बाक्स
ऐसे बनाया जा रहा ऑर्गेनिक धूप
धूप तैयार करने में गाय के सूखे गोबर के साथ लौंग, इलायची, तुलसी, तेजपत्ता, चंदन और अन्य प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है। सभी सामग्री को आटे की तरह गूंथकर तय अनुपात में मिलाकर धूप में सुखाया जाता है, इसमें किसी प्रकार के कृत्रिम रंग या रासायनिक सुगंध का प्रयोग नहीं किया जाता, जिससे यह पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए सुरक्षित रहता है।
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नीलम ने घर से शुरू किए छोटे कारोबार को लघु उद्योग का रूप दे दिया है। वर्तमान में वह हर माह 20 से 25 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इसके साथ ही वह गांव की अन्य महिलाओं को भी धूप निर्माण का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
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कुछ वर्ष पहले प्राकृतिक उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए नीलम ने ऑर्गेनिक धूप बनाने का काम शुरू किया था। शुरुआत में उन्होंने सीमित मात्रा में धूप तैयार कर स्थानीय बाजार और आसपास के मंदिरों में उपलब्ध कराई।
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लोगों को इसकी प्राकृतिक सुगंध और रसायनमुक्त गुणवत्ता पसंद आई, जिससे इसकी मांग बढ़ती गई। अब नीलम को स्थानीय बाजार के साथ आसपास के जिलों से भी ऑर्डर मिल रहे हैं। उनका लक्ष्य भविष्य में उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग और ऑनलाइन बिक्री शुरू कर अधिक लोगों तक पहुंच बनाना है।
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ऐसे बनाया जा रहा ऑर्गेनिक धूप
धूप तैयार करने में गाय के सूखे गोबर के साथ लौंग, इलायची, तुलसी, तेजपत्ता, चंदन और अन्य प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है। सभी सामग्री को आटे की तरह गूंथकर तय अनुपात में मिलाकर धूप में सुखाया जाता है, इसमें किसी प्रकार के कृत्रिम रंग या रासायनिक सुगंध का प्रयोग नहीं किया जाता, जिससे यह पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए सुरक्षित रहता है।

मसालों व गाय गोबर से तैयार किया ऑर्गेनिक धूप। संवाद