{"_id":"6a1b40211acfa8a98a075cf7","slug":"jaundice-wreaks-havoc-after-the-stepwell-now-the-water-sample-from-the-cement-tank-also-fails-hamirpur-hp-news-c-94-1-ssml1011-195334-2026-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: पीलिया का कहर... बावड़ी के बाद अब सीमेंट टंकी के पानी का सैंपल भी फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: पीलिया का कहर... बावड़ी के बाद अब सीमेंट टंकी के पानी का सैंपल भी फेल
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 31 May 2026 01:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
भोटा (हमीरपुर)। पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भोटा में फैले पीलिया के प्रकोप के बीच पेयजल स्रोतों की जांच में लगातार चिंताजनक खुलासे हो रहे हैं। स्कूल परिसर से सटी बावड़ी के बाद अब सीमेंट से बनी पानी की टंकी का सैंपल भी जांच में फेल हो गया है।
विभागीय रिपोर्ट में टंकी का पानी पीने योग्य नहीं पाया गया है, जिससे बीमारी फैलने के कारणों को लेकर संदेह और गहरा गया है। हालांकि अभी दोनों जल स्रोतों की बायोलॉजिकल जांच रिपोर्ट आना बाकी है।
रिपोर्ट आने के बाद ही पानी में किसी प्रकार के बैक्टीरिया की मौजूदगी की पुष्टि हो सकेगी। लेकिन लगातार दो जल स्रोतों के सैंपल असंतोषजनक मिलने से अभिभावकों में दहशत का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रारंभिक जांच के दौरान सबसे पहले स्कूल की सीमेंट पानी टंकी से सैंपल भरकर उसे सील किया था।
विज्ञापन
इसके बाद स्कूल परिसर के साथ स्थित बावड़ी के पानी का सैंपल लिया गया और उसे भी सील कर दिया गया। अब दोनों स्रोतों के पानी की गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी है। पिछले आठ दिनों में स्कूल के 36 विद्यार्थी पीलिया की चपेट में आ चुके हैं।
हालांकि शनिवार को कोई नया मामला सामने नहीं आया, जिससे प्रशासन और अभिभावकों को कुछ राहत मिली है। वहीं, पीजीआई में उपचाराधीन एक छात्र की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। बीमारी के मामलों पर नजर डालें तो बीते सप्ताह शुक्रवार को सात विद्यार्थियों में पीलिया के लक्षण मिले थे।
इसके बाद शनिवार को तीन, रविवार को नौ, सोमवार को चार, मंगलवार को आठ, बुधवार को तीन और शुक्रवार को दो नए मामले सामने आए। शनिवार को कोई भी नया मामला नहीं मिला।
लगातार बढ़ते मामलों और जल स्रोतों की खराब रिपोर्ट के बाद अभिभावकों ने स्कूल में उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मामले में जिम्मेदार विभागों को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए।
भोटा (हमीरपुर)। पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भोटा में फैले पीलिया के प्रकोप के बीच पेयजल स्रोतों की जांच में लगातार चिंताजनक खुलासे हो रहे हैं। स्कूल परिसर से सटी बावड़ी के बाद अब सीमेंट से बनी पानी की टंकी का सैंपल भी जांच में फेल हो गया है।
विभागीय रिपोर्ट में टंकी का पानी पीने योग्य नहीं पाया गया है, जिससे बीमारी फैलने के कारणों को लेकर संदेह और गहरा गया है। हालांकि अभी दोनों जल स्रोतों की बायोलॉजिकल जांच रिपोर्ट आना बाकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रिपोर्ट आने के बाद ही पानी में किसी प्रकार के बैक्टीरिया की मौजूदगी की पुष्टि हो सकेगी। लेकिन लगातार दो जल स्रोतों के सैंपल असंतोषजनक मिलने से अभिभावकों में दहशत का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रारंभिक जांच के दौरान सबसे पहले स्कूल की सीमेंट पानी टंकी से सैंपल भरकर उसे सील किया था।
Trending Videos
इसके बाद स्कूल परिसर के साथ स्थित बावड़ी के पानी का सैंपल लिया गया और उसे भी सील कर दिया गया। अब दोनों स्रोतों के पानी की गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी है। पिछले आठ दिनों में स्कूल के 36 विद्यार्थी पीलिया की चपेट में आ चुके हैं।
हालांकि शनिवार को कोई नया मामला सामने नहीं आया, जिससे प्रशासन और अभिभावकों को कुछ राहत मिली है। वहीं, पीजीआई में उपचाराधीन एक छात्र की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। बीमारी के मामलों पर नजर डालें तो बीते सप्ताह शुक्रवार को सात विद्यार्थियों में पीलिया के लक्षण मिले थे।
इसके बाद शनिवार को तीन, रविवार को नौ, सोमवार को चार, मंगलवार को आठ, बुधवार को तीन और शुक्रवार को दो नए मामले सामने आए। शनिवार को कोई भी नया मामला नहीं मिला।
लगातार बढ़ते मामलों और जल स्रोतों की खराब रिपोर्ट के बाद अभिभावकों ने स्कूल में उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मामले में जिम्मेदार विभागों को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए।