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Hamirpur (Himachal) News: एनएचएआई ने किया आधे मकान का अधिग्रहण, परिवार पूरे मुआवजे पर अड़ा
Sat, 01 Aug 2026 02:03 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 01 Aug 2026 02:03 AM IST
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नादौन में बाईपास सड़क के किनारे अधिग्रहण के चलते मकान के पास की खुदाई। स्रोत : जागरूक पाठक
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नादौन (हमीरपुर)। फोरलेन बाईपास निर्माण के लिए नगारढ़ा गांव में मकान का आधा हिस्सा अधिग्रहित करने के एनएचएआई के फैसले ने प्रभावित परिवार की चिंता बढ़ा दी है। परिवार पूरे भवन के अधिग्रहण और मुआवजे की मांग को लेकर प्रयासरत है।
प्रशासन के निरीक्षण में सामने आया है कि आधा मकान अधिग्रहित करने के बाद बचा हुआ हिस्सा न तो सुरक्षित रहेगा और न ही रहने योग्य होगा। इसके बावजूद एनएचएआई की ओर से केवल आधे भवन के अधिग्रहण का निर्णय लिया गया था। अब पूरे भवन के मुआवजे को लेकर फैसला राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) कमेटी करेगी।
नादौन में फोरलेन बाईपास परियोजना के तहत नगारढ़ा गांव में अर्जुन स्याल के मकान का कुछ हिस्सा अधिग्रहित किया जाना है। एनएचएआई के फैसले के बाद परिवार ने प्रशासन के समक्ष शिकायत रखी थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग के माध्यम से मकान का निरीक्षण करवाया गया।
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निरीक्षण में पाया गया कि सड़क निर्माण के दौरान करीब 20 से 25 फीट तक खुदाई होने से मकान की नींव प्रभावित हो सकती है। सिंगल-लेयर भवन होने के कारण आधा हिस्सा हटाने के बाद शेष भाग को सुरक्षित रखना मुश्किल होगा।
एसडीएम नादौन निशांत शर्मा ने इस संबंध में एनएचएआई को पत्र भेजा है। साथ ही आरओडब्ल्यू कमेटी की बैठक के लिए उपायुक्त को भी पत्र भेजा गया है। अब कमेटी की बैठक में तय होगा कि परिवार को पूरे भवन का मुआवजा मिलेगा या केवल अधिग्रहित हिस्से का ही मुआवजा मिलेगा।
एनएचएआई की कार्यशैली पर सवाल
मामले ने एनएचएआई की अधिग्रहण प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब आधे मकान के अधिग्रहण से बचा हिस्सा रहने योग्य ही नहीं रहेगा तो केवल आधे भवन का अधिग्रहण करने का निर्णय कितना व्यावहारिक है, यह सवाल उठ रहा है। प्रभावित परिवार को आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी से बचाने के लिए अब प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद पूरे भवन के मुआवजे की उम्मीद जगी है।
कोट
मकान का निरीक्षण विभाग के माध्यम से करवाया गया है। एनएचएआई को पूरे मकान के अधिग्रहण के लिए पत्र लिखा गया है। -निशांत शर्मा, एसडीएम हमीरपुर
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प्रशासन के निरीक्षण में सामने आया है कि आधा मकान अधिग्रहित करने के बाद बचा हुआ हिस्सा न तो सुरक्षित रहेगा और न ही रहने योग्य होगा। इसके बावजूद एनएचएआई की ओर से केवल आधे भवन के अधिग्रहण का निर्णय लिया गया था। अब पूरे भवन के मुआवजे को लेकर फैसला राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) कमेटी करेगी।
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नादौन में फोरलेन बाईपास परियोजना के तहत नगारढ़ा गांव में अर्जुन स्याल के मकान का कुछ हिस्सा अधिग्रहित किया जाना है। एनएचएआई के फैसले के बाद परिवार ने प्रशासन के समक्ष शिकायत रखी थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग के माध्यम से मकान का निरीक्षण करवाया गया।
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निरीक्षण में पाया गया कि सड़क निर्माण के दौरान करीब 20 से 25 फीट तक खुदाई होने से मकान की नींव प्रभावित हो सकती है। सिंगल-लेयर भवन होने के कारण आधा हिस्सा हटाने के बाद शेष भाग को सुरक्षित रखना मुश्किल होगा।
एसडीएम नादौन निशांत शर्मा ने इस संबंध में एनएचएआई को पत्र भेजा है। साथ ही आरओडब्ल्यू कमेटी की बैठक के लिए उपायुक्त को भी पत्र भेजा गया है। अब कमेटी की बैठक में तय होगा कि परिवार को पूरे भवन का मुआवजा मिलेगा या केवल अधिग्रहित हिस्से का ही मुआवजा मिलेगा।
एनएचएआई की कार्यशैली पर सवाल
मामले ने एनएचएआई की अधिग्रहण प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब आधे मकान के अधिग्रहण से बचा हिस्सा रहने योग्य ही नहीं रहेगा तो केवल आधे भवन का अधिग्रहण करने का निर्णय कितना व्यावहारिक है, यह सवाल उठ रहा है। प्रभावित परिवार को आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी से बचाने के लिए अब प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद पूरे भवन के मुआवजे की उम्मीद जगी है।
कोट
मकान का निरीक्षण विभाग के माध्यम से करवाया गया है। एनएचएआई को पूरे मकान के अधिग्रहण के लिए पत्र लिखा गया है। -निशांत शर्मा, एसडीएम हमीरपुर