{"_id":"6a66650f367c79b51b0403f1","slug":"now-there-will-be-no-need-to-rush-to-the-medical-college-for-blood-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1005-202340-2026-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: अब खून के लिए मेडिकल कॉलेज की नहीं लगानी पड़ेगी दौड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: अब खून के लिए मेडिकल कॉलेज की नहीं लगानी पड़ेगी दौड़
Mon, 27 Jul 2026 01:20 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 27 Jul 2026 01:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। जिले के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब रक्त के लिए मेडिकल कॉलेज की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। भोरंज और नादौन सिविल अस्पतालों में रक्त संग्रहण इकाई स्थापित की जा रही हैं।
इनके शुरू होने के बाद दुर्घटना, प्रसव, ऑपरेशन या अन्य गंभीर परिस्थितियों में मरीजों और उनके परिजनों को रक्त की व्यवस्था के लिए डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। दोनों अस्पतालों में ऐसी यूनिट बनाई जा रही हैं, जहां 50 से 70 यूनिट तक रक्त सुरक्षित रखा जा सकेगा।
इससे जरूरत पड़ने पर मरीजों को अस्पताल में ही समय पर रक्त उपलब्ध होगा और उपचार में होने वाली देरी भी कम होगी। नादौन सिविल अस्पताल में रक्त संग्रहण इकाई स्थापित करने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब केवल उपकरणों का डेमो, मेडिकल ऑफिसरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण शेष है।
विज्ञापन
प्रशिक्षण पूरा होने के तुरंत बाद इकाई को आम लोगों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। यह सुविधा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के सहयोग से विकसित की जा रही है। भोरंज सिविल अस्पताल में भी रक्त संग्रहण इकाई स्थापित करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
अस्पताल प्रशासन ने इसके लिए आवश्यक स्थान एनएचएम को उपलब्ध करा दिया है। जल्द ही यहां भी निर्माण और उपकरण लगाने का कार्य शुरू हो जाएगा।
बॉक्स
केवल मेडिकल कॉलेज में ही रक्त संग्रहण सुविधा
वर्तमान में जिले में केवल डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर में ही ब्लड बैंक संचालित है। जिले में आयोजित रक्तदान शिविरों से एकत्रित होने वाला रक्त भी संग्रहण के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है। ऐसे में यदि भोरंज, नादौन या आसपास के क्षेत्रों में किसी मरीज को अचानक रक्त की जरूरत पड़ती है तो परिजनों को मेडिकल कॉलेज तक दौड़ लगानी पड़ती है। कई बार दूरी और समय के कारण उपचार में देरी होने का खतरा भी बना रहता है। दोनों अस्पतालों में रक्त संग्रहण यूनिट शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा।
कोट
उपमंडल स्तर के अस्पतालों में रक्त संग्रहण इकाई स्थापित होना ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में अच्छा कदम है। गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिलेगा, बल्कि रेफरल का दबाव भी कम होगा। नादौन अस्पताल में रक्त संग्रहण इकाई का निर्माण जल्द समाप्त होगा। -राजेश भारद्वाज, बीएमओ नादौन
भोरंज अस्पताल में जल्द ही रक्त संग्रहण इकाई का निर्माण शुरू होगा। एनएचएम को संभावित जगह बताई गई है। -डॉ. ललित कालिया, बीएमओ भोरंज
विज्ञापन
इनके शुरू होने के बाद दुर्घटना, प्रसव, ऑपरेशन या अन्य गंभीर परिस्थितियों में मरीजों और उनके परिजनों को रक्त की व्यवस्था के लिए डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। दोनों अस्पतालों में ऐसी यूनिट बनाई जा रही हैं, जहां 50 से 70 यूनिट तक रक्त सुरक्षित रखा जा सकेगा।
विज्ञापन
इससे जरूरत पड़ने पर मरीजों को अस्पताल में ही समय पर रक्त उपलब्ध होगा और उपचार में होने वाली देरी भी कम होगी। नादौन सिविल अस्पताल में रक्त संग्रहण इकाई स्थापित करने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब केवल उपकरणों का डेमो, मेडिकल ऑफिसरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण शेष है।
विज्ञापन
प्रशिक्षण पूरा होने के तुरंत बाद इकाई को आम लोगों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। यह सुविधा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के सहयोग से विकसित की जा रही है। भोरंज सिविल अस्पताल में भी रक्त संग्रहण इकाई स्थापित करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
अस्पताल प्रशासन ने इसके लिए आवश्यक स्थान एनएचएम को उपलब्ध करा दिया है। जल्द ही यहां भी निर्माण और उपकरण लगाने का कार्य शुरू हो जाएगा।
बॉक्स
केवल मेडिकल कॉलेज में ही रक्त संग्रहण सुविधा
वर्तमान में जिले में केवल डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर में ही ब्लड बैंक संचालित है। जिले में आयोजित रक्तदान शिविरों से एकत्रित होने वाला रक्त भी संग्रहण के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है। ऐसे में यदि भोरंज, नादौन या आसपास के क्षेत्रों में किसी मरीज को अचानक रक्त की जरूरत पड़ती है तो परिजनों को मेडिकल कॉलेज तक दौड़ लगानी पड़ती है। कई बार दूरी और समय के कारण उपचार में देरी होने का खतरा भी बना रहता है। दोनों अस्पतालों में रक्त संग्रहण यूनिट शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा।
कोट
उपमंडल स्तर के अस्पतालों में रक्त संग्रहण इकाई स्थापित होना ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में अच्छा कदम है। गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिलेगा, बल्कि रेफरल का दबाव भी कम होगा। नादौन अस्पताल में रक्त संग्रहण इकाई का निर्माण जल्द समाप्त होगा। -राजेश भारद्वाज, बीएमओ नादौन
भोरंज अस्पताल में जल्द ही रक्त संग्रहण इकाई का निर्माण शुरू होगा। एनएचएम को संभावित जगह बताई गई है। -डॉ. ललित कालिया, बीएमओ भोरंज