{"_id":"6a5bd24b1b91af1abf03ecd0","slug":"opposition-to-action-taken-in-the-chamba-school-case-rajput-organizations-submit-memorandum-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1005-201338-2026-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: चंबा विद्यालय प्रकरण में कार्रवाई का विरोध, राजपूत संगठनों ने सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: चंबा विद्यालय प्रकरण में कार्रवाई का विरोध, राजपूत संगठनों ने सौंपा ज्ञापन
Sun, 19 Jul 2026 12:51 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 19 Jul 2026 12:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। राजपूत महासभा हमीरपुर और राजपूत कल्याण सभा ने जिला चंबा के एक विद्यालय में विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत नाटक के बाद हुए घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त की। संगठनों ने नाटक के बाद जांच और कार्रवाई की आशंकाओं का विरोध करते हुए एसडीएम संजीत सिंह के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा।
इससे पहले प्रेसवार्ता में राजपूत कल्याण सभा के अध्यक्ष जोगिंदर ठाकुर ने बताया कि नाटक में विद्यार्थियों ने आरक्षण के कारण वर्तमान पीढ़ी की प्रतिभा को नजरअंदाज होने की स्थिति को दर्शाया था। उन्होंने कहा कि शिक्षा और प्रतिभा को निखारने के लिए कमजोर वर्गों को आरक्षण देने की मांग की गई थी। केवल किसी विचार की अभिव्यक्ति को दंड का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नाटक में किसी भी जाति के खिलाफ टिप्पणी नहीं की गई है। प्रस्तुति के आधार पर विद्यार्थियों और संबंधित अध्यापक के विरुद्ध जांच या दंडात्मक कार्रवाई की संभावना से समाज में अनावश्यक भय और असंतोष का वातावरण बन रहा है।
विज्ञापन
राजपूत संगठनों ने मांग की कि विद्यार्थियों और संबंधित अध्यापक के विरुद्ध किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अनुचित कार्रवाई की गई तो राजपूत महासभा और राजपूत कल्याण सभा शांतिपूर्ण जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
उन्होंने विधायकों और सांसदों से भी इस विषय पर अपना स्पष्ट रुख सार्वजनिक करने का आग्रह किया। इस अवसर पर अजय, सचिन, सुरेश कटोच सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
इससे पहले प्रेसवार्ता में राजपूत कल्याण सभा के अध्यक्ष जोगिंदर ठाकुर ने बताया कि नाटक में विद्यार्थियों ने आरक्षण के कारण वर्तमान पीढ़ी की प्रतिभा को नजरअंदाज होने की स्थिति को दर्शाया था। उन्होंने कहा कि शिक्षा और प्रतिभा को निखारने के लिए कमजोर वर्गों को आरक्षण देने की मांग की गई थी। केवल किसी विचार की अभिव्यक्ति को दंड का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि नाटक में किसी भी जाति के खिलाफ टिप्पणी नहीं की गई है। प्रस्तुति के आधार पर विद्यार्थियों और संबंधित अध्यापक के विरुद्ध जांच या दंडात्मक कार्रवाई की संभावना से समाज में अनावश्यक भय और असंतोष का वातावरण बन रहा है।
विज्ञापन
राजपूत संगठनों ने मांग की कि विद्यार्थियों और संबंधित अध्यापक के विरुद्ध किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अनुचित कार्रवाई की गई तो राजपूत महासभा और राजपूत कल्याण सभा शांतिपूर्ण जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
उन्होंने विधायकों और सांसदों से भी इस विषय पर अपना स्पष्ट रुख सार्वजनिक करने का आग्रह किया। इस अवसर पर अजय, सचिन, सुरेश कटोच सहित अन्य लोग मौजूद रहे।