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प्राकृतिक खेती से उत्पादन की लागत में आई कमी : डोगरा
Mon, 20 Jul 2026 12:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 20 Jul 2026 12:40 AM IST
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जाहू (हमीरपुर)। राष्ट्रीय किसान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. रमेश डोगरा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्राकृतिक उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित करने का निर्णय किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
इससे किसानों की आय बढ़ेगी और अधिक किसान प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। तरक्वाड़ी में आयोजित प्रेसवार्ता में डॉ. डोगरा ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए उनकी मांगों और समस्याओं की अनदेखी नहीं की जा सकती।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 2.22 लाख से अधिक किसान और बागवान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं और करीब 38,437 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है।
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उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से खेती की लागत कम हुई है और मिट्टी का स्वास्थ्य भी बेहतर हुआ है। प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्का का 50 रुपये प्रति किलोग्राम, कच्ची हल्दी का 150 रुपये प्रति किलोग्राम, अदरक का 30 रुपये प्रति किलोग्राम तथा चंबा के पांगी क्षेत्र में जौ का 80 रुपये प्रति किलोग्राम न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है।
डॉ. डोगरा ने कहा कि एमएसपी मिलने से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी कम होगी। उन्होंने इसे प्राकृतिक खेती को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
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इससे किसानों की आय बढ़ेगी और अधिक किसान प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। तरक्वाड़ी में आयोजित प्रेसवार्ता में डॉ. डोगरा ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए उनकी मांगों और समस्याओं की अनदेखी नहीं की जा सकती।
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उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 2.22 लाख से अधिक किसान और बागवान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं और करीब 38,437 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है।
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उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से खेती की लागत कम हुई है और मिट्टी का स्वास्थ्य भी बेहतर हुआ है। प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्का का 50 रुपये प्रति किलोग्राम, कच्ची हल्दी का 150 रुपये प्रति किलोग्राम, अदरक का 30 रुपये प्रति किलोग्राम तथा चंबा के पांगी क्षेत्र में जौ का 80 रुपये प्रति किलोग्राम न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है।
डॉ. डोगरा ने कहा कि एमएसपी मिलने से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी कम होगी। उन्होंने इसे प्राकृतिक खेती को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।