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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Security at Hamirpur Sub-Jail relies on 50% staff; person who threw 'Chitta' remains at large even after 11 days.

Hamirpur (Himachal) News: उप जेल हमीरपुर में 50 फीसदी स्टाफ के सहारे सुरक्षा, चिट्टा फेंकने वाला 11 दिन बाद भी गिरफ्त से बाहर

Mon, 27 Jul 2026 01:26 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Mon, 27 Jul 2026 01:26 AM IST
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हमीरपुर। उप जेल में 15 जुलाई को दीवार के ऊपर से चिट्टा, दो मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामग्री फेंके जाने की घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। घटना के 11 दिन बाद भी पुलिस पैकेट फेंकने वाले तक नहीं पहुंच सकी है।
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वहीं, जेल में बंद तीन अंडर ट्रायल कैदियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जानकारी के अनुसार उप जेल करीब 50 फीसदी स्टाफ के सहारे संचालित हो रही है, जिससे निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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वर्ष 2021 में जेल में दूसरा ब्लॉक शुरू होने के बाद कैदियों की क्षमता और संख्या लगभग दोगुनी हो गई, लेकिन इसके अनुरूप अतिरिक्त स्टाफ की मंजूरी अभी तक नहीं मिल सकी है।
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वर्तमान में दोनों ब्लॉकों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जिम्मा उसी स्टाफ के पास है, जो पहले एक ही ब्लॉक के लिए स्वीकृत था। एक ब्लॉक के लिए स्वीकृत करीब 20 वार्डन और चीफ वार्डन के पदों के आधार पर ही जेल की व्यवस्था संचालित की जा रही है।
मौजूदा समय में उप जेल में 90 से अधिक कैदी बंद हैं, जिनमें करीब 70 फीसदी एनडीपीएस अधिनियम के मामलों में आरोपी हैं। ऐसे संवेदनशील कैदियों की निगरानी के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल की आवश्यकता है, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण सुरक्षा कर्मियों पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
गौरतलब है कि 15 जुलाई को किसी अज्ञात व्यक्ति ने जेल की दीवार के ऊपर से एल्युमीनियम फॉयल में लिपटा पैकेट अंदर फेंका था। ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मी की सतर्कता से पैकेट इस्तेमाल होने से पहले ही पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान पैकेट से करीब डेढ़ ग्राम चिट्टा, दो मोबाइल फोन, नशीले कैप्सूल, बीड़ी, लाइटर और नकदी बरामद हुई थी।

जेल में दूसरे ब्लॉक के संचालन के पांच साल बाद भी अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति नहीं होने से सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार दबाव बना हुआ है।




कोट
जल्द ही आरोपी गिरफ्त में होगा। मामले की हर पहलू से जांच जारी है। हर डिजिटल साक्ष्य को खंगाला जा रहा है। -बलवीर ठाकुर, एसपी हमीरपुर

स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए निदेशालय को पत्र लिखा है। मौजूदा स्टाफ से निगरानी तंत्र को जेल में अधिक मजबूत किया गया है। -संजीत सिंह, अधीक्षक उप जेल एवं एसडीएम हमीरपुर
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