{"_id":"69bc55cc0717702dc60449df","slug":"six-trainees-tested-positive-for-jaundice-during-a-health-department-screening-another-student-hospitalized-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1004-187195-2026-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: स्वास्थ्य विभाग की स्क्रीनिंग में छह प्रशिक्षुओं में पीलिया की पुष्टि, एक और छात्र अस्पताल में भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: स्वास्थ्य विभाग की स्क्रीनिंग में छह प्रशिक्षुओं में पीलिया की पुष्टि, एक और छात्र अस्पताल में भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 20 Mar 2026 01:30 AM IST
विज्ञापन
बहुतकनीकी संस्थान बड़ू में पेजयल स्टोरेज टंकियों की सफाई करता कर्मी। संस्थान।
विज्ञापन
हमीरपुर। राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हमीरपुर में पीलिया का दायरा बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ताजा स्क्रीनिंग में छह नए मामलों की पुष्टि हुई है। इससे पहले संस्थान की ओर से करीब 30 प्रशिक्षुओं के पीलिया ग्रस्त होने की जानकारी सामने आई थी। अब स्वास्थ्य विभाग हमीरपुर की आधिकारिक स्क्रीनिंग रिपोर्ट में मरीजों का आंकड़ा 53 पहुंच गया है।
इनमें 42 मरीज रिकवर हो गए हैं, जबकि दो अस्पताल में उपचाराधीन हैं और कुछ का घरों में इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम वीरवार को दोबारा बहुतकनीकी संस्थान में पहुंची। प्रशिक्षुओं का रिकाॅर्ड खंगाला गया और संपर्क नंबरों के आधार पर फोन पर बातचीत कर छह मामलों की पुष्टि की गई। हालांकि कई प्रशिक्षुओं से अब भी संपर्क नहीं हो सका है।
कांगड़ा निवासी एक प्रशिक्षु पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन है, जिसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। वहीं, एक अन्य प्रशिक्षु मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में भर्ती है। अधिकांश संक्रमित विद्यार्थी पीजी या किराये के कमरों में रहने वाले हैं। जानकारी के अनुसार पांच मार्च से पीलिया के मामलों की सूचना मिलनी शुरू हुई थी।
शुरुआती स्क्रीनिंग में कुछ मरीज छूट गए थे, क्योंकि कई विद्यार्थी और फैकल्टी सदस्य घर चले गए थे। अब मामला सुर्खियों में आने के बाद विभाग ने दोबारा जांच तेज की है। संस्थान के पांच फैकल्टी सदस्य भी पीलिया से पीड़ित पाए गए हैं।
विद्यार्थियों को हाजिरी में अनिवार्यता से छूट देने की मांग
मई माह में प्रस्तावित परीक्षाओं को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। 30 में से 25 प्रशिक्षु अब तक घरों में ही हैं और संस्थान नहीं लौटे हैं। इस बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की हमीरपुर इकाई ने पीलिया ग्रस्त विद्यार्थियों को हाजिरी में अनिवार्यता से छूट देने की मांग की है। संस्थान प्रबंधन का तर्क है कि संबंधित विभागों के शिक्षक प्रशिक्षुओं के संपर्क में हैं, हाजिरी में छूट को लेकर फैसला मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर ही होगा। परीक्षा में पात्रता के लिए तय हाजिरी को लेकर प्रशिक्षु चितिंत हैं।
जल शक्ति विभाग का दावा- आपूर्ति का जल स्वच्छ, 17 और 27 फरवरी को सैंपल हुए थे फेल
जल शक्ति विभाग हमीरपुर का दावा है कि 10 गांवों में चार योजनाओं से पानी की सप्लाई होती है। ऐसे में यदि योजना का पानी दूषित होता तो पीलिया का फैलाव अधिक होना था। विभागीय अधिकारियों का यह भी तर्क है कि स्वास्थ्य विभाग की जांच में स्कूल और एक अन्य जगह बोरवेल का पानी दूषित पाया गया है, जबकि योजना की आपूर्ति वाले नलों का पानी शुद्ध है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का यह दावा 11 मार्च के बाद हुई सैंपलिंग के आधार पर तो सही है, लेकिन 19 फरवरी और 27 फरवरी को बड़ू-मोहिं पेयजल योजना की आपूर्ति वाले नल और स्टोरेज टैंक के सैंपल फेल पाए गए थे। इसके बाद विभाग ने यहां पर टैंकों को साफ किया और योजना में क्लोरीनेशन बड़े स्तर पर हुई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिसर में बोरवेल और पेयजल योजना से जुड़े नलों से पानी के सैंपल लिए।
संस्थान के परिसर की टंकियों को साफ किया गया है। हाजिरी में छूट मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर ही दी जाती है। मई माह में प्रशिक्षुओं की परीक्षा है। संबंधित विभागों के शिक्षकों से प्रशिक्षुओं से लगातार संपर्क बनाए रखने के लिए कहा गया है, ताकि वह स्वस्थ होकर जल्द ही कॉलेज को ज्वाइन करें। -चंद्रशेखर, प्राचार्य, बहुतकनीकी संस्थान हमीरपुर
बहुतकनीकी संस्थान से पानी के दो सैंपल जांच के लिए गए हैं। यहां पर छात्रों के संपर्क नंबर लेकर उनसे बात कर छह नए मामलों की पुष्टि हुई है। -रमेश रत्तू, बीएमओ टौणी देवी
जल शक्ति विभाग की पेयजल योजना के सैंपल सही पाए गए हैं। बोरवेल के पानी के दो जगह के सैंपल फेल हुए है। जल शक्ति विभाग का पानी शुद्ध है, लेकिन लोग अभी पानी को उबालकर ही पीएं, जब तक पीलिया फैलने के सटीक कारण स्पष्ट नहीं होते। -नीरज भोगल, अधीक्षण अभियंता, जल शक्ति विभाग वृत हमीरपुर
Trending Videos
इनमें 42 मरीज रिकवर हो गए हैं, जबकि दो अस्पताल में उपचाराधीन हैं और कुछ का घरों में इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम वीरवार को दोबारा बहुतकनीकी संस्थान में पहुंची। प्रशिक्षुओं का रिकाॅर्ड खंगाला गया और संपर्क नंबरों के आधार पर फोन पर बातचीत कर छह मामलों की पुष्टि की गई। हालांकि कई प्रशिक्षुओं से अब भी संपर्क नहीं हो सका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कांगड़ा निवासी एक प्रशिक्षु पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन है, जिसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। वहीं, एक अन्य प्रशिक्षु मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में भर्ती है। अधिकांश संक्रमित विद्यार्थी पीजी या किराये के कमरों में रहने वाले हैं। जानकारी के अनुसार पांच मार्च से पीलिया के मामलों की सूचना मिलनी शुरू हुई थी।
शुरुआती स्क्रीनिंग में कुछ मरीज छूट गए थे, क्योंकि कई विद्यार्थी और फैकल्टी सदस्य घर चले गए थे। अब मामला सुर्खियों में आने के बाद विभाग ने दोबारा जांच तेज की है। संस्थान के पांच फैकल्टी सदस्य भी पीलिया से पीड़ित पाए गए हैं।
विद्यार्थियों को हाजिरी में अनिवार्यता से छूट देने की मांग
मई माह में प्रस्तावित परीक्षाओं को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। 30 में से 25 प्रशिक्षु अब तक घरों में ही हैं और संस्थान नहीं लौटे हैं। इस बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की हमीरपुर इकाई ने पीलिया ग्रस्त विद्यार्थियों को हाजिरी में अनिवार्यता से छूट देने की मांग की है। संस्थान प्रबंधन का तर्क है कि संबंधित विभागों के शिक्षक प्रशिक्षुओं के संपर्क में हैं, हाजिरी में छूट को लेकर फैसला मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर ही होगा। परीक्षा में पात्रता के लिए तय हाजिरी को लेकर प्रशिक्षु चितिंत हैं।
जल शक्ति विभाग का दावा- आपूर्ति का जल स्वच्छ, 17 और 27 फरवरी को सैंपल हुए थे फेल
जल शक्ति विभाग हमीरपुर का दावा है कि 10 गांवों में चार योजनाओं से पानी की सप्लाई होती है। ऐसे में यदि योजना का पानी दूषित होता तो पीलिया का फैलाव अधिक होना था। विभागीय अधिकारियों का यह भी तर्क है कि स्वास्थ्य विभाग की जांच में स्कूल और एक अन्य जगह बोरवेल का पानी दूषित पाया गया है, जबकि योजना की आपूर्ति वाले नलों का पानी शुद्ध है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का यह दावा 11 मार्च के बाद हुई सैंपलिंग के आधार पर तो सही है, लेकिन 19 फरवरी और 27 फरवरी को बड़ू-मोहिं पेयजल योजना की आपूर्ति वाले नल और स्टोरेज टैंक के सैंपल फेल पाए गए थे। इसके बाद विभाग ने यहां पर टैंकों को साफ किया और योजना में क्लोरीनेशन बड़े स्तर पर हुई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिसर में बोरवेल और पेयजल योजना से जुड़े नलों से पानी के सैंपल लिए।
संस्थान के परिसर की टंकियों को साफ किया गया है। हाजिरी में छूट मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर ही दी जाती है। मई माह में प्रशिक्षुओं की परीक्षा है। संबंधित विभागों के शिक्षकों से प्रशिक्षुओं से लगातार संपर्क बनाए रखने के लिए कहा गया है, ताकि वह स्वस्थ होकर जल्द ही कॉलेज को ज्वाइन करें। -चंद्रशेखर, प्राचार्य, बहुतकनीकी संस्थान हमीरपुर
बहुतकनीकी संस्थान से पानी के दो सैंपल जांच के लिए गए हैं। यहां पर छात्रों के संपर्क नंबर लेकर उनसे बात कर छह नए मामलों की पुष्टि हुई है। -रमेश रत्तू, बीएमओ टौणी देवी
जल शक्ति विभाग की पेयजल योजना के सैंपल सही पाए गए हैं। बोरवेल के पानी के दो जगह के सैंपल फेल हुए है। जल शक्ति विभाग का पानी शुद्ध है, लेकिन लोग अभी पानी को उबालकर ही पीएं, जब तक पीलिया फैलने के सटीक कारण स्पष्ट नहीं होते। -नीरज भोगल, अधीक्षण अभियंता, जल शक्ति विभाग वृत हमीरपुर