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Hamirpur (Himachal) News: लावारिस कुत्तों का बढ़ा आतंक, जिले में हर तिमाही 1500 से अधिक लोग पहुंच रहे अस्पताल
Thu, 16 Jul 2026 01:08 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 16 Jul 2026 01:08 AM IST
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हमीरपुर। उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद जिले में लावारिस कुत्तों की समस्या गंभीर बनी हुई है। कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन इनके नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम जमीन पर नजर नहीं आ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में हर तिमाही 1500 से अधिक लोग कुत्तों के काटने के बाद एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने अस्पताल पहुंच रहे हैं। पुराने आंकड़ों के मुताबिक जिले में करीब 5300 लावारिस कुत्ते हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक इनके हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं।
हाल ही में जिले के दो निकाय क्षेत्रों में लावारिस कुत्तों ने 14 लोगों को घायल किया। नगर निगम हमीरपुर क्षेत्र में दो बच्चों पर हमला हुआ, जबकि नगर परिषद नादौन क्षेत्र में दो दिन के भीतर 12 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हुए। इन घटनाओं से लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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लावारिस कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए नसबंदी और टीकाकरण अभियान अपेक्षित गति से नहीं चल पा रहे हैं। वहीं, कुत्तों को पकड़ने और पुनर्वास की व्यवस्था भी सीमित है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी समस्या के समाधान के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं बन पाई है।
इसके अलावा पालतू कुत्तों के अनिवार्य पंजीकरण की व्यवस्था भी प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सकी है, जिससे रिकॉर्ड तैयार करने और निगरानी में परेशानी आ रही है। स्थानीय निकायों के पास पालतू कुत्तों की सही संख्या का भी पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं है।
लोगों का कहना है कि लावारिस कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नसबंदी, टीकाकरण और प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि बढ़ते हमलों पर अंकुश लग सके।
तीन महीने में लावारिस कुत्तों के काटने के मामले
माह
लावारिस कुत्ते
पालतू कुत्ते
जनवरी
445
164
फरवरी
420
212
मार्च
382
234
कोट :
जनवरी से मार्च तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार तीन महीने में लगभग 1857 मामले सामने आए थे। जिले में प्रतिदिन लावारिस कुत्तों के काटने के मामले सामने आते रहते हैं। -डॉ. अजय अत्री, कार्यवाहक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में हर तिमाही 1500 से अधिक लोग कुत्तों के काटने के बाद एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने अस्पताल पहुंच रहे हैं। पुराने आंकड़ों के मुताबिक जिले में करीब 5300 लावारिस कुत्ते हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक इनके हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं।
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हाल ही में जिले के दो निकाय क्षेत्रों में लावारिस कुत्तों ने 14 लोगों को घायल किया। नगर निगम हमीरपुर क्षेत्र में दो बच्चों पर हमला हुआ, जबकि नगर परिषद नादौन क्षेत्र में दो दिन के भीतर 12 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हुए। इन घटनाओं से लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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लावारिस कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए नसबंदी और टीकाकरण अभियान अपेक्षित गति से नहीं चल पा रहे हैं। वहीं, कुत्तों को पकड़ने और पुनर्वास की व्यवस्था भी सीमित है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी समस्या के समाधान के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं बन पाई है।
इसके अलावा पालतू कुत्तों के अनिवार्य पंजीकरण की व्यवस्था भी प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सकी है, जिससे रिकॉर्ड तैयार करने और निगरानी में परेशानी आ रही है। स्थानीय निकायों के पास पालतू कुत्तों की सही संख्या का भी पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं है।
लोगों का कहना है कि लावारिस कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नसबंदी, टीकाकरण और प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि बढ़ते हमलों पर अंकुश लग सके।
तीन महीने में लावारिस कुत्तों के काटने के मामले
माह
लावारिस कुत्ते
पालतू कुत्ते
जनवरी
445
164
फरवरी
420
212
मार्च
382
234
कोट :
जनवरी से मार्च तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार तीन महीने में लगभग 1857 मामले सामने आए थे। जिले में प्रतिदिन लावारिस कुत्तों के काटने के मामले सामने आते रहते हैं। -डॉ. अजय अत्री, कार्यवाहक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर