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Hamirpur (Himachal) News: बचत भवन में बिकेंगे स्वदेशी उत्पाद
Fri, 31 Jul 2026 12:52 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 31 Jul 2026 12:52 AM IST
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हमीरपुर। जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन अब स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के बनाए स्वदेशी उत्पादों की बिक्री का केंद्र बनेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला ग्रामीण विकास अभिकरण ने यह पहल शुरू की है।
इसके तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बचत भवन में स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे, जहां वे अपने हाथों से तैयार उत्पादों की सीधे बिक्री कर सकेंगी।इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही हैं, लेकिन बाजार की कमी के कारण उन्हें उचित बिक्री नहीं मिल पाती। अब जिला मुख्यालय में स्थायी बिक्री केंद्र मिलने से उन्हें अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
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वर्तमान में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य गतिविधियों से जुड़े उत्पाद तैयार कर रही हैं। इनमें अचार, पापड़, दालें, मसाले, बुनाई-कढ़ाई से तैयार सामान, सजावटी वस्तुएं, प्राकृतिक उत्पाद तथा घरेलू उपयोग की अन्य सामग्री शामिल हैं।
बचत भवन में स्टॉल मिलने से इन उत्पादों को नई पहचान मिलेगी और उनकी बिक्री बढ़ने की संभावना भी मजबूत होगी।
कोट
बचत भवन में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वदेशी उत्पाद बेचने के लिए स्थान मिलेगा। समूहों से जुड़ी महिलाएं स्टाल लगाकर सामान बेच सकेंगी। -अस्मिता ठाकुर, उपनिदेशक सह परियोजना अधिकारी, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी
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इसके तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बचत भवन में स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे, जहां वे अपने हाथों से तैयार उत्पादों की सीधे बिक्री कर सकेंगी।इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही हैं, लेकिन बाजार की कमी के कारण उन्हें उचित बिक्री नहीं मिल पाती। अब जिला मुख्यालय में स्थायी बिक्री केंद्र मिलने से उन्हें अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
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वर्तमान में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य गतिविधियों से जुड़े उत्पाद तैयार कर रही हैं। इनमें अचार, पापड़, दालें, मसाले, बुनाई-कढ़ाई से तैयार सामान, सजावटी वस्तुएं, प्राकृतिक उत्पाद तथा घरेलू उपयोग की अन्य सामग्री शामिल हैं।
बचत भवन में स्टॉल मिलने से इन उत्पादों को नई पहचान मिलेगी और उनकी बिक्री बढ़ने की संभावना भी मजबूत होगी।
कोट
बचत भवन में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वदेशी उत्पाद बेचने के लिए स्थान मिलेगा। समूहों से जुड़ी महिलाएं स्टाल लगाकर सामान बेच सकेंगी। -अस्मिता ठाकुर, उपनिदेशक सह परियोजना अधिकारी, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी