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Hamirpur (Himachal) News: नगर परिषद सुजानपुर की ढाई करोड़ की बकाया राशि अटकी
Mon, 27 Jul 2026 01:24 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 27 Jul 2026 01:24 AM IST
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सुजानपुर (हमीरपुर)। नगर परिषद सुजानपुर विभिन्न स्रोतों से होने वाली अपनी आय की करीब ढाई करोड़ रुपये से अधिक की बकाया राशि वसूल नहीं कर पाई है। ऐसे में अब विकास कार्यों के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
नगर परिषद ने करीब सात-आठ वर्ष पहले घर-घर से कचरा उठाने की सुविधा शुरू की थी। इसके लिए 50 से 150 रुपये प्रतिमाह तक उपयोगकर्ता शुल्क निर्धारित किया गया था, लेकिन समय पर वसूली नहीं होने और संग्रह प्रक्रिया में लापरवाही के कारण बकाया राशि लगातार बढ़ती गई।
केवल कचरा शुल्क का ही बकाया एक करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। नगर परिषद की ओर से निर्मित छोटी और बड़ी दुकानों को लोगों की आजीविका के लिए किराये पर आवंटित किया गया है।
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हालांकि, किरायेदारों के साथ अनुबंधों का समय पर नवीनीकरण नहीं किया गया और किराया वसूली में भी अपेक्षित सख्ती नहीं बरती गई। इसके चलते दर्जनों दुकानदारों पर एक करोड़ रुपये से अधिक का किराया बकाया हो गया है।
इसके अलावा रेहड़ी-फड़ी संचालकों से लिया जाने वाला शुल्क करीब दस लाख रुपये और गृहकर की बकाया राशि करीब 40 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।
इन सभी मदों को मिलाकर नगर परिषद की कुल बकाया राशि ढाई करोड़ से अधिक हो गई है। राजस्व वसूली में कमी से नगर परिषद के विकास कार्यों और वित्तीय प्रबंधन पर असर पड़ने की आशंका है। संवाद
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नगर परिषद ने करीब सात-आठ वर्ष पहले घर-घर से कचरा उठाने की सुविधा शुरू की थी। इसके लिए 50 से 150 रुपये प्रतिमाह तक उपयोगकर्ता शुल्क निर्धारित किया गया था, लेकिन समय पर वसूली नहीं होने और संग्रह प्रक्रिया में लापरवाही के कारण बकाया राशि लगातार बढ़ती गई।
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केवल कचरा शुल्क का ही बकाया एक करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। नगर परिषद की ओर से निर्मित छोटी और बड़ी दुकानों को लोगों की आजीविका के लिए किराये पर आवंटित किया गया है।
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हालांकि, किरायेदारों के साथ अनुबंधों का समय पर नवीनीकरण नहीं किया गया और किराया वसूली में भी अपेक्षित सख्ती नहीं बरती गई। इसके चलते दर्जनों दुकानदारों पर एक करोड़ रुपये से अधिक का किराया बकाया हो गया है।
इसके अलावा रेहड़ी-फड़ी संचालकों से लिया जाने वाला शुल्क करीब दस लाख रुपये और गृहकर की बकाया राशि करीब 40 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।
इन सभी मदों को मिलाकर नगर परिषद की कुल बकाया राशि ढाई करोड़ से अधिक हो गई है। राजस्व वसूली में कमी से नगर परिषद के विकास कार्यों और वित्तीय प्रबंधन पर असर पड़ने की आशंका है। संवाद