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Hamirpur (Himachal) News: आसमान से बरसी संजीवनी ने किसानों की उम्मीदों को दी उड़ान
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 02 Jan 2026 01:11 AM IST
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हमीरपुर। आसमान से बरसी संजीवनी ने किसानों की उम्मीदों को एक बार उड़ान दे दी है। इससे गेहूं की फसल अच्छी होने की उम्मीद है। हमीरपुर में नववर्ष के आगमन पर हुई बारिश को भविष्य के लिए भी सकारात्मक माना जा रहा है।
बारिश होने से जहां किसानों ने राहत की सांस ली है, वहीं बागवानों के लिए भी यह बेहतर मानी जा रही है। हमीरपुर जिले में करीब 28 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल उगाई जाती है। नवंबर और दिसंबर माह में बारिश न होने से गेहूं की फसल पीली पड़ना शुरू हो गई थी। अब बारिश होने से ठंड का प्रकोप भी बढ़ गया है।
हमीरपुर जिले में बुधवार को ही बादल उमड़ना शुरू हो गए थे। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही थी कि नववर्ष से पहले बारिश होगी, लेकिन बुधवार को आसमान में बादल तो छाए रहे, लेकिन शाम को आसमान साफ हो गया। वहीं, वीरवार को सुबह करीब सात बजे आसमान में बादल उमड़ना शुरू हो गए हैं। ठंडी हवाए चलने से मौसम भी ठंडा हो गया है।
वीरवार पूर्वाह्न 11:30 बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई, लेकिन थोड़ी देर बाद ही बारिश थम गई। इससे लोगों में बारिश होने को लेकर संशय पैदा हो गया है। बूंदाबांदी होने से जिले में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है, जिसके कारण शहर में लोग आग का सहारा लेते हुए नजर आए। शहर में जगह-जगह लोगों ने आग जला रखी थी।
ठंड बढ़ने से लोगों के व्यापार पर भी असर पड़ा। हालांकि गर्म कपड़ों की दुकानों पर ग्राहक देखे गए, लेकिन अन्य दुकानों पर ग्राहकों की उपस्थिति कम दर्ज की गई। स्वास्थ्य के लिहाज से भी इस बारिश को लाभदायक माना जा रहा है। बारिश न होने से सूखी खांसी तथा सर्दी-जुकाम की बीमारी ने लोगों को जकड़ रखा था।
उद्यान विभाग की मानें तो बागवानी के लिए भी यह बारिश काफी फायदेमंद रहेगी। बारिश होने से सर्दी में रोपे जाने वाले पौधों को रोपित करने का कार्य भी शुरू हो जाएगा। नवंबर और दिसंबर माह में बारिश न होने से पौधरोपण के कार्य में देरी हो चुकी है।
कोट्स :
वीरवार को हुई बारिश गेहूं के लिए अच्छी है। यह बारिश दिसंबर में होती तो और अधिक बेहतर फसल होनी थी, लेकिन अभी भी अधिक देरी नहीं हुई है। इससे गेहूं और नगदी फसलों को नमी मिलेगी। जहां पर गेहूं पीली हो रही है, उसके लिए भी बारिश अच्छी है। -शशिपाल, उपनिदेशक, कृषि विभाग हमीरपुर
बारिश होने से बागवानों को भी राहत मिलेगी। बारिश होने के बाद सर्दी में रोपे जाने वाले पौधों को रोपित करने का कार्य भी शीघ्र ही शुरू कर दिया जाएगा। -राजेश्वर परमार, उपनिदेशक, उद्यान विभाग, हमीरपुर
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बारिश होने से जहां किसानों ने राहत की सांस ली है, वहीं बागवानों के लिए भी यह बेहतर मानी जा रही है। हमीरपुर जिले में करीब 28 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल उगाई जाती है। नवंबर और दिसंबर माह में बारिश न होने से गेहूं की फसल पीली पड़ना शुरू हो गई थी। अब बारिश होने से ठंड का प्रकोप भी बढ़ गया है।
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हमीरपुर जिले में बुधवार को ही बादल उमड़ना शुरू हो गए थे। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही थी कि नववर्ष से पहले बारिश होगी, लेकिन बुधवार को आसमान में बादल तो छाए रहे, लेकिन शाम को आसमान साफ हो गया। वहीं, वीरवार को सुबह करीब सात बजे आसमान में बादल उमड़ना शुरू हो गए हैं। ठंडी हवाए चलने से मौसम भी ठंडा हो गया है।
वीरवार पूर्वाह्न 11:30 बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई, लेकिन थोड़ी देर बाद ही बारिश थम गई। इससे लोगों में बारिश होने को लेकर संशय पैदा हो गया है। बूंदाबांदी होने से जिले में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है, जिसके कारण शहर में लोग आग का सहारा लेते हुए नजर आए। शहर में जगह-जगह लोगों ने आग जला रखी थी।
ठंड बढ़ने से लोगों के व्यापार पर भी असर पड़ा। हालांकि गर्म कपड़ों की दुकानों पर ग्राहक देखे गए, लेकिन अन्य दुकानों पर ग्राहकों की उपस्थिति कम दर्ज की गई। स्वास्थ्य के लिहाज से भी इस बारिश को लाभदायक माना जा रहा है। बारिश न होने से सूखी खांसी तथा सर्दी-जुकाम की बीमारी ने लोगों को जकड़ रखा था।
उद्यान विभाग की मानें तो बागवानी के लिए भी यह बारिश काफी फायदेमंद रहेगी। बारिश होने से सर्दी में रोपे जाने वाले पौधों को रोपित करने का कार्य भी शुरू हो जाएगा। नवंबर और दिसंबर माह में बारिश न होने से पौधरोपण के कार्य में देरी हो चुकी है।
कोट्स :
वीरवार को हुई बारिश गेहूं के लिए अच्छी है। यह बारिश दिसंबर में होती तो और अधिक बेहतर फसल होनी थी, लेकिन अभी भी अधिक देरी नहीं हुई है। इससे गेहूं और नगदी फसलों को नमी मिलेगी। जहां पर गेहूं पीली हो रही है, उसके लिए भी बारिश अच्छी है। -शशिपाल, उपनिदेशक, कृषि विभाग हमीरपुर
बारिश होने से बागवानों को भी राहत मिलेगी। बारिश होने के बाद सर्दी में रोपे जाने वाले पौधों को रोपित करने का कार्य भी शीघ्र ही शुरू कर दिया जाएगा। -राजेश्वर परमार, उपनिदेशक, उद्यान विभाग, हमीरपुर