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Hamirpur (Himachal) News: रास्ते के निर्माण से उपजे विवाद की जांच में शामिल नहीं हुए सचिव और पूर्व प्रधान
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 27 Mar 2026 01:01 AM IST
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हमीरपुर। ग्राम पंचायत धलोट में संपर्क रास्ते के निर्माण के चलते उपजे विवाद में जारी जांच के लिए विभाग की ओर से सूचना दिए जाने के बावजूद पूर्व प्रधान और सचिव मौके पर नहीं पहुंचे।
बीते बुधवार को खंड विकास अधिकारी कार्यालय हमीरपुर और पंचायती राज विभाग की टीम पंचायत के वार्ड नंबर सात दबसाई में पहुंची, तो शिकायतकर्ता मनोज कुमार के अलावा पंचायत की ओर से कोई भी प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा। ऐसे में जांच अधिकारियों बिना जांच किए मौके से वापस आना पड़ा।
हालांकि पूर्व पंचायत प्रधान का तर्क है कि जब उन्हें जांच में शामिल होने के लिए तय दिन की सूचना दी गई थी, उस वक्त ही उन्होंने लिखित में विभाग को जवाब दे दिया था कि निजी कार्य के लिए वह इस दिन उपलब्ध नहीं हो सकेंगी। ऐसे में जांच में देरी को लेकर शिकायतकर्ता ने पंचायती राज निदेशालय शिमला, विजिलेंस और जिला पंचायती राज अधिकारी को शिकायत भेजकर मामले में जांच करवाने की मांग की है।
गौरतलब है कि पंचायत की ओर से एक वर्ष पूर्व वार्ड नंबर सात में संपर्क रास्ते का निर्माण करवाया गया है। निर्माण के दौरान गांव के एक व्यक्ति ने भूमि पर कोर्ट स्टे का हवाला देकर कार्य को रुकवा दिया, लेकिन पंचायत ने आपसी मतभेद को कार्य में न डालने का हवाला देकर कार्य को पूर्ण करवा दिया। कार्य के दो माह बाद उक्त व्यक्ति ने आरटीआई के माध्यम से कार्य की रिपोर्ट मांगी।
रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद व्यक्ति ने पंचायत प्रधान और सचिव पर भूमि दस्तावेजों से छेड़छाड़ और धोखाधड़ी करने के आरोप लगाकर पंचायती राज विभाग निदेशालय में कार्य की जांच करने की शिकायत की। शिकायत के बाद विभाग की ओर से जांच के लिए विभागीय टीम का गठन किया गया। अब जब पंचायत में जांच जारी हुई तो मौके से पंचायत प्रतिनिधि शामिल नहीं हुए। ऐसे में शिकायतकर्ता ने दोबारा पंचायती राज निदेशालय और विजिलेंस को शिकायत भेजी है।
कोट्स
विभागीय टीम मौके पर मामले की जांच के लिए पहुंची थी, लेकिन केवल एक ही पक्ष मौके पर पहुंचा था। ऐसे में अब टीम आगामी जांच के लिए कब जाएगी, यह तय नहीं हो पाया है। -नीना सोनी, कार्यकारी खंड विकास अधिकारी, हमीरपुर
जांच में शामिल होने के लिए जब पत्र प्राप्त हुआ था, उसी समय लिखित में उपस्थित न होने का कारण स्पष्ट कर दिया है। आगामी समय में जांच के लिए बुलाया जाएगा तो जांच में पूरा सहयोग दिया जाएगा। -ज्योति देवी, पूर्व पंचायत प्रधान
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बीते बुधवार को खंड विकास अधिकारी कार्यालय हमीरपुर और पंचायती राज विभाग की टीम पंचायत के वार्ड नंबर सात दबसाई में पहुंची, तो शिकायतकर्ता मनोज कुमार के अलावा पंचायत की ओर से कोई भी प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा। ऐसे में जांच अधिकारियों बिना जांच किए मौके से वापस आना पड़ा।
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हालांकि पूर्व पंचायत प्रधान का तर्क है कि जब उन्हें जांच में शामिल होने के लिए तय दिन की सूचना दी गई थी, उस वक्त ही उन्होंने लिखित में विभाग को जवाब दे दिया था कि निजी कार्य के लिए वह इस दिन उपलब्ध नहीं हो सकेंगी। ऐसे में जांच में देरी को लेकर शिकायतकर्ता ने पंचायती राज निदेशालय शिमला, विजिलेंस और जिला पंचायती राज अधिकारी को शिकायत भेजकर मामले में जांच करवाने की मांग की है।
गौरतलब है कि पंचायत की ओर से एक वर्ष पूर्व वार्ड नंबर सात में संपर्क रास्ते का निर्माण करवाया गया है। निर्माण के दौरान गांव के एक व्यक्ति ने भूमि पर कोर्ट स्टे का हवाला देकर कार्य को रुकवा दिया, लेकिन पंचायत ने आपसी मतभेद को कार्य में न डालने का हवाला देकर कार्य को पूर्ण करवा दिया। कार्य के दो माह बाद उक्त व्यक्ति ने आरटीआई के माध्यम से कार्य की रिपोर्ट मांगी।
रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद व्यक्ति ने पंचायत प्रधान और सचिव पर भूमि दस्तावेजों से छेड़छाड़ और धोखाधड़ी करने के आरोप लगाकर पंचायती राज विभाग निदेशालय में कार्य की जांच करने की शिकायत की। शिकायत के बाद विभाग की ओर से जांच के लिए विभागीय टीम का गठन किया गया। अब जब पंचायत में जांच जारी हुई तो मौके से पंचायत प्रतिनिधि शामिल नहीं हुए। ऐसे में शिकायतकर्ता ने दोबारा पंचायती राज निदेशालय और विजिलेंस को शिकायत भेजी है।
कोट्स
विभागीय टीम मौके पर मामले की जांच के लिए पहुंची थी, लेकिन केवल एक ही पक्ष मौके पर पहुंचा था। ऐसे में अब टीम आगामी जांच के लिए कब जाएगी, यह तय नहीं हो पाया है। -नीना सोनी, कार्यकारी खंड विकास अधिकारी, हमीरपुर
जांच में शामिल होने के लिए जब पत्र प्राप्त हुआ था, उसी समय लिखित में उपस्थित न होने का कारण स्पष्ट कर दिया है। आगामी समय में जांच के लिए बुलाया जाएगा तो जांच में पूरा सहयोग दिया जाएगा। -ज्योति देवी, पूर्व पंचायत प्रधान