{"_id":"6a416f1dd21cb05826025739","slug":"the-use-of-cluster-facilities-will-now-be-evaluated-hamirpur-hp-news-c-94-1-ssml1011-198847-2026-06-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: अब क्लस्टर सुविधाओं के इस्तेमाल का होगा मूल्यांकन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: अब क्लस्टर सुविधाओं के इस्तेमाल का होगा मूल्यांकन
Mon, 29 Jun 2026 12:29 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 29 Jun 2026 12:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। जिले के छह शिक्षा खंडों में संचालित क्लस्टर प्रणाली की प्रभावशीलता का अब व्यापक स्तर पर मूल्यांकन किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने क्लस्टर सुविधाओं के उपयोग, संसाधनों की स्थिति और विद्यार्थियों को मिल रही सेवाओं का आकलन करने के लिए सर्वे कमेटी का गठन किया है।
यह कमेटी रैंडम आधार पर स्कूलों का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके आधार पर आगामी शैक्षणिक सत्र में अतिरिक्त सुविधाओं के विस्तार की योजना बनाई जाएगी।विभाग के निर्देशानुसार सभी क्लस्टर प्रभारियों को अपने अधीन आने वाले स्कूलों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
साथ ही क्लस्टर स्तर पर संचालित गतिविधियों, उपलब्ध संसाधनों, विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही सुविधाओं और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित सभी रिकॉर्ड अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि निरीक्षण के दौरान सही और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध करवाई जा सके।
विज्ञापन
क्लस्टर प्रणाली का उद्देश्य स्कूलों के बीच समन्वय स्थापित करना और विज्ञान प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, खेल सामग्री, स्मार्ट कक्षाओं, सूचना एवं संचार तकनीक आधारित उपकरणों सहित अन्य शैक्षणिक संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकेंगी।
सर्वे कमेटी निरीक्षण के दौरान केवल भवनों और संसाधनों की उपलब्धता ही नहीं, बल्कि उनके वास्तविक उपयोग और विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभ का भी आकलन करेगी।
कोट
क्लस्टर प्रभारियों को अपने अधीन आने वाले स्कूलों का निरीक्षण करने व विद्यार्थियों को पढ़ाई में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तरीय कमेटी स्कूलों का निरीक्षण कर स्कूलों का आकलन करेगी। -कमल किशोर, कार्यकारी उच्च शिक्षा उपनिदेशक, हमीरपुर
विज्ञापन
यह कमेटी रैंडम आधार पर स्कूलों का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके आधार पर आगामी शैक्षणिक सत्र में अतिरिक्त सुविधाओं के विस्तार की योजना बनाई जाएगी।विभाग के निर्देशानुसार सभी क्लस्टर प्रभारियों को अपने अधीन आने वाले स्कूलों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन
साथ ही क्लस्टर स्तर पर संचालित गतिविधियों, उपलब्ध संसाधनों, विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही सुविधाओं और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित सभी रिकॉर्ड अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि निरीक्षण के दौरान सही और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध करवाई जा सके।
विज्ञापन
क्लस्टर प्रणाली का उद्देश्य स्कूलों के बीच समन्वय स्थापित करना और विज्ञान प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, खेल सामग्री, स्मार्ट कक्षाओं, सूचना एवं संचार तकनीक आधारित उपकरणों सहित अन्य शैक्षणिक संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकेंगी।
सर्वे कमेटी निरीक्षण के दौरान केवल भवनों और संसाधनों की उपलब्धता ही नहीं, बल्कि उनके वास्तविक उपयोग और विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभ का भी आकलन करेगी।
कोट
क्लस्टर प्रभारियों को अपने अधीन आने वाले स्कूलों का निरीक्षण करने व विद्यार्थियों को पढ़ाई में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तरीय कमेटी स्कूलों का निरीक्षण कर स्कूलों का आकलन करेगी। -कमल किशोर, कार्यकारी उच्च शिक्षा उपनिदेशक, हमीरपुर