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हिमाचल विधानसभा सत्र: प्रश्नकाल में शामिल नहीं हुई भाजपा, सरकार के प्रति जताया विरोध

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 27 Mar 2026 04:52 PM IST
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सार

 प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में भाजपा विधायक शुक्रवार को प्रश्नकाल में शामिल नहीं हुए। 

Himachal Assembly Session: BJP Skips Question Hour, Registers Protest Against Govt
हिमाचल प्रदेश विधानसभा । - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

 हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में भाजपा विधायक शुक्रवार को प्रश्नकाल में शामिल नहीं हुए। हालांकि, सभी विधायक सदन के भीतर रहे लेकिन सरकार के प्रति विरोध जताते हुए प्रश्न नहीं पूछे। प्रश्नकाल से पहले नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से प्वाइंट ऑफ आर्डर के तहत बोलने का आग्रह किया। अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्नकाल के बाद उन्हें बोलने का मौका दिया जाएगा। इस पर विपक्ष ने नाराजगी जताते हुए अपने सवाल नहीं पूछे। 

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मां चिंतपूर्णी के चरणों में चढ़ी 2.98 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा
 कांग्रेस विधायक राकेश कालिया की ओर से विदेशी मुद्रा को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि माता चिंतपूर्णी मंदिर को चढ़ावे के रूप में 2.98 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई है। विदेशी मुद्रा का लेखांकन प्रति दिन चढ़ावा रजिस्टर में किया जाता है। इसके बाद एसबीआई चिंतपूर्णी शाखा में भारतीय मुद्रा में परिवर्तित करने के लिए भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि विश्वभर में माता चिंतपूर्णी के भक्त हैं। मंदिर को डॉलर, पौंड, दीरम, दिनार सहित अन्य विदेशी मुद्रा के रूप में चढ़ावा चढ़ता है। 

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स्मार्ट मीटर से दिक्कत है तो दफ्तर में दें शिकायत
शिमला। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि स्मार्ट बिजली मीटर लगाने की योजना केंद्र सरकार की है। प्रदेश में जितने भी स्मार्ट मीटर लग रहे हैं, वे सब केंद्र सरकार के तय मानकों के आधार पर लग रहे हैं। जहां भी उपभोक्ताओं के अधिक बिल आ रहे हैं, वे संबंधित डिवीजन में इसकी शिकायत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर पेश आ रही कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। कांग्रेस विधायक आशीष बुटेल और रामकुमार चौधरी के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीएसएस योजना के तहत दो साल में स्मार्ट मीटर लगाने का काम किया जाना प्रस्तावित था। इसमें देरी हुई है। योजना को दिसंबर 2027 तक बढ़ाया गया है। मीटर नहीं लगाने की सूरत में केंद्र सरकार की ओर से दी जाने वाले ग्रांट को लोन में बदल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मीटर लगाने वाली कंपनी के काम की जांच की जाएगी। 

शिक्षा मंत्री ने की कॉलेजों में नामांकन बढ़ाने की अपील
 शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विधायकों से अपने-अपने क्षेत्र के कॉलेजों में विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ाने की अपील की। नालागढ़ से विधायक हरदीप सिंह बावा के सवाल का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि मंडी, रामपुर और सीमा जैसे बड़े कॉलेजों में भी दाखिलों में कमी आई है। इस कारण सरकार को 75 से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले कॉलेजों का विलय करना पड़ रहा है। इस पर बावा ने कहा कि रामशहर कॉलेज चार कमरों में चल रहा है। यहां सभी संकाय भी नहीं पढ़ाए जा रहे। इस कारण दाखिले कम हैं। कॉलेज के नए भवन का 70 फीसदी निर्माण पूरा हो चुका है। सरकार को इसे जल्द पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं विश्वास दिलाता हूं कि नया भवन बनने और सभी संकाय शुरू होने पर दाखिले बढ़ेंगे।

मजारी अनाज मंडी में गेहूं की खरीद शुरू करने की मांग
श्री नैनादेवी जी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रणधीर शर्मा ने शुक्रवार को शून्यकाल के दौरान उनके विधानसभा क्षेत्र की मजारी अनाज मंडी में गेहूं की खरीद बंद होने का मामला उठाया। विधायक ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कृषि विपणन बोर्ड ने पूर्व भाजपा सरकार के समय मजारी गांव में अनाज मंडी की सुविधा शुरू की थी। 1.84 करोड़ की लागत से बनी इस मंडी का 2022 में उद्घाटन हुआ और यहां गेहूं खरीद शुरू की गई। इसके बाद से यह मंडी बंद हैं। आसपास के क्षेत्रों में करीब 10 हजार क्विंटल गेहूं की पैदावार होती है और किसानों को अपनी फसल पंजाब की मंडियों में बेचनी पड़ती है। पंजाब सरकार ने भी अपनी मंडियों में सिर्फ पंजाब के किसानों की ही उपज खरीदने की व्यवस्था लागू कर दी है। ऐसे में हिमाचल के किसान पंजाब में रहने वाले रिश्तेदारों के नाम पर अपनी गेहूं बेचने को मजबूर है। रणधीर शर्मा ने सरकार से इसी सीजन में मजारी अनाज मंडी में गेहूं की खरीद शुरू करने की मांग उठाई। 

विद्युत परियोजना के लिए बिना मंजूरी निकाली जा रहीं सड़कें : लोकेंद्र
 आनी से विधायक लोकेंद्र कुमार ने शून्यकाल में एक मेगावाॅट क्षमता की बागीपुल जलविद्युत परियोजना के लिए बिना एफसीए मंजूरी के निकाली जा रही सड़कों का मामला उठाया। लोकेंद्र ने कहा कि इस प्रोजेक्ट की जद में करीब 400 बीघा जमीन आ रही है, जिसमें 7 घराट चल रहे हैं। प्रोजेक्ट के लिए स्थानीय लोगों का हक ताक पर नहीं रखा जाना चाहिए। 

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