Himachal Rain: सिरमाैर के बागनाधार में भूस्खलन से हादसा; तीन लोग मलबे में दबे, राहत कार्य जारी
सिरमौर में चूना पत्थर खान में भूस्खलन होने से तीन मजदूर मलबे में दब गए। ट्रक और एलएनटी मशीन भी मलबे की चपेट में आ गए हैं। दबे लोगों में कमरऊ तहसील के हेवना गांव का एक स्थानीय निवासी और दो प्रवासी मजदूर बताए जा रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर कहर बनकर बरसा है। सिरमौर में चूना पत्थर खान में भूस्खलन होने से तीन मजदूर मलबे में दब गए, जबकि लाहौल-स्पीति में बादल फटने से सड़क बहने से नीलकंठ यात्रा पर निकले श्रद्धालु और किसानों के वाहन फंस गए हैं। भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं से प्रदेशभर में जनजीवन प्रभावित रहा। कालका-शिमला रेलमार्ग पर मलबा आने से चार ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं, जबकि मंडी में एनएच-3 पर चट्टानें गिरने से यातायात बाधित हो गया। वहीं, सिरमौर में नाले में उफान आने से मातर स्कूल के 43 बच्चे और 12 अध्यापक तीन घंटे तक फंसे रहे।
जानकारी के अनुसार सिरमौर जिले के कफोटा उपमंडल के बांगरण धार में खनन क्षेत्र में मंगलवार को चूना पत्थर खान में अचानक भूस्खलन हो गया। भारी मात्रा में मलबा आने से तीन मजदूर दब गए। ट्रक और एलएनटी मशीन भी मलबे की चपेट में आ गए हैं। दबे लोगों में कमरऊ तहसील के हेवना गांव का एक स्थानीय निवासी और दो प्रवासी मजदूर बताए जा रहे हैं। नायब तहसीलदार कमरऊ ओम प्रकाश ठाकुर ने बताया कि बचाव कार्य जारी है, लेकिन स्लाइडिंग जोन होने के कारण लगातार मलबा गिर रहा है, जिससे राहत और बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है। प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर डटे हुए हैं। खनन के काम पर रोक है लेकिन बताया जा रहा है कि कुछ मजदूर सामान लेने के लिए खान में गए थे।
स्कूल की छत का गिरा प्लास्टर, बच्ची को लगे 11 टांके
सिरमौर जिले के संगड़ाह के प्राथमिक स्कूल लगनू की छत का प्लास्टर गिर गया। कक्षा में पढ़ाई कर रही एक बच्ची के सिर पर गिरा। इससे वह बुरी तरह से घायल हो गई। शिक्षक उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल ले गए जहां उसके सिर पर 11 टांके लगाए गए हैं। बरसात में जिले के कई पुराने स्कूल भवन जर्जर हो गए हैं। अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।