हिमाचल: बेटियों ने रोइंग में लहराया परचम, राष्ट्रीय सब जूनियर चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण
रामपुर की श्रेया ठाकुर और किन्नौर जिले के पौंडा की अर्चिता नेगी ने डबल स्कल वर्ग में शानदार तालमेल और बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर स्वर्ण पदक जीता। दोनों खिलाड़ी साई अकादमी केरल में रोइंग का प्रशिक्षण ले रही हैं।
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कोलकाता में आयोजित 27वीं राष्ट्रीय सब जूनियर रोइंग चैंपियनशिप में हिमाचल प्रदेश की दो बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। रामपुर की श्रेया ठाकुर और किन्नौर जिले के पौंडा की अर्चिता नेगी ने डबल स्कल वर्ग में शानदार तालमेल और बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर स्वर्ण पदक जीता। दोनों खिलाड़ी साई अकादमी केरल में रोइंग का प्रशिक्षण ले रही हैं। रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से 7 से 9 अगस्त तक कोलकाता में आयोजित प्रतियोगिता में हिमाचल की जोड़ी ने शुरुआत से ही शानदार प्रदर्शन किया। कड़ी मेहनत और बेहतरीन टीमवर्क के दम पर दोनों ने डबल स्कल वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। वाटर स्पोर्ट्स में प्रदेश की बेटियों की इस उपलब्धि की खूब सराहना हो रही है।
श्रेया ने जीते दो स्वर्ण
निरमंड तहसील की सरघा पंचायत से संबंध रखने वाली 16 वर्षीय श्रेया ठाकुर ने बेहद कम उम्र में रोइंग में अपनी पहचान बनाई है। उसकी प्रारंभिक शिक्षा रामपुर के कन्या स्कूल में हुई। दो वर्ष पहले उसका चयन साई अकादमी बिलासपुर के लिए हुआ था। यहां बेहतर प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उसने प्रतिभा साबित की। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन के चलते श्रेया का चयन साई अकादमी केरल के लिए हुआ। कोलकाता में स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही श्रेया अब तक दो राष्ट्रीय स्वर्ण पदक अपने नाम कर चुकी है। उसके प्रदर्शन को देखते हुए आने वाले समय में उसके अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी देश का प्रतिनिधित्व करने की उम्मीद जताई जा रही है। श्रेया के पिता सोहन ठाकुर पेशे से ठेकेदार हैं। उन्होंने बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
किन्नौर की अर्चिता ने भी दिखाया दमखम
अर्चिता नेगी किन्नौर जिले के निचार विकासखंड के पौंडा गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता छोल्तू स्थित स्कूल में प्रधानाचार्य हैं। अर्चिता और श्रेया की जोड़ी ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार तालमेल दिखाते हुए हिमाचल के लिए स्वर्ण पदक जीता। ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है।