फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   HP Horticulture: Mangoes, citrus fruits, and even C grade apples get MSP support; find out how farmers will be

HP Horticulture: सी-ग्रेड सेब समेत आम और खट्टे फलों को मिला एमएसपी का सहारा, जानें किसानों को क्या होगा फायदा

Mon, 27 Jul 2026 09:02 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Mon, 27 Jul 2026 09:02 PM IST
सार

सरकार ने फल उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए वर्ष 2026 के लिए मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) लागू करने को मंजूरी दे दी है। 

विज्ञापन
HP Horticulture: Mangoes, citrus fruits, and even C grade apples get MSP support; find out how farmers will be
सेब समेत आम और खट्टे फल। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश सरकार ने फल उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए वर्ष 2026 के लिए मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) लागू करने को मंजूरी दे दी है। योजना के तहत प्रोसेसिंग ग्रेड आम, सिट्रस फलों और सी-ग्रेड सेब की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाएगी। इससे बाजार में कम कीमत मिलने की स्थिति में किसानों और बागवानों को राहत मिलने की उम्मीद है। बागवानी विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि योजना के तहत सी-ग्रेड सेब, किन्नू, माल्टा, संतरा तथा आम की खरीद 12 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की जाएगी, जबकि गलगल के लिए 10 रुपये प्रति किलोग्राम मूल्य निर्धारित किया गया है।

विज्ञापन

फलों की खरीद हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) के माध्यम से होगी। आवश्यकता पड़ने पर सेब खरीद में हिमफेड का सहयोग भी लिया जाएगा। प्रदेश में आम उत्पादकों के लिए 15 जुलाई से 31 अगस्त तक खरीद अवधि निर्धारित की गई है। सीडलिंग, ग्राफ्टेड और कच्चे अचारी आम की खरीद के लिए 42 संग्रहण केंद्र स्थापित किए गए हैं। वहीं किन्नू, माल्टा, संतरा और गलगल की खरीद 21 नवंबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तक होगी। सबसे अधिक राहत सेब उत्पादकों को मिली है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार ने योजना के तहत अधिकतम 1.50 लाख मीट्रिक टन सी-ग्रेड सेब खरीदने का लक्ष्य तय किया है। इसकी खरीद 1 अगस्त से 31 अक्तूबर 2026 तक होगी। हालांकि केवल 51 मिलीमीटर से अधिक आकार और निर्धारित गुणवत्ता मानकों वाले सेब ही खरीदे जाएंगे। सड़े-गले, रोगग्रस्त, कीट प्रभावित या एथेफोन से उपचारित सेब खरीद के दायरे से बाहर रहेंगे। योजना का लाभ केवल पंजीकृत किसानों को मिलेगा। इसके लिए एचपीएमसी के एमआईएस पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। किसानों को अधिसूचित खरीद केंद्रों पर गुणवत्ता मानकों के अनुरूप फल लाने होंगे। नियमों के अनुसार खरीद के समय वाष्पीकरण और वजन में संभावित कमी की भरपाई के लिए कुल वजन का 2.5 प्रतिशत अतिरिक्त फल भी देना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed