Himachal: कंगना रणौत बोलीं- उदार से जागरूक हिंदू बनना चाहती हूं, पर मेरे लिए यह रास्ता क्यों बंद
सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कंगना ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। कहा कि फिल्म जगत में उन्होंने कई ऐसी हिंदू महिलाओं को करीब से देखा है, जो शुरुआत में किसी खास राजनीतिक या धार्मिक विचारधारा से नहीं जुड़ी थीं।
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हिमाचल प्रदेश के मंडी संसदीय क्षेत्र से सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रणौत ने कहा कि वह पहले खुद को उदार हिंदू मानती थीं, लेकिन अब जागरूक हिंदू बनना चाहती हैं। उनके पुराने फिल्मी कॅरिअर और अतीत को आधार बनाकर आज भी उनके वैचारिक बदलाव पर सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब हर व्यक्ति को अपनी पसंद की विचारधारा अपनाने की आजादी है तो उनके लिए यह रास्ता क्यों बंद माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कंगना ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
किसी भी व्यक्ति को अपनी पसंद की विचारधारा या धर्म अपनाने का सांविधानिक अधिकार: कंंगना
कहा कि फिल्म जगत में उन्होंने कई ऐसी हिंदू महिलाओं को करीब से देखा है, जो शुरुआत में किसी खास राजनीतिक या धार्मिक विचारधारा से नहीं जुड़ी थीं। बाद में शादी या दोस्ती के जरिये कुछ लोगों के संपर्क में आने के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल गई। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी पसंद की विचारधारा या धर्म अपनाने का सांविधानिक अधिकार है। इसमें कोई बुराई नहीं है। अकसर उन्हें तंज सुनने को मिलता है कि वह कब से संघी बन गईं।
हिंदू बेटियों को अकसर अपने अतीत की अग्निपरीक्षा देनी पड़ती है: कंगना
कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपनी पसंद की विचारधारा बदल सकता है तो उन्हें भी भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से प्रेरित जागरूक हिंदू बनने का अधिकार है। उन्होंने इसे समाज का दोहरा रवैया बताते हुए कहा कि हिंदू बेटियों को अकसर अपने अतीत की अग्निपरीक्षा देनी पड़ती है, जबकि दूसरों के साथ ऐसा नहीं होता। कंगना ने कहा कि समाज को यह स्वीकार करना चाहिए कि समय के साथ व्यक्ति के विचार बदल सकते हैं। जैसे दूसरे लोगों को अपनी वैचारिक पहचान चुनने की स्वतंत्रता है, वैसे ही हिंदू बेटियों को भी बिना पूर्वाग्रह के पसंद का रास्ता चुनने का अधिकार मिलना चाहिए।