Himachal: मेधावियों को मिलेंगे 16-16 हजार, शिक्षकों के रिक्त पद भरे जाएंगे, युक्तिकरण भी होगा
शिक्षा निदेशालय में प्रदेश के विद्यालयों में चल रहे विकासात्मक कार्यों, शैक्षणिक गुणवत्ता, रिक्त पदों, परीक्षा परिणाम तथा विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में सोमवार को शिक्षा निदेशालय में प्रदेश के विद्यालयों में चल रहे विकासात्मक कार्यों, शैक्षणिक गुणवत्ता, रिक्त पदों, परीक्षा परिणाम तथा विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा सचिव, शिक्षा निदेशक, अतिरिक्त निदेशक, समग्र शिक्षा परियोजना के परियोजना निदेशक, सभी जिला उपनिदेशक तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लंबित स्कूल निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा के लिए शीघ्र ही सचिव लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित अधिकारियों के साथ अलग बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों के निर्माण कार्य स्वीकृत होने के बावजूद शुरू नहीं हो पाए हैं, उनकी विस्तृत स्थिति रिपोर्ट सभी जिला उपनिदेशक शीघ्र उपलब्ध करवाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले माह पुनः समीक्षा बैठक आयोजित कर प्रत्येक जिले में विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
पांच लाख तक के सिविल कार्य एसएमसी करवा सकेंगी
बैठक में निर्णय लिया गया कि पांच लाख रुपये तक के सिविल कार्य विद्यालय प्रबंधन समितियां (एसएमसी) अपने स्तर पर करवा सकेंगी, जिससे छोटे विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके। शिक्षा मंत्री ने बताया कि श्रीनिवास रामानुजन स्टूडेंट डिजिटल योजना के अंतर्गत कुल 9,359 विद्यार्थी लाभार्थी हैं। इनमें से छह जिलों के 3,089 विद्यार्थियों के बैंक खातों में प्रति विद्यार्थी 16 हजार रुपये की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जा चुकी है, जबकि शेष 6,270 विद्यार्थियों के खातों में यह राशि 15 अगस्त से पूर्व हस्तांतरित कर दी जाएगी।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार होगी
उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम 25 प्रतिशत से कम है, वहां संबंधित जिला उपनिदेशक स्वयं निरीक्षण करेंगे तथा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करेंगे। वर्ष 2025-26 में खराब परीक्षा परिणाम वाले 123 मामलों में विभागीय कार्रवाई जारी है तथा ऐसे मामलों में अब जिला उपनिदेशकों को भी अपने सुझाव देने होंगे। रोहित ठाकुर ने कहा कि हार्ड एवं जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए विशेष प्रस्ताव तैयार किया जाएगा ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो। उन्होंने बताया कि 576 शिक्षकों के पद भरने की प्रक्रिया जारी है, जिनमें फिजिकल एजुकेशन, टीजीटी आर्ट्स, टीजीटी नॉन मेडिकल तथा टीजीटी मेडिकल के पद शामिल हैं। बैठक में विभागीय पदोन्नति मामलों की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री ने शिक्षा निदेशक को निर्देश दिए कि सभी लंबित पदोन्नति प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा किया जाए तथा पात्र अधिकारियों व कर्मचारियों के मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए।
लंबित कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश
उन्होंने विद्यालयों में रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्किल आधारित विषयों एवं पाठ्यक्रमों के नए विकल्प विकसित करने के निर्देश भी दिए। इस संबंध में शिक्षा विभाग विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगा। विकासात्मक कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि समग्र शिक्षा एवं पीडीएनए के अंतर्गत वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक 82.37 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इनमें 580 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 285 कार्य प्रगति पर हैं तथा 152 कार्य अभी शुरू नहीं हो पाए हैं। शिक्षा मंत्री ने सभी लंबित कार्यों में तेजी लाने तथा संबंधित एजेंसियों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
गैर बोर्ड कक्षाओं की परीक्षाएं दिसंबर में करने पर जोर
समेज क्षेत्र में आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालय के निर्माण कार्य में देरी पर शिक्षा मंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर संयुक्त निरीक्षण कर निर्माण कार्य प्रारंभ करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बजट उपलब्ध होने के बावजूद किसी भी निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वर्ष 2027 से दसवीं एवं बारहवीं बोर्ड कक्षाओं को छोड़कर अन्य कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं दिसंबर माह में आयोजित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा तथा इसके अनुरूप शैक्षणिक सत्र जनवरी से प्रारंभ करने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
738 भवनों का अन्य विभागों को शीघ्र हस्तांतरण सुनिश्चित करने के निर्देश
डी-नोटिफाइड एवं विलय किए गए विद्यालयों के भवनों की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री ने शेष 738 भवनों का अन्य विभागों को शीघ्र हस्तांतरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ऐसे विद्यालयों की अव्यय राशि को मर्ज किए गए विद्यालयों में स्थानांतरित करने को भी कहा। बैठक में विद्यालय निरीक्षण प्रणाली को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उपनिदेशकों को ऑनलाइन निरीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने तथा भौतिक निरीक्षण के दौरान फोटो एवं वीडियो आधारित रिपोर्ट अनिवार्य रूप से शिक्षा निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए गए।
शिक्षकों के युक्तिकरण पर चर्चा
शिक्षकों के युक्तिकरण पर चर्चा करते हुए निर्णय लिया गया कि जिन प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या कम तथा शिक्षकों की संख्या अधिक है, वहां से अतिरिक्त शिक्षकों को एकल शिक्षक या रिक्त पद वाले विद्यालयों में स्थानांतरित किया जाएगा। खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए समग्र शिक्षा के अंतर्गत प्राप्त 13 करोड़ रुपये से रिवॉल्विंग फंड स्थापित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही अप्रयुक्त खेल सामग्री एवं स्पोर्ट्स फंड का आवश्यकता वाले विद्यालयों में पुनर्वितरण किया जाएगा।
विभाग के स्पोर्ट्स वेब पोर्टल का शुभारंभ
बैठक के दौरान शिक्षा विभाग के आधुनिक स्पोर्ट्स वेब पोर्टल का शुभारंभ भी किया गया। इस पोर्टल के माध्यम से खेल प्रतियोगिताओं, स्पोर्ट्स हॉस्टलों, खिलाड़ियों के डिजिटल डाटाबेस, ऑनलाइन प्रमाणपत्र, लाइव प्रसारण तथा खेल गतिविधियों की रियल-टाइम निगरानी की सुविधा उपलब्ध होगी। बैठक में विभागीय अनुशासनात्मक मामलों की भी समीक्षा की गई। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, वित्तीय पारदर्शिता तथा प्रशासनिक अनुशासन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
स्कूली खेलों को डिजिटल उड़ान, एसएसए की नई वेबसाइट लॉन्च
प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सोमवार को हिमाचल स्कूल स्पोर्ट्स एसोसिएशन (एचएसएसए) की आधिकारिक वेबसाइट और वेब पोर्टल www.hssa.co.in का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश में विद्यालयी खेलों का डिजिटलीकरण करना है। मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म विद्यालयी खेल प्रतियोगिताओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और तकनीक आधारित बनाएगा। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों, शिक्षकों, अधिकारियों और आम नागरिकों को सभी जरूरी जानकारी एक ही मंच पर आसानी से उपलब्ध होगी। इस अवसर पर शिक्षा सचिव राकेश कंवर, राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा और निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली उपस्थित रहे। यह आधुनिक वेब पोर्टल विद्यालयी खेल गतिविधियों के सुचारु संचालन के लिए विकसित किया गया है। इसके माध्यम से खेल प्रतियोगिताओं से संबंधित सभी सेवाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पोर्टल में खिलाड़ियों, विद्यालयों और प्रतियोगिताओं का केंद्रीकृत डिजिटल डाटा बेस भी शामिल है।
इससे कागजी कार्रवाई में उल्लेखनीय कमी आएगी। पोर्टल विद्यालयों और खिलाड़ियों के ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा देता है। इसमें प्रतियोगिताओं का ऑनलाइन प्रबंधन, मैच कार्यक्रम, समय-सारणी, परिणाम और अंक तालिका शामिल है। नवीनतम समाचार, अधिसूचनाएं और महत्वपूर्ण घोषणाएं भी तुरंत प्रकाशित होंगी। यह पूर्णतः पेपरलेस और डिजिटल प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। सहभागिता, मेरिट, विजेता और उपलब्धि प्रमाण-पत्रों का क्यूआर कोड आधारित ऑनलाइन निर्माण और सत्यापन भी संभव है। एचएसएसए वेबसाइट का फ्रंटएंड विकास राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ढली (शिमला) के सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाएं (आईटीईएस) ट्रेड के व्यावसायिक विद्यार्थियों ने किया है। वेब पोर्टल का बैकएंड विकास और तकनीकी संरचना का निर्माण व्यावसायिक प्रशिक्षक प्रवीण मेघटा ने किया।