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Kangra News: मार्च में एचआरटीसी के बेड़े में शामिल होंगी 297 ई-बसें
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धर्मशाला। नए साल में एचआरटीसी के बेड़े में 297 नई ई-बसें शामिल होंगी। मार्च में एचआरटीसी के सभी डिपुओं में इन 297 नई ई-बसों को दिया जाएगा। ये हरे रंग की बसें पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगी। 1.72 करोड़ रुपये की एक बस निगम की आय बढ़ाने के साथ निगम का खर्चा भी कम करेंगी। नई इलेक्ट्रिक बसें आने से निगम की करीब रोजाना का दो लाख रुपये का डीजल का खर्च बचेगा।
सबसे पहले दो से तीन बसों को ट्रायल पर लाया जाएगा और उनके संचालन से पता किया जाएगा कि डीजल बसों के मुकाबले इनका खर्चा कितना आता है। अगर इन बसों का परिणाम अच्छा रहा तो वर्ष 2027 में परिवहन निगम की ओर से 300 और नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी। ये बसें अत्याधुनिक तकनीक से लैस होंगी, जिससे यात्रियों को अधिक आरामदायक, शांत और प्रदूषणमुक्त यात्रा अनुभव मिलेगा।
जानकारी के अनुसार एक बस की कीमत 1.72 करोड़ रुपये होगी। वहीं, कंपनी के साथ 12 साल का एग्रीमेंट रहेगा। इन 12 सालों में अगर किसी बस में कोई भी दिक्कत या तकनीकी खराबी आता है तो कंपनी की ओर से ही सारा मरम्मत और रखरखाव का कार्य किया जाएगा। मरम्मत पर एचआरटीसी की ओर से कोई पैसा खर्च नहीं किया जाएगा। खास बात तो यह है कि एक बार चार्ज होने के बाद बस 240 किलोमीटर का सफर तय कर सकेंगी। वहीं, सुपर चार्जर होने से बस आधे घंटे में ही पूरी तरह से चार्ज हो जाएगी।
मौजूदा समय में धर्मशाला और शिमला में स्मार्ट सिटी की ओर से मिली कुछेक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों की कमाई डीजल वाली बसों से अधिक है और मेंटेनेंस का खर्चा भी कम है।
एचआरटीसी की ओर से नई 297 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जा रही हैं। मार्च में प्रदेश के सभी निगम के डिपुओं को बसें बांटी जाएंगी। सबसे खास बात यह है कि 12 साल तक बसों की मरम्मत और मेंटेनेंस का सारा कार्य संबंधित कंपनी का ही रहेगा। नई बसों से निगम की आय में बढ़ोतरी के साथ पर्यावरण संरक्षण भी होगा। - अजय वर्मा, उपाध्यक्ष, हिमाचल पथ परिवहन निगम
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सबसे पहले दो से तीन बसों को ट्रायल पर लाया जाएगा और उनके संचालन से पता किया जाएगा कि डीजल बसों के मुकाबले इनका खर्चा कितना आता है। अगर इन बसों का परिणाम अच्छा रहा तो वर्ष 2027 में परिवहन निगम की ओर से 300 और नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी। ये बसें अत्याधुनिक तकनीक से लैस होंगी, जिससे यात्रियों को अधिक आरामदायक, शांत और प्रदूषणमुक्त यात्रा अनुभव मिलेगा।
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जानकारी के अनुसार एक बस की कीमत 1.72 करोड़ रुपये होगी। वहीं, कंपनी के साथ 12 साल का एग्रीमेंट रहेगा। इन 12 सालों में अगर किसी बस में कोई भी दिक्कत या तकनीकी खराबी आता है तो कंपनी की ओर से ही सारा मरम्मत और रखरखाव का कार्य किया जाएगा। मरम्मत पर एचआरटीसी की ओर से कोई पैसा खर्च नहीं किया जाएगा। खास बात तो यह है कि एक बार चार्ज होने के बाद बस 240 किलोमीटर का सफर तय कर सकेंगी। वहीं, सुपर चार्जर होने से बस आधे घंटे में ही पूरी तरह से चार्ज हो जाएगी।
मौजूदा समय में धर्मशाला और शिमला में स्मार्ट सिटी की ओर से मिली कुछेक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों की कमाई डीजल वाली बसों से अधिक है और मेंटेनेंस का खर्चा भी कम है।
एचआरटीसी की ओर से नई 297 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जा रही हैं। मार्च में प्रदेश के सभी निगम के डिपुओं को बसें बांटी जाएंगी। सबसे खास बात यह है कि 12 साल तक बसों की मरम्मत और मेंटेनेंस का सारा कार्य संबंधित कंपनी का ही रहेगा। नई बसों से निगम की आय में बढ़ोतरी के साथ पर्यावरण संरक्षण भी होगा। - अजय वर्मा, उपाध्यक्ष, हिमाचल पथ परिवहन निगम