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Kangra News: फलदार पौधों से महकेगी 600 हेक्टेयर भूमि
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धर्मशाला। कांगड़ा जिले में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित शिवा प्रोजेक्ट के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। उद्यान विभाग ने इस चरण में 600 हेक्टेयर भूमि पर फलदार पौधों के बाग विकसित करने का लक्ष्य तय किया है।
इसके लिए अब तक 500 हेक्टेयर भूमि का चयन किया जा चुका है, जबकि शेष क्षेत्र का चयन कार्य जारी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार चयनित भूमि में से 300 हेक्टेयर भूमि पर बैजनाथ, लंबागांव, देहरा, परागपुर और नगरोटा सूरियां क्षेत्र में सर्वे किया जा रहा है।
इसके अलावा सुलह, नूरपुर, फतेहपुर, नगरोटा बगवां, भवारना और लंबागांव ब्लॉक में भी सर्वेक्षण जारी है। सर्वे पूरा होने के बाद इन क्षेत्रों को भी परियोजना में शामिल किया जाएगा।
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भूमि चयन के दौरान ऐसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां फलदार पौधों की खेती की बेहतर संभावनाएं हों और किसान लंबे समय तक इसका आर्थिक लाभ उठा सकें। परियोजना के तहत चयनित भूमि पर वैज्ञानिक पद्धति से पौधरोपण कराया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए विभाग आवश्यक औपचारिकताओं को तेजी से पूरा कर रहा है। पहले चरण के तहत उद्यान विभाग ने 781 हेक्टेयर भूमि का चयन किया था। इनमें से 465 हेक्टेयर क्षेत्र में विकास कार्य पूरा हो चुका है और मानसून के दौरान यहां फलदार पौधों का रोपण शुरू किया जाएगा। शेष क्षेत्रों में कार्य प्रगति पर है। पहले चरण में जिले के 81 क्लस्टरों में परियोजना पर काम चल रहा है।
शिवा प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में 600 हेक्टेयर भूमि पर फलदार पौधों के बाग विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकांश भूमि का चयन हो चुका है और शेष क्षेत्रों में सर्वे जारी है। -डॉ. अलक्ष पठानिया, उपनिदेशक, उद्यान विभाग, कांगड़ा
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इसके लिए अब तक 500 हेक्टेयर भूमि का चयन किया जा चुका है, जबकि शेष क्षेत्र का चयन कार्य जारी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार चयनित भूमि में से 300 हेक्टेयर भूमि पर बैजनाथ, लंबागांव, देहरा, परागपुर और नगरोटा सूरियां क्षेत्र में सर्वे किया जा रहा है।
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इसके अलावा सुलह, नूरपुर, फतेहपुर, नगरोटा बगवां, भवारना और लंबागांव ब्लॉक में भी सर्वेक्षण जारी है। सर्वे पूरा होने के बाद इन क्षेत्रों को भी परियोजना में शामिल किया जाएगा।
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भूमि चयन के दौरान ऐसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां फलदार पौधों की खेती की बेहतर संभावनाएं हों और किसान लंबे समय तक इसका आर्थिक लाभ उठा सकें। परियोजना के तहत चयनित भूमि पर वैज्ञानिक पद्धति से पौधरोपण कराया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए विभाग आवश्यक औपचारिकताओं को तेजी से पूरा कर रहा है। पहले चरण के तहत उद्यान विभाग ने 781 हेक्टेयर भूमि का चयन किया था। इनमें से 465 हेक्टेयर क्षेत्र में विकास कार्य पूरा हो चुका है और मानसून के दौरान यहां फलदार पौधों का रोपण शुरू किया जाएगा। शेष क्षेत्रों में कार्य प्रगति पर है। पहले चरण में जिले के 81 क्लस्टरों में परियोजना पर काम चल रहा है।
शिवा प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में 600 हेक्टेयर भूमि पर फलदार पौधों के बाग विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकांश भूमि का चयन हो चुका है और शेष क्षेत्रों में सर्वे जारी है। -डॉ. अलक्ष पठानिया, उपनिदेशक, उद्यान विभाग, कांगड़ा