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Kangra News: झमाझम बारिश के साथ चला अधंड़, ओले भी गिरे
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धर्मशाला में बारिश के दौरान छाता लिए युवतियां।
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धर्मशाला। कांगड़ा जिले के पहाड़ी और चंगर क्षेत्रों में वीरवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदल ली। झमाझम बारिश के साथ अंधड़ ने जहां लोगों को कुछ समय के लिए डरा दिया, वहीं कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत भी दिलाई। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
धर्मशाला में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। दोपहर बाद अचानक आसमान में काले बादल छा गए और कुछ समय के लिए अंधेरा जैसा माहौल बन गया। इसके बाद धर्मशाला, पालमपुर, नूरपुर और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई।
कई स्थानों पर अंधड़ इतना तेज था कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। धर्मशाला में तेज बारिश और कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को दिन के समय भी वाहनों की लाइटें और पार्किंग लाइटें जलाकर सफर करना पड़ा।
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बारिश से किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। लंबे समय से बारिश न होने के कारण खेतों में नमी की कमी बनी हुई थी। अब वर्षा से जमीन में पर्याप्त नमी पहुंची है, जिससे धान की पनीरी तैयार करने और खेतों की जुताई में मदद मिलेगी। किसानों को उम्मीद है कि समय पर हुई यह बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
चंगर क्षेत्र के किसानों ने भी राहत जताई है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी और सूखे हालात चिंता का कारण बने हुए थे। यदि आगामी दिनों में भी इसी तरह बारिश होती रही तो धान और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई सुचारु रूप से हो सकेगी।
बारिश से जंगलों में लगने वाली आग की घटनाओं पर भी अंकुश लगने की उम्मीद जगी है। हाल के दिनों में जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही थीं। बारिश के बाद जंगलों में बढ़ी नमी से आग लगने की आशंका कम होगी और वन संपदा को भी राहत मिलेगी।
धर्मशाला में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। दोपहर बाद अचानक आसमान में काले बादल छा गए और कुछ समय के लिए अंधेरा जैसा माहौल बन गया। इसके बाद धर्मशाला, पालमपुर, नूरपुर और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई।
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कई स्थानों पर अंधड़ इतना तेज था कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। धर्मशाला में तेज बारिश और कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को दिन के समय भी वाहनों की लाइटें और पार्किंग लाइटें जलाकर सफर करना पड़ा।
बारिश से किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। लंबे समय से बारिश न होने के कारण खेतों में नमी की कमी बनी हुई थी। अब वर्षा से जमीन में पर्याप्त नमी पहुंची है, जिससे धान की पनीरी तैयार करने और खेतों की जुताई में मदद मिलेगी। किसानों को उम्मीद है कि समय पर हुई यह बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
चंगर क्षेत्र के किसानों ने भी राहत जताई है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी और सूखे हालात चिंता का कारण बने हुए थे। यदि आगामी दिनों में भी इसी तरह बारिश होती रही तो धान और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई सुचारु रूप से हो सकेगी।
बारिश से जंगलों में लगने वाली आग की घटनाओं पर भी अंकुश लगने की उम्मीद जगी है। हाल के दिनों में जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही थीं। बारिश के बाद जंगलों में बढ़ी नमी से आग लगने की आशंका कम होगी और वन संपदा को भी राहत मिलेगी।