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Kangra News: आंगनबाड़ी केंद्रों में हर माह होगा छह वर्ष तक के बच्चों का मूल्यांकन
Sun, 28 Jun 2026 07:45 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 28 Jun 2026 07:45 AM IST
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धर्मशाला। आंगनबाड़ी केंद्रों में अब स्कूलों की तर्ज पर निर्धारित समय पर कक्षाएं लग रही हैं। इसके साथ ही तीन से छह वर्ष तक के बच्चों के सीखने और विकास का नियमित आकलन किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने बच्चों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बाकायदा पाठ्यक्रम जारी किया है। इसके तहत उनकी शैक्षणिक प्रगति, भाषा कौशल और सामाजिक व्यवहार पर फोकस किया जा रहा है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में अब न सिर्फ निर्धारित समय सारणी के अनुसार पढ़ाई हो रही है, बल्कि कार्यकर्ता केंद्र में पढ़ाए गए कार्य को माता-पिता के व्हाट्सएप नंबर पर भी भेज रही हैं। इसके साथ ही प्रत्येक माह बच्चों की गतिविधियों और सीखने की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। महीने के अंत में अभिभावकों के साथ बैठक कर बच्चों का प्रोग्रेस कार्ड साझा किया जाएगा और उन्हें घर पर भी बेहतर माहौल देने के सुझाव दिए जाएंगे।
राज्य में नई शिक्षा नीति के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में शिक्षा को दो प्रमुख घटकों में विभाजित किया गया है। इसमें तीन साल तक के बच्चों के विकास के लिए नवचेतना मॉड्यूल और तीन से छह साल तक के बच्चों के लिए आधारशिला कंपोनेंट तैयार किया गया है। इसके माध्यम से खेल, कविता और पेंटिंग जैसी गतिविधियों से बच्चों की गणितीय समझ, रचनात्मकता और सामाजिक कौशल को मजबूत किया जा रहा है ताकि उन्हें आगे की स्कूली शिक्षा के लिए तैयार किया जा सके। इससे पहले केंद्रों में केवल सामान्य गतिविधियां ही करवाई जाती थीं।
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आंगनबाड़ी केंद्रों में इस शैक्षणिक सत्र में बच्चों के विकास के लिए नवचेतना और आधारशिला कंपोनेंट बनाए गए हैं। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि इन कंपोनेंट में बच्चों की प्रारंभिक गतिविधियों का विकास हो सके और उन्हें छह साल तक विद्यालयी शिक्षा के लिए बेहतर ढंग से तैयार किया जा सके। -अशोक कुमार शर्मा, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग
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आंगनबाड़ी केंद्रों में अब न सिर्फ निर्धारित समय सारणी के अनुसार पढ़ाई हो रही है, बल्कि कार्यकर्ता केंद्र में पढ़ाए गए कार्य को माता-पिता के व्हाट्सएप नंबर पर भी भेज रही हैं। इसके साथ ही प्रत्येक माह बच्चों की गतिविधियों और सीखने की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। महीने के अंत में अभिभावकों के साथ बैठक कर बच्चों का प्रोग्रेस कार्ड साझा किया जाएगा और उन्हें घर पर भी बेहतर माहौल देने के सुझाव दिए जाएंगे।
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राज्य में नई शिक्षा नीति के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में शिक्षा को दो प्रमुख घटकों में विभाजित किया गया है। इसमें तीन साल तक के बच्चों के विकास के लिए नवचेतना मॉड्यूल और तीन से छह साल तक के बच्चों के लिए आधारशिला कंपोनेंट तैयार किया गया है। इसके माध्यम से खेल, कविता और पेंटिंग जैसी गतिविधियों से बच्चों की गणितीय समझ, रचनात्मकता और सामाजिक कौशल को मजबूत किया जा रहा है ताकि उन्हें आगे की स्कूली शिक्षा के लिए तैयार किया जा सके। इससे पहले केंद्रों में केवल सामान्य गतिविधियां ही करवाई जाती थीं।
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आंगनबाड़ी केंद्रों में इस शैक्षणिक सत्र में बच्चों के विकास के लिए नवचेतना और आधारशिला कंपोनेंट बनाए गए हैं। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि इन कंपोनेंट में बच्चों की प्रारंभिक गतिविधियों का विकास हो सके और उन्हें छह साल तक विद्यालयी शिक्षा के लिए बेहतर ढंग से तैयार किया जा सके। -अशोक कुमार शर्मा, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग