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Kangra News: डीबीटी व्यवस्था होगी मजबूत, सात दिन में होंगे लिंक लाभार्थियों के बैंक खाते
Wed, 29 Jul 2026 07:14 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 29 Jul 2026 07:14 AM IST
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देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए एमएमएपी पोर्टल पर चिह्नित लाभार्थियों के बैंक खातों को आधार से लिंक (सीडिंग) करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। विभाग ने सभी उपायुक्तों को पत्र भेजकर सात दिन में आधार-सक्षम बैंक खातों के सत्यापन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश जारी किए हैं।
इस अभियान की जिम्मेदारी संबंधित खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) और पंचायत सचिवों को सौंपी गई है। पंचायत सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल उन्हीं बैंक खातों को पोर्टल पर स्वीकृत करें जो लाभार्थी के आधार कार्ड से जुड़े हों और डीबीटी सेवाओं के लिए सक्रिय हों। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान लाभार्थी का नाम, आधार संख्या, खाते का स्वामित्व और एमएमएपी फेज-2 सर्वे का सही विवरण जांचना अनिवार्य होगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि लाभार्थियों के विवरण या जन्मतिथि में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाएगा। जिनकी ई-केवाईसी लंबित है, उनकी प्रक्रिया ई-परिवार पोर्टल के माध्यम से पूरी कराई जाएगी। इसके अलावा जिन पात्र लाभार्थियों के पास आधार-सक्षम बैंक खाते नहीं हैं, उनके खाते संबंधित बैंकों के सहयोग से जल्द खुलवाए जाएंगे।
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ग्रामीण विकास विभाग ने चेताया है कि फर्जी या गलत बैंक खातों को मंजूरी देने या सत्यापन में लापरवाही बरतने वाले पंचायत सचिवों व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सेवा नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पूरी प्रक्रिया की रियल-टाइम निगरानी के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग डैशबोर्ड भी तैयार किया जा रहा है। परागपुर की बीडीओ मीना शर्मा ने विभागीय निर्देश मिलने की पुष्टि की है।
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इस अभियान की जिम्मेदारी संबंधित खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) और पंचायत सचिवों को सौंपी गई है। पंचायत सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल उन्हीं बैंक खातों को पोर्टल पर स्वीकृत करें जो लाभार्थी के आधार कार्ड से जुड़े हों और डीबीटी सेवाओं के लिए सक्रिय हों। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान लाभार्थी का नाम, आधार संख्या, खाते का स्वामित्व और एमएमएपी फेज-2 सर्वे का सही विवरण जांचना अनिवार्य होगा।
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विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि लाभार्थियों के विवरण या जन्मतिथि में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाएगा। जिनकी ई-केवाईसी लंबित है, उनकी प्रक्रिया ई-परिवार पोर्टल के माध्यम से पूरी कराई जाएगी। इसके अलावा जिन पात्र लाभार्थियों के पास आधार-सक्षम बैंक खाते नहीं हैं, उनके खाते संबंधित बैंकों के सहयोग से जल्द खुलवाए जाएंगे।
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ग्रामीण विकास विभाग ने चेताया है कि फर्जी या गलत बैंक खातों को मंजूरी देने या सत्यापन में लापरवाही बरतने वाले पंचायत सचिवों व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सेवा नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पूरी प्रक्रिया की रियल-टाइम निगरानी के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग डैशबोर्ड भी तैयार किया जा रहा है। परागपुर की बीडीओ मीना शर्मा ने विभागीय निर्देश मिलने की पुष्टि की है।