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एनजीटी और उच्च न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन करें विभाग : एडीसी
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धर्मशाला। सभी विभाग प्राथमिकता के आधार पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और उच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करें। पर्यावरण स्वच्छता बनाए रखने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के नियमों का सफल क्रियान्वयन अनिवार्य है। सभी विभाग कचरा प्रबंधन और स्वच्छता मिशन की दिशा में जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
यह निर्देश अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) विनय कुमार ने शनिवार को उपायुक्त कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में जिला स्तरीय समितियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए गए कार्यों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। एडीसी ने स्पष्ट किया कि अधिकारी नियमों के प्रति जिम्मेदार रहें और अपने क्षेत्रों में कार्यों के निर्वहन में तेजी लाएं। बैठक में मुख्य रूप से सॉलिड और प्लास्टिक वेस्ट, बायो-मेडिकल और ई-वेस्ट, कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन वेस्ट के प्रबंधन पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत न केवल शहरों, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी ठोस एवं तरल कचरे का सही निष्पादन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। बैठक में जिला की स्वास्थ्य सुविधाओं से निकलने वाले बायो-मेडिकल कचरे के प्रबंधन और नए ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही, जिले में चल रहे और निर्माणाधीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की प्रगति रिपोर्ट का भी जायजा लिया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ वरुण गुप्ता ने बैठक का संचालन किया और एनजीटी से जुड़े विभिन्न मुद्दों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया।
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यह निर्देश अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) विनय कुमार ने शनिवार को उपायुक्त कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में जिला स्तरीय समितियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए गए कार्यों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। एडीसी ने स्पष्ट किया कि अधिकारी नियमों के प्रति जिम्मेदार रहें और अपने क्षेत्रों में कार्यों के निर्वहन में तेजी लाएं। बैठक में मुख्य रूप से सॉलिड और प्लास्टिक वेस्ट, बायो-मेडिकल और ई-वेस्ट, कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन वेस्ट के प्रबंधन पर जोर दिया गया।
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उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत न केवल शहरों, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी ठोस एवं तरल कचरे का सही निष्पादन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। बैठक में जिला की स्वास्थ्य सुविधाओं से निकलने वाले बायो-मेडिकल कचरे के प्रबंधन और नए ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही, जिले में चल रहे और निर्माणाधीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की प्रगति रिपोर्ट का भी जायजा लिया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ वरुण गुप्ता ने बैठक का संचालन किया और एनजीटी से जुड़े विभिन्न मुद्दों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया।