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Kangra News: धर्मशाला अस्पताल में 10 बार रक्तदान करने वालों को मिलेंगे प्राथमिकता कार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 25 Jan 2026 07:59 AM IST
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धर्मशाला अस्पताल में रक्तदाता को कार्ड देकर योजना का शुभारंभ करती एमएस डॉ. अनुराधा शर्मा। संवाद
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धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला ने नियमित और निस्वार्थ रक्तदाताओं को सम्मानित करने के लिए एक विशेष प्राथमिकता कार्ड योजना शुरू की है। हिमाचल दिवस के अवसर पर शुरू की गई इस योजना के तहत अब रक्तदाताओं को अस्पताल की ओपीडी, लैब टेस्ट या डिस्पेंसरी में लंबी लाइनों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। इस कार्ड के माध्यम से उन्हें प्राथमिकता के आधार पर त्वरित चिकित्सा सुविधा दी जाएगी।
अस्पताल प्रशासन ने इस कार्ड के लिए कुछ मानक तय किए हैं। यह कार्ड केवल उन्हीं रक्तदाताओं को मिलेगा जिन्होंने कम से कम 10 बार रक्तदान किया है। कार्ड की वैधता बनाए रखने के लिए साल में दो बार रक्तदान करना अनिवार्य होगा। इस कार्ड का लाभ केवल रक्तदाता स्वयं के इलाज के लिए ही ले सकेगा। नियमों के उल्लंघन पर कार्ड रद्द करने का प्रावधान भी रखा गया है।
यह योजना कांगड़ा सेवियर संस्था की धर्मशाला इकाई के सहयोग से शुरू की गई है। शुभारंभ के पहले दिन 10 नियमित रक्तदाताओं के कार्ड बनाए गए। इनमें पहले दिन सैनी सूद, निशांत सूद, आकर्ष पडियाल, शालीमा शर्मा, जगमोहन, तरुण धीमान, राघवेंद्र ठाकुर, अजय परमार, सचिन चौधरी, पंकज पठानिया का प्राथमिकता कार्ड बनाया गया है। इस दौरान निशांत सूद, जगमोहन ने रक्तदान भी किया।
कांगड़ा सेवियर के अध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि इस पहल से रक्तदान को बढ़ावा मिलेगा और लोग भी प्रेरित होंगे। धर्मशाला अस्पताल प्रदेश का ऐसा पहला स्वास्थ्य संस्थान बन गया है जिसने रक्तदाताओं के सम्मान में यह कदम उठाया है। वहीं, धर्मशाला सेवियर के समन्वयक एवं टीम निफा हिमाचल प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष तरुण धीमान ने कहा कि अस्पताल में रक्तदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए कॉफी मग और नाइट डोनेशन (शाम के समय रक्तदान) जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
रक्तदान को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना जरूरी है। रक्तदान से कोई कमजोरी नहीं आती, बल्कि इससे किसी का जीवन बचाया जा सकता है। -डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला
जब भी अस्पताल में रक्त की आवश्यकता होती है, धर्मशाला सेवियर के सदस्य हमेशा तत्पर रहते हैं। युवाओं को प्रेरित करने के लिए परिसर में इस योजना के पोस्टर भी लगाए जाएंगे। -डॉ. सुनील भट्ट, एसएमओ
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अस्पताल प्रशासन ने इस कार्ड के लिए कुछ मानक तय किए हैं। यह कार्ड केवल उन्हीं रक्तदाताओं को मिलेगा जिन्होंने कम से कम 10 बार रक्तदान किया है। कार्ड की वैधता बनाए रखने के लिए साल में दो बार रक्तदान करना अनिवार्य होगा। इस कार्ड का लाभ केवल रक्तदाता स्वयं के इलाज के लिए ही ले सकेगा। नियमों के उल्लंघन पर कार्ड रद्द करने का प्रावधान भी रखा गया है।
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यह योजना कांगड़ा सेवियर संस्था की धर्मशाला इकाई के सहयोग से शुरू की गई है। शुभारंभ के पहले दिन 10 नियमित रक्तदाताओं के कार्ड बनाए गए। इनमें पहले दिन सैनी सूद, निशांत सूद, आकर्ष पडियाल, शालीमा शर्मा, जगमोहन, तरुण धीमान, राघवेंद्र ठाकुर, अजय परमार, सचिन चौधरी, पंकज पठानिया का प्राथमिकता कार्ड बनाया गया है। इस दौरान निशांत सूद, जगमोहन ने रक्तदान भी किया।
कांगड़ा सेवियर के अध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि इस पहल से रक्तदान को बढ़ावा मिलेगा और लोग भी प्रेरित होंगे। धर्मशाला अस्पताल प्रदेश का ऐसा पहला स्वास्थ्य संस्थान बन गया है जिसने रक्तदाताओं के सम्मान में यह कदम उठाया है। वहीं, धर्मशाला सेवियर के समन्वयक एवं टीम निफा हिमाचल प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष तरुण धीमान ने कहा कि अस्पताल में रक्तदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए कॉफी मग और नाइट डोनेशन (शाम के समय रक्तदान) जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
रक्तदान को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना जरूरी है। रक्तदान से कोई कमजोरी नहीं आती, बल्कि इससे किसी का जीवन बचाया जा सकता है। -डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला
जब भी अस्पताल में रक्त की आवश्यकता होती है, धर्मशाला सेवियर के सदस्य हमेशा तत्पर रहते हैं। युवाओं को प्रेरित करने के लिए परिसर में इस योजना के पोस्टर भी लगाए जाएंगे। -डॉ. सुनील भट्ट, एसएमओ