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Kangra News: शक्तिपीठों में उमड़े श्रद्धालु, 66 हजार ने टेका मत्था
Mon, 17 Aug 2026 07:44 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 17 Aug 2026 07:44 AM IST
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ज्वालामुखी मंदिर में रविवार को दर्शन के लिए कतारों में लगे श्रद्धालु। -संवाद
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ज्वालामुखी/चामुंडा/कांगड़ा। श्रावण अष्टमी के चौथे नवरात्र पर रविवार को कांगड़ा जिले के शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमडी। जिले के तीन प्रमुख मंदिरों ज्वालामुखी, श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम और बज्रेश्वरी देवी मंदिर में करीब 66,000 श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर मां का आशीर्वाद लिया। रविवार की छुट्टी के चलते हिमाचल सहित पंजाब और पड़ोसी राज्यों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी में 50,000, श्री चामुंडा धाम में 12,000 और कांगड़ा के माता बज्रेश्वरी मंदिर में 4,000 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। ज्वालामुखी मंदिर अधिकारी अजय मंड़याल ने बताया कि भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और दर्शन के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। तीसरे नवरात्र पर मंदिर में 9.75 लाख रुपये का चढ़ावा आया। उधर, एसडीएम डॉ. संजीव शर्मा ने परिवार सहित मां के दर्शन किए और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
कांगड़ा मंदिर के अधिकारी प्रकाश चंद के अनुसार बज्रेश्वरी मंदिर में तीसरे दिन 2.77 लाख रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ। चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में भी सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 13 संस्थाओं द्वारा जगह-जगह लंगर लगाए गए। एक तरफ जहां लंगर व्यवस्था बेहतर रही, वहीं दूसरी तरफ शक्तिपीठों में ठहरने के लिए पर्याप्त सरायों की कमी से दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
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मजबूरन कई परिवारों, महिलाओं और बच्चों को दुकानों के बाहर व सड़कों के किनारे रात गुजारनी पड़ी। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से बड़े मेलों के दौरान अतिरिक्त रात्रि विश्राम की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।
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प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी में 50,000, श्री चामुंडा धाम में 12,000 और कांगड़ा के माता बज्रेश्वरी मंदिर में 4,000 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। ज्वालामुखी मंदिर अधिकारी अजय मंड़याल ने बताया कि भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और दर्शन के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। तीसरे नवरात्र पर मंदिर में 9.75 लाख रुपये का चढ़ावा आया। उधर, एसडीएम डॉ. संजीव शर्मा ने परिवार सहित मां के दर्शन किए और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
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कांगड़ा मंदिर के अधिकारी प्रकाश चंद के अनुसार बज्रेश्वरी मंदिर में तीसरे दिन 2.77 लाख रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ। चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में भी सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 13 संस्थाओं द्वारा जगह-जगह लंगर लगाए गए। एक तरफ जहां लंगर व्यवस्था बेहतर रही, वहीं दूसरी तरफ शक्तिपीठों में ठहरने के लिए पर्याप्त सरायों की कमी से दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
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मजबूरन कई परिवारों, महिलाओं और बच्चों को दुकानों के बाहर व सड़कों के किनारे रात गुजारनी पड़ी। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से बड़े मेलों के दौरान अतिरिक्त रात्रि विश्राम की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।