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Kangra News: नेत्र जांच के इंतजार में पथराईं आंखें
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धर्मशाला अस्पताल में नेत्र रोग ओपीडी के बाहर जमीन पर बैठकर बारी की इंतजार करते हुए महिलाएं। अमर
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धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला की नेत्र जांच ओपीडी में बारी के इंतजार में मरीजों की आंखें पथरा रहीं हैं। सुबह से लाइनों में लगकर मरीज बारी के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। रोजाना सैकड़ों मरीजों की जांच के लिए केवल एक विशेषज्ञ होने से मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। कई मरीज बिना जांच लौट रहे हैं।
धर्मशाला अस्पताल में सुबह नौ बजे से ही ओपीडी के बाहर मरीजों की लाइनें लगना शुरू हो जाती हैं। मंगलवार को संवाददाता ने 11:30 से 12 बजे तक अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान पाया कि नेत्र जांच ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ लगी थी। सभी बेंच भरे थे और कुछ मरीज लाइन में लगकर बारी का इंतजार कर रहे थे।
कुछ बुजुर्ग मरीज बेंच पर ही मुरझाई आंखों से इंतजार कर रहे थे। कुछ फर्श पर ही बैठने को मजबूर थे। दोपहर 12 बजे तक 61 मरीजों ने पर्ची बना ली थी। कुछ पुराने मरीज जांच के लिए पहुंचे थे। 12 बजे तक ओपीडी में 28 ही मरीजों की जांच हो पाई थी। एकमात्र नेत्र जांच विशेषज्ञ ऑपरेशन भी करता है। ऑप्थेल्मिक ऑफिसर का पद लंबे समय से रिक्त है।
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अस्पताल में ऑप्थेल्मिक ऑफिसर न होने से यह समस्या पेश आ रही है। रिक्त पद के बारे में सरकार को अवगत करवाया गया है। -डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला
आंखों की जांच वाली ओपीडी में काफी भीड़ होती है। इसलिए सुबह 8 बजे ही घर से आ गई थी ताकि जल्द पहुंचकर पहले नंबर पड़ जाए। -रमा देवी, मरीज, निवासी पासू
सुबह ही अस्पताल पहुंच गया था। पर्ची बनाने के बाद मेरा नंबर 61 है। आंखों से बार-बार पानी निकलता है। इसी की जांच के लिए आया हूं। -चमारू राम, मरीज, निवासी भितलू
आंखों में दिक्कत के चलते चेकअप करवाने आया था। चिकित्सक ने आंखों में दवाई डाल दी है। थोड़ी देर बैठने को कहा है लेकिन अब फिर से इंतजार करना पड़ेगा। -पुरुषोत्तम दास, मरीज, निवासी सिद्धबाड़ी
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धर्मशाला अस्पताल में सुबह नौ बजे से ही ओपीडी के बाहर मरीजों की लाइनें लगना शुरू हो जाती हैं। मंगलवार को संवाददाता ने 11:30 से 12 बजे तक अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान पाया कि नेत्र जांच ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ लगी थी। सभी बेंच भरे थे और कुछ मरीज लाइन में लगकर बारी का इंतजार कर रहे थे।
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कुछ बुजुर्ग मरीज बेंच पर ही मुरझाई आंखों से इंतजार कर रहे थे। कुछ फर्श पर ही बैठने को मजबूर थे। दोपहर 12 बजे तक 61 मरीजों ने पर्ची बना ली थी। कुछ पुराने मरीज जांच के लिए पहुंचे थे। 12 बजे तक ओपीडी में 28 ही मरीजों की जांच हो पाई थी। एकमात्र नेत्र जांच विशेषज्ञ ऑपरेशन भी करता है। ऑप्थेल्मिक ऑफिसर का पद लंबे समय से रिक्त है।
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अस्पताल में ऑप्थेल्मिक ऑफिसर न होने से यह समस्या पेश आ रही है। रिक्त पद के बारे में सरकार को अवगत करवाया गया है। -डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला
आंखों की जांच वाली ओपीडी में काफी भीड़ होती है। इसलिए सुबह 8 बजे ही घर से आ गई थी ताकि जल्द पहुंचकर पहले नंबर पड़ जाए। -रमा देवी, मरीज, निवासी पासू
सुबह ही अस्पताल पहुंच गया था। पर्ची बनाने के बाद मेरा नंबर 61 है। आंखों से बार-बार पानी निकलता है। इसी की जांच के लिए आया हूं। -चमारू राम, मरीज, निवासी भितलू
आंखों में दिक्कत के चलते चेकअप करवाने आया था। चिकित्सक ने आंखों में दवाई डाल दी है। थोड़ी देर बैठने को कहा है लेकिन अब फिर से इंतजार करना पड़ेगा। -पुरुषोत्तम दास, मरीज, निवासी सिद्धबाड़ी

धर्मशाला अस्पताल में नेत्र रोग ओपीडी के बाहर जमीन पर बैठकर बारी की इंतजार करते हुए महिलाएं। अमर

धर्मशाला अस्पताल में नेत्र रोग ओपीडी के बाहर जमीन पर बैठकर बारी की इंतजार करते हुए महिलाएं। अमर

धर्मशाला अस्पताल में नेत्र रोग ओपीडी के बाहर जमीन पर बैठकर बारी की इंतजार करते हुए महिलाएं। अमर

धर्मशाला अस्पताल में नेत्र रोग ओपीडी के बाहर जमीन पर बैठकर बारी की इंतजार करते हुए महिलाएं। अमर

धर्मशाला अस्पताल में नेत्र रोग ओपीडी के बाहर जमीन पर बैठकर बारी की इंतजार करते हुए महिलाएं। अमर