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Kangra News: पूर्व आईटीबीपी अधिकारी के परिजनों को मिलेगा 15 लाख मुआवजा
Mon, 22 Jun 2026 01:34 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 22 Jun 2026 01:34 AM IST
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धर्मशाला। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण कांगड़ा स्थित धर्मशाला के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश चौहान ने एक मामले में पूर्व आईटीबीपी अधिकारी सुखदेव सिंह राणा के निधन के बाद पत्नी और बेटी को 15 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। न्यायालय ने बीमा कंपनी को यह राशि 7.5 फीसदी वार्षिक ब्याज सहित याचिका दायर करने की तिथि से दो माह के भीतर अदा करने के निर्देश दिए हैं। मुआवजा राशि का 70 फीसदी हिस्सा पत्नी और 30 फीसदी हिस्सा पुत्री को दिया जाएगा।
धर्मशाला के सिविल बाजार निवासी सुखदेव सिंह राणा 10 अप्रैल 2022 को पुत्र फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवम राणा की कार से एक अदालती मामले की पैरवी के लिए रिकांगपिओ गए थे। इसके अगले दिन 11 अप्रैल 2022 को न्यायालय की कार्यवाही पूरी करने के बाद वह अकेले ही वाहन चलाकर धर्मशाला लौट रहे थे। इसी दौरान किन्नौर जिले की निचार तहसील में सोल्डिंग पुल के पास कार के अचानक ब्रेक फेल हो गए जिससे वाहन अनियंत्रित होकर नाले की गहरी खाई में जा गिरा। दुर्घटना में वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सुखदेव सिंह राणा को गंभीर चोटें आईं।
सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। उनकी पत्नी सुषमा राणा और पुत्री साक्षी ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166 के तहत मुआवजे के लिए दावा याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि दुर्घटना वाहन के अचानक ब्रेक फेल होने के कारण हुई और चालक वाहन चलाने के लिए विधिवत अधिकृत था। उनके पास वैध एवं प्रभावी ड्राइविंग लाइसेंस भी था। न्यायालय ने बीमा कंपनी की आपत्तियों को खारिज करते हुए याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाया।
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धर्मशाला के सिविल बाजार निवासी सुखदेव सिंह राणा 10 अप्रैल 2022 को पुत्र फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवम राणा की कार से एक अदालती मामले की पैरवी के लिए रिकांगपिओ गए थे। इसके अगले दिन 11 अप्रैल 2022 को न्यायालय की कार्यवाही पूरी करने के बाद वह अकेले ही वाहन चलाकर धर्मशाला लौट रहे थे। इसी दौरान किन्नौर जिले की निचार तहसील में सोल्डिंग पुल के पास कार के अचानक ब्रेक फेल हो गए जिससे वाहन अनियंत्रित होकर नाले की गहरी खाई में जा गिरा। दुर्घटना में वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सुखदेव सिंह राणा को गंभीर चोटें आईं।
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सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। उनकी पत्नी सुषमा राणा और पुत्री साक्षी ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166 के तहत मुआवजे के लिए दावा याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि दुर्घटना वाहन के अचानक ब्रेक फेल होने के कारण हुई और चालक वाहन चलाने के लिए विधिवत अधिकृत था। उनके पास वैध एवं प्रभावी ड्राइविंग लाइसेंस भी था। न्यायालय ने बीमा कंपनी की आपत्तियों को खारिज करते हुए याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाया।
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